मृत्यु से पूर्व दिए राहुल के बयानों को तस्दीक कर रही पुलिस
गाजियाबाद, घूकना इलाके में 6 अप्रैल की सुबह पे्रमिका दीपमाला की हत्या कर खुदकुशी करने वाले प्रेमी राहुल के मामले में पुलिस की जांच उलझी हुई है। पुलिस को समझ नहीं आ रहा कि जांच करें तो किस दिशा में करें। अब तक की जांच से यह स्पष्ट हो चुका है कि राहुल ने अकेले ही वारदात को अंजाम दिया है। प्रेमी और प्रेमिका की मौत हो जाने और घटना का कोई चश्मदीद न होने की वजह से पुलिस को जांच में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस ने राहुल के परिजनों से भी पूछताछ की है। अब पुलिस राहुल द्वारा मृत्यु से पूर्व दिए गए बयानों को तस्दीक कर अपनी जांच को दिशा देने का प्रयास कर रही है।
बता दें कि प्रेमिका दीपमाला की उसके ही घर में गोली मार कर हत्या करने के बाद बुलंदशहर के गांव सलेमपुर जाट निवासी राहुल ने सल्फास खाकर जान दे दी थी। लेकिन मौत से पूर्व राहुल ने पुलिस को दिए बयानों में घटना की वजह बताई थी। राहुल का कहना था कि उसके दीपमाला पर 6 लाख रुपए थे और उसके परिजनों ने दीपमाला से उसकी शादी करने का वादा किया था। अब दीपमाला और उसके परिजन शादी से इन्कार कर रहे थे। साथ ही राहुल ने बताया था कि जिन हथियारों से उसने दीपमाला की हत्या की है वह उसे दीपमाला के भाइयों ने अपनी छोटी बहन के पति की हत्या करने के लिए मुहैया कराए थे। छोटी बहन द्वारा की गई लव मैरिज से उसके परिजन खुश नहीं थे। पुलिस का कहना है कि मृत्यु पूर्व राहुल द्वारा दिए गए बयानों को लेकर उसके परिजनों से भी पूछताछ की गई है।
परिजन बोले-घर का काराधारी था राहुल, जमीन बेचकर दिए थे दीपमाला को पैसे
बुलंदशहर निवासी राहुल के परिजनों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि राहुल उनके घर का काराधारी था। कुछ समय पूर्व उन्होंने गांव में अपनी ढाई बीघा जमीन बेची थी। इस जमीन को बेचकर उन्होंने अपनी बेटी की शादी की थी, बाकी रकम का हिसाब राहुल के पास ही था। पूछने पर राहुल ने घर में चर्चा की थी कि उसने कुछ पैसे कहीं उधार दिए हुए हैं। परिजनों का कहना है कि६ यह रकम ऑनलाइन ट्रांसफर की गई थी। उन्होंने पुलिस को बताया कि राहुल और दीपमाला की शादी को लेकर दोनों पक्षों में बातचीत भी हुई, लेकिन लडक़ी पक्ष राहुल को गाजियाबाद में रखना चाहता था, जिस पर वह राजी नहीं थे। परिजनों का कहना है कि उन्हें राहुल और दीपमाला के संबंधों के बारे में जानकारी तो थी, लेकिन वह ऐसा कदम उठाएगा इसका अंदेशा नहीं था। पुलिस ने राहुल के परिजनों से रकम ट्रांसफर करने का सबूत मांगा है। सूत्रों का कहना है कि दीपमाला के रिश्ते के जीजा मोहित चौहान ने राहुल के पैसों की मानी है, लेकिन उसके पिता और भाई इस बात से साफतौर पर इन्कार कर रहे हैं।
गाजियाबाद में हुई थी दोनों की मुलाकात, राहुल ने की थी पॉलीटेक्निक की पढ़ाई
जांच के क्रम में पुलिस को पता चला है कि राहुल और दीपमाला की मुलाकात वर्षों पुरानी थी। परिजनों ने पुलिस को बताया कि राहुल ने गाजियाबाद से ही पॉलीटेक्निक की पढ़ाई की थी और बाद में उसने कुछ दिनों यहां शीशे की दुकान भी की। इसी दौरान उसकी मुलाकात दीपमाला से हुई। बाद में दोनों में प्यार हो गया और बात शादी करने तक पहुंची थी। परिजनों ने पुलिस को बताया कि घटना से दो दिन पूर्व राहुल मेरठ में रहने वाली अपनी बहन को साथ लेकर घर से निकला था। बाइक से आए राहुल ने बहन को लालकुआं पर छोड़ दिया था। इसके बाद वह नंदग्राम स्थित मोरटी गांव में रहने वाली अपनी दूसरी बहन के घर रुका था। 6 अप्रैल को मोरटी से घूकना आकर राहुल ने वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस की मानें तो बुलंदशहर स्थित गांव से चलने से पूर्व राहुल ने अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया था।
डीसीपी सिटी निपुण अग्रवाल ने बताया कि मृत्यु से पूर्व राहुल द्वारा दिए गए बयानों की जांच की जा रही है। दीपमाला और राहुल के बीच हुए लेन.देन की बात तस्दीक की जा रही है। साथ ही पता लगाया जा रहा है कि राहुल के पास तमंचा और पिस्टल कहां से आए थे।