Republic Day -कर्तव्य पथ पर उत्तर प्रदेश की झांकी में राम मंदिर

WhatsAppFacebookTwitterLinkedIn

देश के 75वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में उत्तर प्रदेश की झांकी ने सभी का मन मोह लिया, जिसमें राम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा समारोह की झलक दिखाई गई।

झांकी में देश के पहले ‘रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम’ (आरआरटीएस) को भी दर्शाया गया है।

झांकी के अग्र भाग में 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर में हुए प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के प्रतीक के तौर पर भगवान राम की एक मूर्ति लगाई गई थी, जो धनुष और तीर पकड़े हुई थी।

झांकी के साथ महिला कलाकारों के एक समूह ने ब्रज क्षेत्र के लोकप्रिय पारंपरिक नृत्य ‘चरकुला’ और ‘बधावा’ किया।

बीएसएफ की टुकड़ी के ऊंटों ने कर्तव्य पथ की शान बढ़ाई

गणतंत्र दिवस समारोह की परेड के दौरान सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की टुकड़ी के हिस्से के रूप में शुक्रवार को चमकीली बहुरंगी काठी में ऊंटों ने कर्तव्य पथ पर मार्च किया।

इस दृश्य ने सबका मन मोह लिया।

इस टुकड़ी का नेतृत्व सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के डिप्टी कमांडेंट मनोहर सिंह खींची ने किया। इंस्पेक्टर शैतान सिंह और दो सब-इंस्पेक्टर-रैंक अधिकारी भी उनके साथ थे।

दल में महिला ऊंट सवार थीं, जो उन क्षेत्रों में कौशल का प्रदर्शन कर रही थीं, जिन्हें केवल पुरुषों का क्षेत्र माना जाता है।

‘रेगिस्तान के जहाज’ कहे जाने वाले ऊंट राजस्थान के थार रेगिस्तान और कच्छ के रण के दुर्गम इलाके में सीमा सुरक्षा बल के जवानों के भरोसेमंद साथी माने जाते हैं।

ऊंट पर सवार सैनिक राजस्थान और गुजरात सीमा पर तस्करों और चरमपंथियों का सफलतापूर्वक मुकाबला करने में सहायक रहे हैं।

भारत में जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान बीएसएफ ऊंट दल के प्रदर्शन को विदेशी प्रतिनिधियों ने भी सराहा था।

बीएसएफ के ऊंट पर सवार बैंड ने परेड के दौरान ”हम हैं सीमा सुरक्षा बल, बहादुरों का दल” की मधुर धुन बजाई। यह दुनिया में अपनी तरह का एकमात्र बैंड है।

इसने पहली बार 1990 में गणतंत्र दिवस परेड में भाग लिया था।

आईटीबीपी की महिला टुकड़ी ने बजायी ‘सारे जहां से अच्छा’ की धुन; गूंजा कर्तव्य पथ

भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की महिला बैंड टुकड़ी ने गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर शुक्रवार को कर्तव्य पथ पर मार्च किया और इस दौरान बैंड द्वारा बजायी गयी ‘सारे जहां से अच्छा’ की धुन से दर्शक रोमांचित हो उठे।

आईटीबीपी की ‘महिला बैंड टुकड़ी’ का नेतृत्व बैंड कमांडर कांस्टेबल अंबिका पाटिल ने किया। दल ने अपनी औपचारिक पोशाक में अल्लामा मोहम्मद इकबाल द्वारा लिखित ‘सारे जहां से अच्छा’ की धुन पर मार्च किया।

संपूर्ण महिला टुकड़ी का नेतृत्व सहायक कमांडेंट मोनिया शर्मा ने किया, जिसमें तीन अधीनस्थ अधिकारी (महिलाएं) और 144 अन्य रैंक (महिलाएं) शामिल थीं।

आईटीबीपी बल के सैनिकों को हिमवीर के नाम से जाना जाता है। वे लद्दाख से अरुणाचल प्रदेश तक दुनिया की 3,488 किलोमीटर की सबसे ऊंची और सबसे दुर्गम सीमाओं की रक्षा करते हैं।

आईटीबीपी को वीरता, खेल और साहसिक कार्य के लिए छह शौर्य चक्र, दो कीर्ति चक्र, एक सेना पदक, 19 राष्ट्रपति पुलिस पदक और कई अन्य पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।

एनएसएस की 200 महिला स्वयंसेवियों ने कर्तव्य पथ पर मार्च किया

राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की 200 महिला स्वयंसेवियों की एक टुकड़ी ने शुक्रवार को गणतंत्र दिवस परेड में भाग लिया और कर्तव्य पथ पर मार्च किया।

एनएसएस से 39 लाख स्वयंसेवी जुड़े हैं जो 657 विश्वविद्यालयों, 51 निदेशालयों और दो परिषदों, 20,669 कॉलेजों और उच्च शिक्षा संस्थानों एवं 11,998 उच्च माध्यमिक विद्यालयों से संबद्ध हैं।

एनएसएस के क्षेत्रीय निदेशालय (गुवाहाटी) से रागिना तमांग की अगुवाई में टुकड़ी ने मार्च किया।

एनएसएस स्वयंसेवियों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संवर्धन, ग्रामीण विकास, आपदा प्रबंधन, श्रमदान, स्वच्छता, रक्तदान, वृक्षारोपण, पल्स पोलियो टीकाकरण, लैंगिक न्याय आदि के क्षेत्र में समुदाय के लिए विभिन्न सेवाओं की खातिर जाना जाता है।

वर्ष 2022-2023 के दौरान एनएसएस स्वयंसेवियों ने 1,60,540 यूनिट रक्तदान किया था और 23,00,239 पौधे लगाए थे।

Share Reality:
WhatsAppFacebookTwitterLinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *