Good News – गन्ना शोध परिषद, शाहजहाँपुर द्वारा विकसित गन्ना किस्म को मंजूरी

WhatsAppFacebookTwitterLinkedIn

Uttar Pradesh Shahjahanpur Sugarcane research Council UPCSR have developed another revolutionary category of Sugarcane “BISMIL” that is named after Freedom Fighter Pandit Shri Ram Prasad Bismil is now certified by the central agencies. Now this particular category of sugarcane saplings will be available for farmers of 5 states inc. UP, Punjab, Haryana, Rajasthan and Uttarakhand.

गन्ना शोध परिषद UPCSR, शाहजहाँपुर Shahjahanpur Uttar Pradesh द्वारा विकसित गन्ना किस्म को.शा. 17231 (बिस्मिल) को उत्तर प्रदेश के अलावा अब हरियाणा, पंजाब, उत्तराखण्ड एवं राजस्थान के किसानों के लिए भी अखिल भारतीय समन्वित शोध समिति द्वारा दी गई मंजूरी 

शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद, शाहजहाँपुर द्वारा निरन्तर प्रदेश के गन्ना किसानों हेतु नवीनतम गन्ना किस्मों का विकास किया जाता है। इसी क्रम में संस्थान द्वारा गन्ना किस्म को.शा. 17231 को वर्ष 2022 में विकसित किया गया जिसे अब केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के अधीन कार्यरत भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (प्ब्।त्) द्वारा संचालित अखिल भारतीय समन्वित शोध परियोजना के अंतर्गत केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान ने कुल 25 फसलों की कुल 184 नवीन किस्मों को स्वीकृति प्रदान की है जिसमें गन्ना फसल में उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद, शाहजहाँपुर की किस्म को.शा. 17231 को उत्तर प्रदेश के अलावा अब हरियाणा, पंजाब, उत्तराखण्ड एवं राजस्थान के किसानों के लिए भी स्वीकृति दी गयी है।

विदित हो कि इस किस्म का उपनाम ’’बिस्मिल’’ काकोरी काण्ड के नायक अमर शहीद पं. राम प्रसाद बिस्मिल Freedom Fighter Pandit Ram Prasad Bismil के सम्मान में रखा गया है। परिषद के निदेशक श्री वी.के. शुक्ल ने बताया कि अभी तक यह किस्म केवल उत्तर प्रदेश में ही खेती हेतु स्वीकृति थी परन्तु केन्द्रीय समिति की स्वीकृति के बाद अब यह अन्य प्रदेशों में भी सफलतापूर्वक उगायी जा सकती है।

इस किस्म के ब्रीडर डा. अरविन्द कुमार ने बताया कि यह किस्म लालसड़न रोग के प्रति रोगरोधी है तथा इस किस्म की औसत उत्पादन क्षमता 86.35 टन प्रति हेक्टेयर तथा चीनी परता (पोलः  इन केन) 13.97 प्रतिशत पाई गयी है। वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. अजय तिवारी ने बताया कि यह किस्म किसानों की आय बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी। प्रसार अधिकारी डा. संजीव पाठक ने संस्थान की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि हेतु निदेशक एवं पूरी टीम को बधाई दी।

Share Reality:
WhatsAppFacebookTwitterLinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *