Budget विकास को गति देने और समोवशी विकास प्रदान करेगा: सीतारमण

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Finance Minister Nirmala Sitharaman assured that this budget is progressive for everyone and shall brought the consistent growth in every sector and every section of the society.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2025-26 के आम बजट को पेश करते हुये शनिवार को कहा कि यह केंद्रीय बजट विकास को गति देने और समावेशी विकास प्रदान करने के प्रयासों को जारी रखने वाला है।

वर्ष 2014 से नरेन्द्र मोदी सरकार के तहत लगातार 14वां बजट और अपना आठवां बजट पेश करते हुए श्रीमती सीतारमण ने कहा, “हम एक साथ मिलकर अधिक समृद्धि के लिए अपनी क्षमता को अनलॉक करने की यात्रा पर निकल पड़े हैं।” उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था सभी विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ रही है।

उन्होंने कहा, “हमारी अर्थव्यवस्था सभी प्रमुख विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है। पिछले 10 वर्षों के हमारे विकास ट्रैक रिकॉर्ड और संरचनात्मक सुधारों ने वैश्विक ध्यान आकर्षित किया है। इस बजट में, प्रस्तावित विकास उपाय 10 व्यापक क्षेत्रों में फैले हुए हैं, जो गरीबों, युवाओं, अन्नदाता (किसान) और नारी (महिलाओं) पर ध्यान केंद्रित करते हैं, कृषि विकास और उत्पादकता को बढ़ावा देते हैं, ग्रामीण समृद्धि और लचीलापन बनाते हैं, और सभी को एक समावेशी विकास पथ पर साथ लेकर चलते हैं, विनिर्माण को बढ़ावा देते हैं और मेक इन इंडिया को आगे बढ़ाते हैं, एमएसएमई का समर्थन करते हैं, रोजगार आधारित विकास को सक्षम करते हैं, लोगों, अर्थव्यवस्था और नवाचार में निवेश करते हैं।”

केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार तुअर, उड़द और मसूर पर विशेष ध्यान देने के साथ दालों में आत्मनिर्भरता के लिए छह साल का मिशन शुरू करेगी। नेफेड और एनसीसीएफ जैसी केंद्रीय एजेंसियां ​​इन एजेंसियों के साथ पंजीकरण कराने वाले और समझौते करने वाले किसानों से अगले चार वर्षों के दौरान इन तीन दालों की उतनी ही खरीद करने के लिए तैयार रहेंगी।

उन्होंने कृषि क्षेत्र के लिए प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना शुरू करने की घोषणा करते हुये कहा कि इसके साथ ही कृषि जिलों का विकास कार्यक्रम शुरू किया जायेगा जो आकांक्षी जिलों के कार्यक्रम की सफलता से प्रेरित होकर सरकार राज्यों के साथ साझेदारी में यह योजना शुरू करेगी। इस कार्यक्रम से 1.7 करोड़ किसानों को मदद मिलने की संभावना है।

केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा, “ऋण तक पहुंच में सुधार के लिए, क्रेडिट गारंटी कवर को बढ़ाया जाएगा। सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए 10 करोड़ रुपये तक, जिससे अगले पांच वर्षों में 1.5 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त ऋण मिलेगा। स्टार्टअप के लिए 10 करोड़ रुपये से 20 करोड़ रुपये तक, 27 फोकस क्षेत्रों में ऋण के लिए गारंटी शुल्क को एक प्रतिशत तक कम किया जा रहा है, जो कि आत्मनिर्भर भारत के लिए महत्वपूर्ण हैं। अच्छी तरह से चलने वाले निर्यातक एमएसएमई के लिए 20 करोड़ रुपये तक के टर्म लोन के लिए, साथ ही सूक्ष्म उद्यमों के लिए, हम उद्यम पोर्टल पर पंजीकृत सूक्ष्म उद्यमों के लिए पांच लाख रुपये की सीमा के साथ अनुकूलित क्रेडिट कार्ड पेश करेंगे।”

श्रीमती सीतारमण ने कहा कि विकसित भारत के लिए परमाणु ऊर्जा मिशन, 2047 तक कम से कम 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा का विकास हमारे ऊर्जा परिवर्तन के लिए आवश्यक है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निजी क्षेत्रों के साथ सक्रिय भागीदारी के लिए परमाणु ऊर्जा अधिनियम और परमाणु क्षति के लिए नागरिक दायित्व अधिनियम में संशोधन किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि फुटवियर और चमड़ा क्षेत्रों के लिए एक केंद्रित योजना शुरू की जाएगी, जबकि भारत को वैश्विक खिलौना विनिर्माण केंद्र बनाने के लिए बड़े कदम उठाए जाएंगे। सरकार स्वच्छ प्रौद्योगिकी विनिर्माण गतिविधियों का समर्थन करने के लिए एक मिशन भी शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि तीसरे इंजन के रूप में निवेश में लोगों, नवाचार और अर्थव्यवस्था में निवेश शामिल है।

श्रीमती सीतारमण ने कहा कि राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि कुल प्राप्तियां 34.96 लाख करोड़ रुपये और अनुमानित व्यय 56.56 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि बीमा क्षेत्र के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) सीमा 74 से बढ़ाकर 100 प्रतिशत की जाएगी। यह बढ़ी हुई सीमा उन कंपनियों के लिए उपलब्ध होगी जो भारत में पूरा प्रीमियम निवेश करती हैं। विदेशी निवेश से जुड़ी मौजूदा सुरक्षा और शर्तों की समीक्षा की जाएगी और उन्हें सरल बनाया जाएगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए एक डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना -‘भारत ट्रेड नेट’ (बीटीएन) व्यापार दस्तावेजीकरण और वित्तपोषण समाधान के लिए एक एकीकृत मंच के रूप में स्थापित की जाएगी। बीटीएन को अंतर्राष्ट्रीय प्रथाओं के साथ जोड़ा जाएगा।

उन्होंने कहा कि युवा दिमागों में जिज्ञासा और नवाचार की भावना पैदा करने और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के लिए अगले पांच वर्षों में सरकारी स्कूलों में 50,000 अटल टिंकरिंग लैब स्थापित किए जाएंगे। सभी सरकारी माध्यमिक विद्यालयों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान की जाएगी।

श्रीमती सीतारमण ने कहा कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) पटना में छात्रावास और अन्य बुनियादी ढांचे की क्षमता का भी विस्तार किया जाएगा। शिक्षा के लिए कृतिम बुद्धिमत्ता (एआई) में उत्कृष्टता केंद्र बनाया जायेगा। वर्ष 2023 में कृषि, स्वास्थ्य और टिकाऊ शहरों के लिए एआई में उत्कृष्टता के लिए तीन केंद्रों की घोषणा की थी। अब, शिक्षा के लिए एआई में उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना 500 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ की जाएगी।

उन्होंने कहा कि सरकार ने 10 वर्षों में लगभग 1.1 लाख स्नातक और स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा सीटें जोड़ी हैं। अगले पांच वर्षों में 75,000 सीटें जोड़ने के लक्ष्य है और अगले साल मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में 10,000 अतिरिक्त सीटें जोड़ी जाएंगी। सभी जिला अस्पतालों में डेकेयर कैंसर केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि विदेशी निवेश से जुड़ी वर्तमान बाधाओं और शर्तों की समीक्षा की जाएगी और उन्हें सरल बनाया जाएगा।

वित्त मंत्री ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म वर्कर्स के कल्याण के लिए सामाजिक सुरक्षा योजना की घोषणा करते हुये कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के गिग वर्कर्स नई सहायता सेवा अर्थव्यवस्था को बहुत गतिशीलता प्रदान करते हैं। उनके योगदान को मान्यता देते हुए, हमारी सरकार उनके पहचान पत्र और ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण की व्यवस्था करेगी। इस उपाय से लगभग एक करोड़ गिग श्रमिकों की सहायता होने की संभावना है।

श्रीमती सीतारमण ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में हमारी सरकार ने करदाताओं की सुविधा के लिए कई सुधारों को लागू किया है, जैसे कि फेसलेस मूल्यांकन, करदाता चार्टर, तेजी से रिटर्न, लगभग 90 प्रतिशत रिटर्न स्व-मूल्यांकन पर होना और विवाद से विश्वास योजना।

श्रीमती सीतारमण ने कहा, “इन प्रयासों को जारी रखते हुए कर विभाग की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता हूं, पहले विश्वास करें बाद में जांच करें। मैं अगले सप्ताह नए आयकर विधेयक को पेश करने का भी प्रस्ताव करता हूं। मैं अप्रत्यक्ष कर सुधारों और भाग बी में अप्रत्यक्ष करों में बदलावों का विवरण दूंगा।”

उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन, जिसका उद्देश्य सभी ग्रामीण परिवारों को नल का जल कनेक्शन प्रदान करना है, को बजट परिव्यय में वृद्धि के साथ 2028 तक बढ़ा दिया गया है। उन्होंने कहा कि शत-प्रतिशत कवरेज हासिल करने के लिए कुल परिव्यय में वृद्धि के साथ 2028 तक इस मिशन के विस्तार की घोषणा की जा रही है।

श्रीमती सीतारमण ने कहा, “जुलाई 2024 के बजट में घोषित सीमा शुल्क दरों की संरचना की व्यापक समीक्षा के एक भाग के रूप में, मैं सात टैरिफ दरों को हटाने का प्रस्ताव करती हूं -यह 2023-24 के बजट में हटाए गए टैरिफ के अतिरिक्त है।”

उन्होंने कहा कि उड़ान योजना से प्रेरित होकर अगले 10 वर्षों में 120 नए गंतव्यों के लिए क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने और चार करोड़ अतिरिक्त यात्रियों को ले जाने के लिए एक संशोधित उड़ान योजना शुरू की जाएगी। यह योजना पहाड़ी, आकांक्षी और पूर्वोत्तर क्षेत्रीय जिलों में हेलीपैड और छोटे हवाई अड्डों का भी समर्थन करेगी। बिहार के मिथिलांचल में पश्चिमी कोसी नहर ईआरएम परियोजना के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे बिहार के मिथिलांचल क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसान लाभान्वित होंगे।

उन्होंने कहा कि कैंसर, पुरानी या अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए 36 जीवन रक्षक दवाओं और औषधियों को मूल सीमा शुल्क से पूरी तरह छूट वाली दवाओं की सूची में जोड़ने का प्रस्ताव किया गया है।

जहाजरानी और उड्डयन क्षेत्र को बढ़ावा देने पर है सरकार का जोर: सीतारमण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि सरकार जहाजरानी और उड्डयन क्षेत्र को प्रोत्साहन दे रही है और इससे अगले वर्षों में 120 नए गंतव्यों तक क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ाया देने के साथ ही चार करोड़ यात्रियों को परिवहन सुविधा दी जा सकेगी।

श्रीमती सीतारमण ने लोकसभा में वित्त वर्ष 2025-26 का बजट पेश करते हुए कहा कि जहाजरानी क्षेत्र में समुद्री विकास के लिए 25000 करोड़ रूपए के समुद्री विकास कोष का प्रस्ताव किया गया है, जिसके तहत अगले 10 वर्षों में 120 नए गंतव्यों को जोड़ने के लिए चार करोड़ यात्रियों को लाने-ले जाने की संशोधित उड़ान योजना बनाई गई है। योजना के तहत बिहार के लिए ग्रीन फील्ड हवाई अड्डे और पश्चिमी कोशी नहर परियोजना दी गई है।

वित्त मंत्री ने कहा कि समुद्री उद्योग को दीर्घकालिक वित्त पोषण के लिए प्रस्तावित समुद्री विकास कोष की स्थापना होगी और इस निधि का इस्तेमाल समुद्री उद्योग में वितरित सहायता एवं प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करने के लिए किया जाएगा। इसमें सरकार द्वारा 49 प्रतिशत तक अंशदान किया जाएगा और शेष राशि पत्तनों और निजी क्षेत्र से जुटाई जाएगी। लागत संबंधी हानि से निपटने के लिए पोत-निर्माण सहायता नीति को नया रूप दिया जाएगा, जिसमें चक्राकार अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने के लिए भारतीय यार्ड में शिपब्रेकिंग के वास्ते क्रेडिट नोट भी शामिल होंगे।

उन्होंने कहा कि अवसंरचना सुसंगत मास्टर लिस्ट में निर्दिष्ट आकार से अधिक बड़े जलपोतों को शामिल किया जाएगा। जलपोतों की रेंज, श्रेणियों और क्षमता को बढ़ाने के लिए शिपबिल्डिंग क्लस्टरों को सुविधा दी जाएगी, जिसमें संपूर्ण इको-सिस्टम का विकास करने के लिए अतिरिक्त अवसंरचना सुविधाएं, कौशल और प्रौद्योगिकी भी शामिल होंगी। जहाज निर्माण के लिए लंबी अवधि पर ध्यान देते हुए वित्त मंत्री ने कच्चे माल, घटकों, जहाजों के विनिर्माण के लिए कंजुमेबल्स या कल पुर्जों पर बुनियादी सीमा शुल्क में छूट को और 10 वर्षों तक जारी रखने का प्रस्ताव किया है। उन्होंने शिपब्रेकिंग को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए भी इसी तरह की सुविधा देने का प्रस्ताव किया है।

श्रीमती सीतारमण ने क्षेत्रीय संपर्क योजना-उड़ान की सराहना करते हुए कहा कि उड़ान स्कीम ने 1.5 करोड़ मध्यवर्गीय लोगों को तीव्र यात्रा करने की उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने में समर्थ बनाया है। इस स्कीम ने 88 हवाई अड्डों को जोड़ा है और 619 हवाई मार्गों को क्रियाशील बनाया है। इस सफलता से प्रेरित होकर, एक संशोधित उड़ान स्कीम शुरू की जाएगी ताकि अगले 10 वर्षों में 120 नए गंतव्यों तक क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ाया जा सके और चार करोड़ यात्रियों को ऐसी परिवहन सुविधा दी जा सके। यह योजना पर्वतीय, आकांक्षी और पूर्वोत्तर क्षेत्र के जिलों में हेलीपैड और छोटे हवाईअड्डों को भी सहायता प्रदान करेगी।

वित्त मंत्री ने सदन को यह भी बताया कि सरकार उच्च कीमत के जल्दी नष्ट होने वाले बागानी उत्पादों सहित एयर कार्गों के लिए बुनियादी ढांचे और वेयरहाउसिंग के उन्नयन को भी सुगम बनाएगी।

बिहार में ढांचागत प्रोत्साहन के लिए वित्तमंत्री ने प्रस्ताव किया है कि राज्य में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों की सुविधा दी जाएगी ताकि वहां आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके। ये पटना एयरपोर्ट और बिहटा में ब्राउनफील्ड एयरपोर्ट की क्षमता के विस्तार के अलावा होंगे। पश्चिमी कोशी नहर ईआरएम परियोजना के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे बिहार के मिथिलांचल क्षेत्र में 50,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर बड़ी संख्या में खेती करने वाले किसानों को लाभ होगा।

सरकारी स्‍कूलों में अगले पांच वर्षों में होगी 50 हजार अटल टिंकरिंग प्रयोगशालाओं की स्थापना

केन्‍द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि बच्चों में जिज्ञासा और नवाचार की भावना उत्पन्न करने तथा वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के लिए अगले पांच वर्षों में सरकारी स्कूलों में 50 हजार अटल टिंकरिंग प्रयोगशालाओं की स्थापना की जाएगी।

श्रीमती सीतारमण ने शनिवार को संसद में आम बजट 2025-26 पेश करते हुए कहा कि आम बजट में भारतनेट परियोजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में सभी सरकारी माध्यमिक स्कूलों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान करने का प्रस्‍ताव रखा गया है। उच्‍चतर शिक्षा के लिए आम बजट 2025-26 में कहा गया है कि 23 भारतीय प्रौद्योगिक संस्थान (आईआईटी) में विद्यार्थियों की कुल संख्या में शत-प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो विगत 10 वर्षों में 65,000 से बढ़कर 1.35 लाख हो गई है। उन्होंने कहा आईआईटी, पटना में छात्रावास और अन्य अवसंरचना संबंधी क्षमता को भी बढ़ाया जाएगा।

उन्होंने बजट में भारतीय भाषा पुस्‍तक स्‍कीम को लागू करने का प्रस्‍ताव दिया, जो उच्‍च शिक्षा और स्‍कूलों के लिए भारतीय भाषाओं में डिजिटल रूप में पुस्तकें उपलब्ध कराएगा।

केन्‍द्रीय वित्त मंत्री ने वैश्विक विशेषज्ञता और भागीदारी के साथ पांच राष्ट्रीय कौशल उत्कृष्टता केंद्रों को स्थापित करने की भी घोषणा की ताकि “मेक फॉर इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड” विनिर्माण के लिए आवश्यक कौशल के साथ हमारे युवाओं को तैयार किया जा सके। इस भागीदारी में पाठ्यक्रम डिजाइन, प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण, कौशल प्रमाणन फ्रेमवर्क और आवधिक समीक्षा को शामिल किया जाएगा। बजट में कृत्रिम बुद्धिमत्ता शिक्षा के उत्कृष्टता केंद्र स्‍थापित करने के लिए कुल 500 करोड़ रुपए के खर्च की घोषणा की गई।

श्रीमती सीतारमण ने बजट प्रस्‍तुत करते हुए निजी क्षेत्र में अनुसंधान विकास और नवोन्मेष लागू करने के लिए 20 हजार करोड़ रुपए के आवंटन की घोषणा की। प्रधानमंत्री रिसर्च फेलाेशिप स्‍कीम के अंतर्गत अगले पांच वर्षों में आईआईटी और आईआईएससी में प्रौद्योगिकीय अनुसंधान के लिए 10,000 फेलोशिप के साथ बजट में वित्‍तीय सहायता बढ़ाने का भी प्रस्‍ताव किया गया।

बजट विकास को गति देने और समोवशी विकास प्रदान करेगा: सीतारमण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2025-26 के आम बजट को पेश करते हुये शनिवार को कहा कि यह केंद्रीय बजट विकास को गति देने और समावेशी विकास प्रदान करने के प्रयासों को जारी रखने वाला है।

वर्ष 2014 से नरेन्द्र मोदी सरकार के तहत लगातार 14वां बजट और अपना आठवां बजट पेश करते हुए श्रीमती सीतारमण ने कहा, “हम एक साथ मिलकर अधिक समृद्धि के लिए अपनी क्षमता को अनलॉक करने की यात्रा पर निकल पड़े हैं।” उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था सभी विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ रही है।

उन्होंने कहा, “हमारी अर्थव्यवस्था सभी प्रमुख विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है। पिछले 10 वर्षों के हमारे विकास ट्रैक रिकॉर्ड और संरचनात्मक सुधारों ने वैश्विक ध्यान आकर्षित किया है। इस बजट में, प्रस्तावित विकास उपाय 10 व्यापक क्षेत्रों में फैले हुए हैं, जो गरीबों, युवाओं, अन्नदाता (किसान) और नारी (महिलाओं) पर ध्यान केंद्रित करते हैं, कृषि विकास और उत्पादकता को बढ़ावा देते हैं, ग्रामीण समृद्धि और लचीलापन बनाते हैं, और सभी को एक समावेशी विकास पथ पर साथ लेकर चलते हैं, विनिर्माण को बढ़ावा देते हैं और मेक इन इंडिया को आगे बढ़ाते हैं, एमएसएमई का समर्थन करते हैं, रोजगार आधारित विकास को सक्षम करते हैं, लोगों, अर्थव्यवस्था और नवाचार में निवेश करते हैं।”

केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार तुअर, उड़द और मसूर पर विशेष ध्यान देने के साथ दालों में आत्मनिर्भरता के लिए छह साल का मिशन शुरू करेगी। नेफेड और एनसीसीएफ जैसी केंद्रीय एजेंसियां ​​इन एजेंसियों के साथ पंजीकरण कराने वाले और समझौते करने वाले किसानों से अगले चार वर्षों के दौरान इन तीन दालों की उतनी ही खरीद करने के लिए तैयार रहेंगी।

उन्होंने कृषि क्षेत्र के लिए प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना शुरू करने की घोषणा करते हुये कहा कि इसके साथ ही कृषि जिलों का विकास कार्यक्रम शुरू किया जायेगा जो आकांक्षी जिलों के कार्यक्रम की सफलता से प्रेरित होकर सरकार राज्यों के साथ साझेदारी में यह योजना शुरू करेगी। इस कार्यक्रम से 1.7 करोड़ किसानों को मदद मिलने की संभावना है।

केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा, “ऋण तक पहुंच में सुधार के लिए, क्रेडिट गारंटी कवर को बढ़ाया जाएगा। सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए 10 करोड़ रुपये तक, जिससे अगले पांच वर्षों में 1.5 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त ऋण मिलेगा। स्टार्टअप के लिए 10 करोड़ रुपये से 20 करोड़ रुपये तक, 27 फोकस क्षेत्रों में ऋण के लिए गारंटी शुल्क को एक प्रतिशत तक कम किया जा रहा है, जो कि आत्मनिर्भर भारत के लिए महत्वपूर्ण हैं। अच्छी तरह से चलने वाले निर्यातक एमएसएमई के लिए 20 करोड़ रुपये तक के टर्म लोन के लिए, साथ ही सूक्ष्म उद्यमों के लिए, हम उद्यम पोर्टल पर पंजीकृत सूक्ष्म उद्यमों के लिए पांच लाख रुपये की सीमा के साथ अनुकूलित क्रेडिट कार्ड पेश करेंगे।”

श्रीमती सीतारमण ने कहा कि विकसित भारत के लिए परमाणु ऊर्जा मिशन, 2047 तक कम से कम 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा का विकास हमारे ऊर्जा परिवर्तन के लिए आवश्यक है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निजी क्षेत्रों के साथ सक्रिय भागीदारी के लिए परमाणु ऊर्जा अधिनियम और परमाणु क्षति के लिए नागरिक दायित्व अधिनियम में संशोधन किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि फुटवियर और चमड़ा क्षेत्रों के लिए एक केंद्रित योजना शुरू की जाएगी, जबकि भारत को वैश्विक खिलौना विनिर्माण केंद्र बनाने के लिए बड़े कदम उठाए जाएंगे। सरकार स्वच्छ प्रौद्योगिकी विनिर्माण गतिविधियों का समर्थन करने के लिए एक मिशन भी शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि तीसरे इंजन के रूप में निवेश में लोगों, नवाचार और अर्थव्यवस्था में निवेश शामिल है।

श्रीमती सीतारमण ने कहा कि राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि कुल प्राप्तियां 34.96 लाख करोड़ रुपये और अनुमानित व्यय 56.56 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि बीमा क्षेत्र के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) सीमा 74 से बढ़ाकर 100 प्रतिशत की जाएगी। यह बढ़ी हुई सीमा उन कंपनियों के लिए उपलब्ध होगी जो भारत में पूरा प्रीमियम निवेश करती हैं। विदेशी निवेश से जुड़ी मौजूदा सुरक्षा और शर्तों की समीक्षा की जाएगी और उन्हें सरल बनाया जाएगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए एक डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना -‘भारत ट्रेड नेट’ (बीटीएन) व्यापार दस्तावेजीकरण और वित्तपोषण समाधान के लिए एक एकीकृत मंच के रूप में स्थापित की जाएगी। बीटीएन को अंतर्राष्ट्रीय प्रथाओं के साथ जोड़ा जाएगा।

उन्होंने कहा कि युवा दिमागों में जिज्ञासा और नवाचार की भावना पैदा करने और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के लिए अगले पांच वर्षों में सरकारी स्कूलों में 50,000 अटल टिंकरिंग लैब स्थापित किए जाएंगे। सभी सरकारी माध्यमिक विद्यालयों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान की जाएगी।

श्रीमती सीतारमण ने कहा कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) पटना में छात्रावास और अन्य बुनियादी ढांचे की क्षमता का भी विस्तार किया जाएगा। शिक्षा के लिए कृतिम बुद्धिमत्ता (एआई) में उत्कृष्टता केंद्र बनाया जायेगा। वर्ष 2023 में कृषि, स्वास्थ्य और टिकाऊ शहरों के लिए एआई में उत्कृष्टता के लिए तीन केंद्रों की घोषणा की थी। अब, शिक्षा के लिए एआई में उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना 500 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ की जाएगी।

उन्होंने कहा कि सरकार ने 10 वर्षों में लगभग 1.1 लाख स्नातक और स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा सीटें जोड़ी हैं। अगले पांच वर्षों में 75,000 सीटें जोड़ने के लक्ष्य है और अगले साल मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में 10,000 अतिरिक्त सीटें जोड़ी जाएंगी। सभी जिला अस्पतालों में डेकेयर कैंसर केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि विदेशी निवेश से जुड़ी वर्तमान बाधाओं और शर्तों की समीक्षा की जाएगी और उन्हें सरल बनाया जाएगा।

वित्त मंत्री ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म वर्कर्स के कल्याण के लिए सामाजिक सुरक्षा योजना की घोषणा करते हुये कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के गिग वर्कर्स नई सहायता सेवा अर्थव्यवस्था को बहुत गतिशीलता प्रदान करते हैं। उनके योगदान को मान्यता देते हुए, हमारी सरकार उनके पहचान पत्र और ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण की व्यवस्था करेगी। इस उपाय से लगभग एक करोड़ गिग श्रमिकों की सहायता होने की संभावना है।

श्रीमती सीतारमण ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में हमारी सरकार ने करदाताओं की सुविधा के लिए कई सुधारों को लागू किया है, जैसे कि फेसलेस मूल्यांकन, करदाता चार्टर, तेजी से रिटर्न, लगभग 90 प्रतिशत रिटर्न स्व-मूल्यांकन पर होना और विवाद से विश्वास योजना।

श्रीमती सीतारमण ने कहा, “इन प्रयासों को जारी रखते हुए कर विभाग की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता हूं, पहले विश्वास करें बाद में जांच करें। मैं अगले सप्ताह नए आयकर विधेयक को पेश करने का भी प्रस्ताव करता हूं। मैं अप्रत्यक्ष कर सुधारों और भाग बी में अप्रत्यक्ष करों में बदलावों का विवरण दूंगा।”

उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन, जिसका उद्देश्य सभी ग्रामीण परिवारों को नल का जल कनेक्शन प्रदान करना है, को बजट परिव्यय में वृद्धि के साथ 2028 तक बढ़ा दिया गया है। उन्होंने कहा कि शत-प्रतिशत कवरेज हासिल करने के लिए कुल परिव्यय में वृद्धि के साथ 2028 तक इस मिशन के विस्तार की घोषणा की जा रही है।

श्रीमती सीतारमण ने कहा, “जुलाई 2024 के बजट में घोषित सीमा शुल्क दरों की संरचना की व्यापक समीक्षा के एक भाग के रूप में, मैं सात टैरिफ दरों को हटाने का प्रस्ताव करती हूं -यह 2023-24 के बजट में हटाए गए टैरिफ के अतिरिक्त है।”

उन्होंने कहा कि उड़ान योजना से प्रेरित होकर अगले 10 वर्षों में 120 नए गंतव्यों के लिए क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने और चार करोड़ अतिरिक्त यात्रियों को ले जाने के लिए एक संशोधित उड़ान योजना शुरू की जाएगी। यह योजना पहाड़ी, आकांक्षी और पूर्वोत्तर क्षेत्रीय जिलों में हेलीपैड और छोटे हवाई अड्डों का भी समर्थन करेगी। बिहार के मिथिलांचल में पश्चिमी कोसी नहर ईआरएम परियोजना के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे बिहार के मिथिलांचल क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसान लाभान्वित होंगे।

उन्होंने कहा कि कैंसर, पुरानी या अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए 36 जीवन रक्षक दवाओं और औषधियों को मूल सीमा शुल्क से पूरी तरह छूट वाली दवाओं की सूची में जोड़ने का प्रस्ताव किया गया है।

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