Good Initiative of Uttar Pradesh Govt. to take a fully paid tour of Somnath Temple Gujrat for Young professionals and MBA students. The train to depart for Gujrat on April 19, 2026 informed Tourism and Cultural minister Shri Jaiveer Singh Ji. युवा प्रोफेशनल्स और एमबीए स्टूडेंट्स को सोमनाथ यात्रा कराएगी यूपी सरकार

लखनऊ, सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत 19 अप्रैल को राजधानी लखनऊ के गोमती नगर स्टेशन से एक विशेष एसी ट्रेन सोमनाथ के लिए रवाना होगी। इस यात्रा में उत्तर प्रदेश के युवा प्रोफेशनल्स, एमबीए स्टूडेंट्स, स्टार्टअप्स के प्रतिनिधि, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, एमएसएमई और तकनीकी सेवाओं से जुड़े कर्मचारी सक्रिय रूप से शामिल हो रहे हैं। इसके साथ ही इस यात्रा में समाज के हर वर्ग की भागीदारी भी देखने को मिलेगी। हॉकर्स, स्ट्रीट वेंडर्स और दुकानदारों से लेकर महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक और गिग वर्कर्स तक सभी इसमें शामिल हैं। प्रदेश के सभी जिलों से चुने गए कुल 1008 यात्री इस विशेष यात्रा का हिस्सा होंगे। यह सभी ‘अटूट आस्था के 1000 वर्ष’ कार्यक्रम में भाग लेने के लिए सोमनाथ जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस यात्रा को हरी झंड़ी दिखा सकते हैं।

युवा प्रतिभा और प्रदेश के कलाकार करेंगे सोमनाथ यात्रा
इसके अलावा विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों, वॉलंटियर्स, युवा प्रतिभाओं, गैर-तकनीकी क्षेत्र के सफल व्यक्तियों, अखाड़ों, शिव मंदिरों और आध्यात्मिक संस्थाओं से जुड़े लोगों को भी इस पहल का हिस्सा बनाया गया है। सीमावर्ती गांवों के निवासी, प्रदेश के कलाकार, तथा पोस्टमैन, रेलवे स्टाफ, सफाई कर्मचारी और ड्राइवर जैसे सेवा क्षेत्र से जुड़े लोग भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि इस भव्य आयोजन के लिए उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा लगभग 1.5 करोड़ रुपये की धनराशि की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि यह पर्व भारत की आस्था, संस्कृति और आत्मगौरव का प्रतीक है, जिसे जन-जन की सहभागिता के साथ मनाया जा रहा है।

7 नदियों का जल लेकर सोमनाथ पहुंचेंगे श्रद्धालु
यात्रा के दौरान श्रद्धालु प्रदेश की 7 पवित्र नदियों का जल अपने साथ लेकर जाएंगे। 21 अप्रैल को सोमनाथ पहुंचने के बाद वे महाआरती, रुद्राभिषेक, भजन संध्या, प्रवचन और लाइट एंड साउंड शो जैसे विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इन आयोजनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को सोमनाथ के गौरवशाली इतिहास और आध्यात्मिक महत्व से जुड़ने का मौका मिलेगा।
भारत सरकार के सहयोग से आयोजित यह पर्व पूरे देश में वर्ष भर मनाया जाएगा, जिसके अंतर्गत ‘सोमनाथ स्वाभिमान’ विषय पर आधारित बुकलेट का वितरण भी किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य सोमनाथ मंदिर के गौरवशाली इतिहास, उसके पुनर्निर्माण और भारतीय संस्कृति की अटूट शक्ति को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। यह आयोजन आस्था, एकता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक बनेगा।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि गुजरात के प्रभास पाटन में स्थित सोमनाथ मन्दिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में प्रथम है और इसे ‘सौराष्ट्रे सोमनाथं च’ कहकर सर्वोच्च स्थान दिया गया है। उन्होंने बताया कि इतिहास में अनेक बार आक्रमण और विध्वंस के बावजूद यह मन्दिर बार-बार पुनर्निर्मित हुआ, जो भारतीय सभ्यता की अदम्य शक्ति और पुनरुत्थान की भावना का प्रतीक है। स्वाभिमान पर्व का संदेश यही है कि सोमनाथ का इतिहास पराजय का नहीं, बल्कि विजय और पुनर्निर्माण का है।