सीतारमण का एआईआईबी को बुनियादी ढांचे की जरूरतों के लिए नवीन वित्तपोषण तरीके अपनाने का सुझाव

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गांधीनगर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को एशियाई अवसंरचना निवेश बैंक (एआईआईबी) को सदस्य देशों की बुनियादी ढांचे की जरूरतों को पूरा करने के लिए नवोन्मेषी वित्तीय तरीके अपनाने का सुझाव दिया।

सीतारमण ने जी20 के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों की तीसरी बैठक से इतर गांधीनगर में एआईआईबी के अध्यक्ष जिन लिकुन से मुलाकात की और वर्तमान वैश्विक विकासात्मक चुनौतियों से निपटने में एआईआईबी सहित बहुपक्षीय विकास बैंकों (एमडीबी) की भूमिका पर चर्चा की।

वित्त मंत्रालय ने ट्वीट किया, “भारत और एआईआईबी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते हुए वित्त मंत्री ने सुझाव दिया कि एआईआईबी को सदस्य देशों की बुनियादी ढांचों से संबंधित जरूरतों को पूरा करने के लिए नवोन्मेषी वित्तपोषण और वित्तीय उपायों का उपयोग करना चाहिए।”

वित्त मंत्री ने जी20 में भारत की अध्यक्षता का समर्थन करने के लिए एआईआईबी की सराहना की। उन्होंने बहुपक्षीय विकास बैंकों में सुधार और सभी एमडीबी में सहयोग और समन्वय के महत्व पर प्रकाश डाला।

ट्वीट में कहा गया, “वित्त मंत्री ने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और भारत के अन्य सीमावर्ती राज्यों में शासन, कर्मियों और भारतीय परियोजनाओं की मंजूरी से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा की।”

सीतारमण ने कनाडा की उपप्रधानमंत्री के साथ व्यापार वार्ताओं की प्रगति पर चर्चा की

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कनाडा की उपप्रधानमंत्री क्रिस्टिया फ्रीलैंड के साथ द्विपक्षीय व्यापार वार्ताओं की प्रगति पर चर्चा की।

दोनों मंत्रियों की यह बैठक गुजरात के गांधीनगर में वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की तीसरी बैठक से इतर हुई।

फ्रीलैंड कनाडा की वित्त मंत्री भी हैं। उन्होंने कहा कि कनाडा के पेंशन कोष भारत के अवसंरचना कोषों में निवेश करने के इच्छुक हैं, क्योंकि भारत में निवेश का माहौल काफी स्थिर है।

वित्त मंत्रालय ने ट्वीट किया, ”दोनों नेताओं ने भारत-कनाडा के बीच चल रही व्यापार वार्ताओं की प्रगति की समीक्षा की।”

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