Congress party’s most talented leader Rahul Gandhi is in limelight again for his newly invented blame on Central Govt. and Foreign Minister Shri S. Jaishankar claiming that Pakistan was pre-informed about Operation Sindoor.
अब राहु ने एक और रायता फैला दिया है। क्या मज़ाल जो ये अपनी फ़ज़ीहत का कोई मौका हाथ से निकलने दे। इब तो यूं लगे है कि कांग्रेस की मीडिया टीम बस फ्लोर क्लीनिंग के काम में लगी रहती होगी और राहु शायद फर्श सूखने से पहले ही इस पर चल पड़े है और फिसले है। पर पैर से नहीं ज़ुबान से। पूछो कैसे ? काम से नहीं ज़ुबान से चलने वाली पार्टी को ऊर्ध्वमूलम ही कहते है भाई। इसकी मूर्खाधिपति वाली हरकतों की वजह से ना इसके बहु मिली ना मिला पार्टी को मत।

अरे भईया कुछ तो अपनी उमर के हिसाब से बोला कर। पर ना, राहु का परेशानी भी यही है और मिशन भी – *मिशन इंपॉसिबल* हमसे ना हो पाई। महतारी या ननिहाल में कभी रामायण भागवत देखी पढ़ी होती इन पुंगी पंडत नेहरियों ने तो सुंदर वचन, सत्यम वदम्- हितम वदम्- प्रियम वदम् का कुछ एबीसी पता होता। पढ़ी है यीशु को सूली पर चढ़ाने की कहानी तो अब अपनी पूरी पार्टी को फांसी टांगने पर लगे है यूथिस्तान के सेल्फ डिक्लेयर्ड राजकुमार श्री राहु हांडी।
अब कुछ और नहीं तो ऑपरेशन सिंदूर पर विदेश मंत्री के पाकिस्तान को चेतावनी वाले स्टेटमेंट पर फिर से अपनी कमअकली का कार्ड निकाल लिया की जी इन्होंने तो मेरे जिगर के टुकड़े पाखानिस्तान को पेले ही बता दी थी के बम फोड़ेंगे जी। जे चीटिंग हो गई है जी।

और अब कांग्रेस में फिर से सन्नाटा है। पूरी खड़खड़ाती मंडली महतारी संग सिर पकड़ के बैठी है कि मजबूरी में ही सही सेना की झूठी तारीफ करी जी और पैसे दे के मीडिया में थोड़ी अच्छी खबर छपवाई थी जी । अब इस छोड़पड़िवाले ने फिर हग दिया मुंह से। खड़खड़ चचा का बुढ़ापा चैन से कटने ना देगा यो भूरी का छोरा।
चलो जी पढ़ लो पूरी लेट-लेस्ट ख़बर – कहानी पप्पू पखानिस्तानी की
राहुल गांधी के दावे का विदेश मंत्रालय ने किया खंडन, विदेश मंत्री के बयान को तोड़ा-मरोड़ा बताया
विदेश मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान जारी कर विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बयान को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के दावों का खंडन किया। राहुल ने दावा किया था कि विदेश मंत्री ने कहा है कि भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बारे में पाकिस्तान को पहले ही सूचित कर दिया था।

मंत्रालय को अपने जरूरी काम छोड़ कर पहले इस मूर्खमती को समझाने बैठना पड़ा कि भईया पहले ठीक से समझो फिर बोलो। राहुल के दावों की निंदा करते हुए कहा कि तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है।
मंत्रालय ने बेहद विनम्र शब्दों में राहुल को पुनः स्टेटमेंट को पढ़ने की सलाह दी पर हम इसे अधेड़ राहुल की बालक बुद्धि नहीं एक और शर्मनाक और देश विरोधी कृत्य ही कहेंगे। मोदी विरोध और आत्म मोह में इतने आगे निकल जाते हैं कि मर्यादा हीन हो जाते हैं।
विदेश मंत्रालय के विदेश प्रचार प्रभाग ने कहा कि श्री एस. जयशंकर ने कहा था कि “हमने पाकिस्तान को शुरुआत में ही चेतावनी दे दी थी, जो स्पष्ट रूप से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के शुरुआत के बाद की और ऑपरेशन सिंदूर के प्रारंभिक चरण की बात है।”
मंत्रालय ने कहा, “इसे गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है कि यह ऑपरेशन शुरू होने से पहले की बात है। तथ्यों को पूरी तरह से गलत तरीके से प्रस्तुत करने की निंदा की जा रही है।”
राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर चिरपरिचित अंदाज़ में झूठे आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत आतंकवादी बुनियादी ढांचे पर हमले के बारे में पाकिस्तान को सूचित कर दिया था।
फाइनली वरिष्ठ यानि कांग्रेस के एक और बुड्ढाऊ नेता घोषित किए जाने के बाद राहुल का बहुत गंभीरता से सोचा गया ये आरोप छापा गया है एक्स पर। क्योंकि 7 मई के बाद से कुछ पकाने को मिल नहीं रहा था तो वर्ड गेम उछाला गया। राहुल ने बिना सही तरह से स्टेटमेंट को समझे इसको गंभीर उल्लंघन बताया और अब इस बात पर स्पष्टता मांग रहे है कि इस कदम को मंजूरी किसने दी।

अपने एक्स हैंडल पर लिखा, ” हमले की शुरुआत में पाकिस्तान को सूचित करना एक अपराध था। विदेश मंत्री ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि भारत सरकार ने ऐसा किया। 1. इसे किसने अधिकृत किया? 2. इसके परिणामस्वरूप हमारी वायुसेना ने कितने विमान खो दिए?”
इन आरोपों का जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय ने राहुल गांधी के दावों को खारिज कर दिया तथा इस बात पर जोर दिया कि विदेश मंत्री की टिप्पणी को गलत तरीके से समझा गया है।
मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के आरंभिक चरण के दौरान ही पाकिस्तान को चेतावनी जारी कर दी थी, पहले नहीं।
विदेश मंत्रालय के विदेश प्रचार विभाग ने इस बात को दोहराया और स्पष्ट किया कि जयशंकर ने कहा था: “हमने पाकिस्तान को शुरुआत में ही चेतावनी दी थी, जो जाहिर तौर पर ऑपरेशन सिंदूर शुरू होने के बाद शुरुआती चरण में है।”
मंत्रालय ने इस बयान को पूर्व सूचना के साक्ष्य के रूप में गलत तरीके से प्रस्तुत करने के प्रयासों की निंदा की।

उन्होंने इस तरह की कार्रवाई के पीछे की अथॉरिटी पर सवाल उठाया और इसके परिणामस्वरूप भारतीय वायुसेना को होने वाले संभावित नुकसान के संबंध में जवाबदेही की मांग की। अपने इस कुविचार को जबरन राजनैतिक रंग और तूल देने के लिए राहुल और केरल कांग्रेस अब विदेश मंत्री का एडिटेड स्टेटमेंट दिखा रही है जैसे नूपुर शर्मा के मामले में चालाकी और साजिश के तहत् उनके बयान को काट छांट कर लोगों को भड़काने में इस्तेमाल किया गया। सर्जिकल स्ट्राइक के समय सेना से सबूत मांग कर हर हिंदुस्तानी सैनिक के सम्मान को कांग्रेस द्वारा रौंदा गया था।
विवाद को और बढ़ाते हुए लगातार कांग्रेस नेता राहुल इस पर पुराने रिकॉर्ड की तरह एक ताल पर बज रहे हैं
हालांकि, प्रेस सूचना ब्यूरो की तथ्य-जांच इकाई ने इन दावों का खंडन करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि: “राहुल ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है कि भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू होने से पहले पाकिस्तान को सूचित किया था। विदेश मंत्री के बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है – उन्होंने यह बयान कभी नहीं दिया।”