Scam Katha -महादेव ऐप मालिक रवि उप्पल दुबई से हिरासत में

WhatsAppFacebookTwitterLinkedIn

दुबई, महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप के दो मुख्य मालिकों में से एक रवि उप्पल को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अनुरोध पर इंटरपोल द्वारा जारी रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर दुबई में स्थानीय पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। Mahadev app. scam owner Ravi Uppal has been arrested from Dubai UAE after ED generated Red Corner notice for him. Local police played a vital role in this arrest.

आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

सूत्रों के मुताबिक, उप्पल (43) को पिछले हफ्ते हिरासत में लिया गया था और प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी उसे भारत लाने के लिए दुबई के अधिकारियों के संपर्क में हैं।

प्रवर्तन निदेशालय कथित अवैध सट्टेबाजी से जुड़े धन शोधन मामले में उप्पल के खिलाफ जांच कर रहा है। निदेशालय के अलावा छत्तीसगढ़ पुलिस और मुंबई पुलिस भी जांच कर रही हैं।

संघीय जांच एजेंसी ने अक्टूबर में छत्तीसगढ़ के रायपुर में ‘धन शोधन निवारण अधिनियम’ (पीएमएलए) की एक विशेष अदालत के समक्ष उप्पल और इंटरनेट-आधारित मंच के एक अन्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर के खिलाफ धन शोधन मामले में आरोप पत्र दायर किया था।

बाद में प्रवर्तन निदेशालय के अनुरोध पर इंटरपोल ने एक रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था।

एजेंसी ने आरोप पत्र में अदालत को बताया था कि उप्पल ने प्रशांत महासागर में एक द्वीप देश वानुआतु का पासपोर्ट लिया है तथा उसने भारतीय नागरिकता नहीं छोड़ी है।

इसमें आरोप लगाया गया था कि उप्पल एक सहायक पुलिस उपनिरीक्षक ‘चंद्रभूषण वर्मा’ और कुछ अन्य लोगों के माध्यम से छत्तीसगढ़ के नौकरशाहों और नेताओं को रिश्वत के पैसे पहुंचाने की देखरेख कर रहा था।

प्रवर्तन निदेशालय के मुताबिक, इस मामले में अपराध से हुई अनुमानित आय लगभग 6,000 करोड़ रुपये है।

एजेंसी ने नवंबर में छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के पहले चरण से ठीक पहले दावा किया था कि फोरेंसिक विश्लेषण और असीम दास नाम के व्यक्ति द्वारा दिए गए बयान से ‘चौंकाने वाले’ खुलासे हुए हैं कि महादेव सट्टेबाजी ऐप के प्रवर्तकों ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को अब तक लगभग 508 करोड़ रुपये का भुगतान किया है और यह जांच का विषय है।

अधिकारियों ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय की जांच से पता चला है कि महादेव ऐप संयुक्त अरब अमीरात के एक केंद्रीय प्रधान कार्यालय से चलाया जाता है। कंपनी के प्रवर्तक छत्तीसगढ़ के भिलाई से हैं।

Share Reality:
WhatsAppFacebookTwitterLinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *