Agniveer : It was a Proud moment for every family and region of Leh Ladakh when 194 Highly efficient braveheart Agniveer recruits joined National Army yesterday at a Grand passing Parade Ceremony organized at Ladakh scouts regimental centre Leh.
भारतीय सेना में गुरुवार को अग्निवीर जवानों का एक नया बैच शामिल हुआ। खास बात यह है कि इस बार अग्निवीरों का यह बैच लद्दाख से है। लद्दाख स्काउट्स रेजिमेंटल सेंटर लेह में गुरुवार को एक भव्य पासिंग आउट परेड का आयोजन किया गया। इसमें 194 प्रशिक्षित अग्निवीरों ने लद्दाख स्काउट्स रेजिमेंट में अग्निवीर सैनिक के रूप में प्रवेश किया।

यह परेड भारतीय सेना की गौरवशाली परंपराओं के अनुरूप आयोजित की गई। परेड का निरीक्षण यूनिफॉर्म फोर्स के जनरल ऑफिसर कमांडिंग, मेजर जनरल गुरपाल सिंह, वाईएसएम, एसएम ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। समारोह में सैन्य व नागरिक अधिकारीगण और अग्निवीरों के माता-पिता (अभिभावक) भी उपस्थित थे।

सेना ने बताया कि लद्दाख के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले युवा अग्निवीरों ने परेड में भाग लिया। ये अग्निवीर अब देश की सेवा के लिए तैयार हैं। मेजर जनरल गुरपाल सिंह ने सभी अग्निवीर सैनिकों को बेहतरीन परेड के लिए बधाई दी और उन्हें राष्ट्र सेवा के प्रति पूर्ण समर्पण भाव से कार्य करने की प्रेरणा दी।

उन्होंने अग्निवीरों के माता-पिता को भी बधाई दी, जिन्होंने अपने पुत्रों को सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, उन्होंने लद्दाख स्काउट्स के जवानों की सभी क्षेत्रों में उत्कृष्टता, वीरता और योगदान की सराहना की। उन्होंने युवा सैनिकों को सभी क्षेत्रों में उत्कृष्टता की ओर निरंतर प्रयास करने और भारतीय सेना की भावना के अनुरूप देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए संकल्प लेने का आह्वान किया। प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अग्निवीरों को मेडल प्रदान किए गए।

इसके साथ ही, उन अभिभावकों को “गौरव पदक” प्रदान किया गया, जो स्वयं सेना में सेवा दे चुके हैं या वर्तमान में सेना में कार्यरत हैं। यहां ऐसे कई सैन्यकर्मी मौजूद रहे जिनके पुत्र अग्निवीर के रूप में सेना में शामिल हुए हैं। यह दिन सभी के लिए अत्यंत गर्व और सम्मान का क्षण था, विशेष रूप से उन परिजनों के लिए जो दूर-दराज के इलाकों से इस समारोह में शामिल होने आए थे। सेना का मानना है कि यह समारोह युवाओं के जोश, देशभक्ति और सेना के प्रति समर्पण का प्रतीक बना।