Mumbai – रणबीर कपूर / Ranbir kapoor की ‘रामायण / Ramayan’ पर अरुण गोविल / Arun Govil का बड़ा बयान. Will Ranbir Kapoor be able to prove a good choice for this Self-sponsored role of ‘Shri Ram’? We suppose Not. He as a beef eater with addictive drug n drink habits. Isn’t this Bollywood film going to be a Hindu audience faith manipulator like Adipurush, Brahmastra, OMG 2, PK, Kalki and many more debatable unethical bollywood projects which hurt, kill hindu emotions ruthlessly on the name of Freedom to speak.

Mumbai -प्रभास स्टारर ‘आदिपुरुष’ को लेकर हुए विवादों और दर्शकों की निराशा के बाद अब हर किसी की नजर रणबीर कपूर की मेगा बजट फिल्म ‘रामायण’ पर टिकी है। करीब 4,000 करोड़ के बजट में बन रही इस फिल्म को लेकर फैंस के मन में उत्सुकता के साथ संशय भी है। ऐसे में टीवी के प्रतिष्ठित ‘राम’ अरुण गोविल ने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखी है। खास बात यह है कि वह इस फिल्म में राजा दशरथ की भूमिका निभा रहे हैं।
राम का किरदार निभाने के लिए आत्मा का शुद्ध होना जरूरी

अरुण गोविल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि किसी भी कलाकार के लिए भगवान का किरदार निभाना सिर्फ अभिनय नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है। उनके मुताबिक, भगवान की भूमिका निभाने के लिए इंसान की आत्मा का साफ और अच्छा होना बहुत जरूरी है। साथ ही वह एक अच्छा इंसान भी होना चाहिए। उन्होंने निर्देशक नितेश तिवारी की तारीफ करते हुए कहा कि पूरी टीम ने इस फिल्म पर बेहद मेहनत की है। रणबीर कपूर को लेकर उन्होंने सकारात्मक राय देते हुए कहा कि वे न केवल शानदार अभिनेता हैं, बल्कि अच्छे इंसान भी हैं और भगवान राम के रूप में प्रभावशाली लग रहे हैं।
‘आदिपुरुष’ से तुलना करना ठीक नहीं

अरुण गोविल ने साफ कहा कि रणबीर कपूर की ‘रामायण’ की तुलना ‘आदिपुरुष’ से करना गलत होगा। उनके अनुसार हर निर्देशक का विजन अलग होता है और किसी एक फिल्म की असफलता के आधार पर दूसरी फिल्म को पहले से जज करना सही नहीं। उन्होंने कहा कि ‘आदिपुरुष’ एक अलग तरह का प्रयास था, जबकि ‘रामायण’ एक नया और स्वतंत्र प्रोजेक्ट है, जिसे उसी नजरिए से देखा जाना चाहिए।
भगवान जैसा दिखना भी जरूरी

अरुण गोविल ने यह भी माना कि जब एक मानक स्थापित हो जाता है तो तुलना होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा, भगवान की भूमिका निभाने के लिए लुक बहुत मायने रखता है। दर्शकों को स्क्रीन पर देखते ही महसूस होना चाहिए कि वे सच में भगवान को देख रहे हैं।
भव्य पैमाने पर बन रही है ‘रामायण’

68 वर्षीय अरुण गोविल ने बताया कि उन्होंने फिल्म की शूटिंग काफी पहले पूरी कर ली थी। यह फिल्म नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियो द्वारा बनाई जा रही है, जिसमें यश की कंपनी मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस भी सहयोग कर रही है। फिल्म आधुनिक तकनीक और अत्याधुनिक वीएफएक्स की मदद से दर्शकों को हजारों साल पुराने युग में ले जाने का प्रयास करेगी। भव्य पैमाने, दमदार स्टारकास्ट और मजबूत तकनीकी टीम के साथ ‘रामायण’ को भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक माना जा रहा है। अब देखना दिलचस्प होगा कि यह फिल्म दर्शकों की उम्मीदों पर कितनी खरी उतरती है।