निषाद राज बोट सब्सिडी योजना के लिए किये गए अधिकतर आवेदन हुए निरस्त

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कानपुर, निषाद राज बोट सब्सिडी योजना का लाभ लेने के लिए किए गए आवेदनों में अधिकतर आवेदन खामियों के चलते स्वत: निरस्त हो गए। जिसकी वजह से उप्र शासन ने योजना में लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए पुन: आवेदन करने का समय बढ़ाते हुए 31 अगस्त कर दिया। यह जानकारी शुक्रवार को कानपुर के सहायक निदेशक मत्स्य एन.के. अग्रवाल ने दी।

उन्होंने बताया योगी सरकार प्रदेश में रहने वाले पिछड़ा वर्ग के सबसे कमजोर वर्ग मछुआरा समाज को मजबूत करने के लिए कई लाभकारी योजनाएं संचालित कर रही है। जिसके तहत उप्र सरकार ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, निषाद राज बोट सब्सिडी योजना, मुख्यमंत्री मछुआ आवास योजना समेत अन्य योजनाओं का लाभ देने के लिए आवेदन मांगे थे।

इस वित्तीय वर्ष में मत्स्य विभाग ने निषाद राज बोट सब्सिडी योजना के लिए लाभ देने के लिए विभिन्न माध्यमों से मछुआरा समाज से अपील किया है। लेकिन जितने भी आवेदन शासन के पास पहुंचे । इनमें से अधिकतर लाभार्थियों का आवेदन निरस्त हो गया। जिसकी वजह योजना के संबंध में जानकारी होने का अभाव माना जा रहा है। जिससे आवेदन निरस्त हो गया।

इस योजना के तहत सरकार प्रत्येक लाभार्थी को 67 हजार रुपए खर्च करने होगे। जिसमें मछुआरा समाज के प्रत्येक लाभार्थी को नाव 50 हजार की खरीदनी होगी और 17 हजार में मछली पकड़ने के लिए जाल एवं लाइफ जैकेट भी खरीदना होगा। सरकार इस योजना में प्रत्येक लाभार्थी को 40 प्रतिशत का अनुदान देगी।

योगी सरकार मछुआरा समाज के आवेदकों में सबसे पहली प्राथमिकता भूमिहीन मछुआरों को देगी। दूसरी प्राथमिकता आवास विहीन मछुआरा और तृतीय प्राथमिकता अन्य दूसरे समाज के जो मछली पालन के कारोबार से बीते काफी दिनों से जुड़े है।

नदियों के किनारे लगाए जाएंगे जागरूकता शिविर

एन.के.अग्रवाल अग्रवाल ने बताया कि शासन के निर्देश के मुताबिक नदियों के किनारे निवास करने वाले मछुआरा समाज के बीच प्रचार-प्रसार एवं जागरूक करने के लिए निर्देश दिया है। अभियान के तहत गंगा नदी के सरसैया घाट पर निषादों के बीच जागरूकता अभियान चलाया गया। 4 अगस्त को घाटमपुर तहसील में जागरूकता शिविर लगाया जाएगा।

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