राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बीते 10 साल में देश में रेलवे, विमानन, सड़कों और बंदरगाहों के क्षेत्र में ढांचागत विस्तार को विकसित भारत की गारंटी बताया और कहा, ‘‘हम ऐसी विरासत छोड़ कर जायेंगे कि 2047 में आने वाली पीढ़ी हमें याद करेगी।”
श्रीमती मुर्मु ने संसद के बजट सत्र के शुरू होने पर यहां नये संसद भवन में लोकसभा के सदन में दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन को आज संबोधित किया। उन्होंने कहा, “मेरी सरकार 140 करोड़ देशवासियों के सपनों को पूरा करने की गारंटी के साथ आगे बढ़ रही है। मुझे पूरा विश्वास है कि यह नया संसद भवन भारत की ध्येय-यात्रा को निरंतर ऊर्जा देता रहेगा, नई और स्वस्थ परंपरा बनायेगा। वर्ष 2047 को देखने के लिये अनेक साथी तब इस सदन में नहीं होंगे, लेकिन हमारी विरासत ऐसी होनी चाहिए कि तब की पीढ़ी हमें याद करे।”

राष्ट्रपति ने देश में बुनियादी ढांचे के द्रुतगति से हुये विकास का उल्लेख करते हुये कहा कि बीते साल भारत को अपना सबसे बड़ा समुद्री-पुल, अटल सेतु मिला। पिछले 10 वर्षों के दौरान गांवों में पौने चार लाख किलोमीटर नई सड़कें बनी हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई, 90 हजार किलोमीटर से बढ़कर एक लाख 46 हजार किलोमीटर हुई है। चार-लेन राजमार्गों की लंबाई ढाई गुना बढ़ी है। एक्सप्रेस-वे की लंबाई 500 किलोमीटर से बढ़ कर चार हजार किलोमीटर हो गयी है।
उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में भारत को अपनी पहली नमो भारत ट्रेन तथा पहली अमृत भारत ट्रेन मिली। सिर्फ पांच शहरों तक सीमित मेट्रो की सुविधा आज 20 शहरों में है। पच्चीस हजार किलोमीटर से ज्यादा रेलवे ट्रैक बिछाये गये हैं। यह कई विकसित देशों के कुल रेलवे ट्रैक की लंबाई से ज्यादा है। भारत, रेलवे के शत-प्रतिशत विद्युतीकरण के बहुत निकट पहुंच गया है। इस दौरान भारत में पहली बार सेमी हाई स्पीड ट्रेन शुरू हुई हैं। आज 39 से ज्यादा मार्गों पर वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 1300 से ज्यादा रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प हो रहा है।

उन्होंने कहा कि भारतीय एयरलाइंस कंपनी ने दुनिया की सबसे बड़ी विमान खरीद के सौदे किये हैं। आधुनिक एयरक्राफ्ट इंजन भी भारत में बनाया जायेगा। हवाईअड्डों की संख्या 74 से दो गुना बढ़कर 149 हो चुकी है। देश के बड़े बंदरगाहों पर कार्गो वहन क्षमता भी दोगुनी हो गयी है।
राष्ट्रपति ने डिजिटल ढांचे के विकास का उल्लेख करते हुये कहा कि भारत, दुनिया में सबसे तेज़ी से 5-जी रोलआउट करने वाला देश बन गया है। ब्रॉडबैंड इस्तेमाल करने वालों की संख्या में 14 गुना बढ़ोतरी हुई है। देश की लगभग दो लाख गांव पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ा जा चुका है। चार लाख से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर्स भी खुले हैं जो रोजगार का बड़ा माध्यम बने हैं।
उन्होंने कहा कि देश में 10 हजार किलोमीटर गैस पाइपलाइन भी बिछायी गयी हैं। वन नेशन, वन पावर ग्रिड से, बिजली की व्यवस्था में सुधार हुआ है। वन नेशन, वन गैस ग्रिड से गैस आधारित अर्थव्यवस्था को बल मिल रहा है।
राष्ट्रपति ने कहा कि रेलवे भारतीय रेल में यात्रा के लिये प्रत्येक टिकट पर करीब 50 प्रतिशत रियायत देती है। इससे गरीब और मध्यम वर्ग के यात्रियों को हर वर्ष 60 हजार करोड़ रुपये की बचत होती है। गरीब और मध्यम वर्ग को कम कीमत पर हवाई टिकट मिल रहे हैं। उड़ान योजना के अंतर्गत गरीब और मध्यम वर्ग को हवाई टिकटों पर तीन हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की बचत हुई है।

रक्षा क्षेत्र में बढती आत्मनिर्भरता देश की ताकत बनी: मुर्मु
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि रक्षा क्षेत्र में दिनों दिन बढती आत्मनिर्भरता देश की ताकत बन रही है और रक्षा उत्पादन एक लाख करोड रूपये को पार कर गया है
श्रीमती मुर्मु ने संसद के बजट सत्र के पहले दिन बुधवार को यहां दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन काे संबोधित करते हुए कहा कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता से जहां एक ओर देश में रक्षा उत्पादन बढ रहा है वहीं भारत की ताकत भी बढ रही है। उन्होंने कहा कि इसी का परिणाम है कि रक्षा उत्पादन एक लाख करोड़ रूपये के पार पहुंच गया है।” उन्होंने कहा, ‘‘भारत का डिफेंस प्रोडक्शन एक लाख करोड़ रुपए के पार पहुंच चुका है।”
श्रीमती मुर्मु ने कहा कि अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों और युद्धपोत के देश में ही बनाये जाने से देशवासियों को गौरव की अनुभूति हो रही है। उन्होंने कहा, ‘‘आज हर भारतीय, देश में बने एयक्राफ्ट करियर आईएनएस विक्रांत को देखकर, गर्व से भरा हुआ है। लड़ाकू विमान तेजस अब हमारी वायुसेना की ताकत बन रहे हैं। सी-295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट का निर्माण भारत में होने जा रहा है। आधुनिक एयरक्राफ्ट इंजन भी भारत में बनाया जाएगा।”

उन्होंने कहा कि सरकार देश में रक्षा उत्पादन के लिए बुनियादी ढांचे का विस्तार कर रही है और उसने रक्षा क्षेत्र के दरवाजे निजी क्षेत्र के लिए भी खोल दिये हैं। उन्होंने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में डिफेन्स कॉरिडोर का विकास हो रहा है। मेरी सरकार ने डिफेंस सेक्टर में निजी क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित की है। स्पेस सेक्टर को भी हमारी सरकार ने युवा स्टार्ट-अप्स के लिए खोल दिया है।”
सरकार ने उपक्षित आदिवासी गांवों तक बिजली, सड़क पहुंचायी: मुर्मु
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार मानव केंद्रित विकास पर बल दे रही है और हर नागरिक की गरिमा को सर्वोपरि मानते हुए बिजली,सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं उन आदिवासी बस्तियों तक पहुंचायी है जिनकी अब तक सुध नहीं ली गयी थी ।
श्रीमती मुर्मु ने संसद के बजट सत्र के पहले दिन दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुये कहा, ‘‘मेरी सरकार ने उनकी भी सुध ली है, जो अब तक विकास की धारा से दूर रहे हैं। ऐसे हजारों आदिवासी गांव हैं जहां बीते 10 वर्षों में पहली बार बिजली और सड़क पहुंची है।”
उन्होंने कहा, ‘हमारे यहां लंबे समय तक सिर्फ अधिकारों पर चर्चा होती थी। हमने सरकार के कर्तव्यों पर भी बल दिया। इससे नागरिकों में भी कर्तव्य-भाव जागा। यही सामाजिक न्याय की हमारी अवधारणा है और भारत के संविधान के हर अनुच्छेद का संदेश भी यही है।आज अपने-अपने कर्तव्य के पालन से हर अधिकार की गारंटी का भाव जागृत हुआ है।’

उन्होंने कहा कि लाखों आदिवासी परिवारों को अब जाकर नल से शुद्ध पानी मिलना शुरू हुआ है। विशेष अभियान के तहत सरकार, हजारों आदिवासी बहुल गांवों में 4जी इंटरनेट सुविधा भी पहुंचा रही है। वन-धन केंद्रों की स्थापना और 90 से ज्यादा वन-उपज पर न्यूनतम समर्थन मूल्य दिये जाने से आदिवासियों को बहुत लाभ हुआ है।
राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘मेरी सरकार ने पहली बार, जनजातियों में भी सबसे पिछड़ी जनजातियों की सुध ली है। उनके लिये लगभग 24 हज़ार करोड़ रुपये की पीएम जनमन योजना बनायी है। आदिवासी परिवारों की अनेक पीढ़ियां सिकल सेल अनीमिया से पीड़ित रही हैं। पहली बार इसके लिये राष्ट्रीय मिशन शुरू किया गया है। अब तक लगभग एक करोड़ 40 लाख लोगों की जांच की जा चुकी है।” उन्होंने कहा, ‘‘दिव्यांगजनों के लिये भी मेरी सरकार ने सुगम्य भारत अभियान चलाया है। साथ ही, भारतीय सांकेतिक भाषा में पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराई हैं।”