Sambhal – Harihar Temple Update : Super CM Yogi ji answered opposition with historical facts revealed in holy Puraan and he reoffered babarnama in context of Sambhal. He clearly mentioned the referrals of Harihar mandir, its actual location that had been damaged and cleverly hidden under the structure to claim the Hindu land. Now even the temple has been found already the opposition leaders of SP,BSP,Congress etc. are organizing hate riots and trying to burn the area in conspiring against local hindus. CM warned the anti peace ailments for strict action.
”1947 से अब तक संभल में 209 हिंदुओं की हत्या हुई और एक भी बार निर्दोष हिंदुओं के लिए दो शब्द नहीं कहे। घड़ियाली आंसू बहाने वाले प्रतिपक्ष ने निर्दोष हिंदुओं के बारे में दो शब्द नहीं कहे।”
लखनऊ, उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन सोमवार को संभल और बहराइच की सांप्रदायिक हिंसा पर विपक्ष को जवाब देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाबरनामा भी कहता है कि (संभल में) हरिहर मंदिर को तोड़कर ढांचा खड़ा किया गया और पुराण कहता है कि श्रीहरि विष्णु का दसवां अवतार संभल में होगा।

प्रश्नकाल के बाद विधानसभा में नेता सदन योगी आदित्यनाथ ने संभल और बहराइच आदि में हाल में हुई हिंसा को लेकर नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय एवं अन्य सपा सदस्यों की चर्चा कराने की मांग पर पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष सच पर पर्दा डालने का प्रयास कर रहा है, लेकिन सूर्य, चांद और सत्य को बहुत देर तक कोई छिपाया नहीं सकता, सत्य जल्द सामने आएगा।
उन्होंने कहा कि बाबरनामा भी कहता है कि हरिहर मंदिर को तोड़कर ढांचा खड़ा किया गया तथा पुराण भी कहता है कि श्री हरि विष्णु का दसवां अवतार संभल में होगा।

इसके पहले सदन में संभल से सपा सदस्य इकबाल महमूद ने कहा कि एक प्रार्थना पत्र न्यायालय में दिया जाता है जिसमें संभल में शाही जामा मस्जिद के सर्वे के लिए अनुरोध किया गया और उसी दिन दो घंटे के अंदर दल को सर्वे के लिए भेज दिया गया।
सपा सदस्य ने कहा, ‘‘सर्वे में जामा मस्जिद प्रबंधन ने पूरा सहयोग किया लेकिन जैसे ही वे लोग चले गये, जय श्रीराम के नारे लगाने लगे। जिससे सपा ही नहीं, पूरा संभल इस पर आक्रोशित हो गया।’’
उन्होंने कहा,‘‘ (नवंबर की) 23 तारीख की रात संभल के अधिकारियों ने कहा कि 24 तारीख को दोबारा सर्वे होगा। इसके बाद लोगों ने कहा कि दोबारा सर्वे की क्या जरूरत है लेकिन वे लोग नहीं माने और लखनऊ से आदेश हो गया कि 24 को ही सर्वे कराना है।’’

इकबाल महमूद ने दावे से कहा कि दोबारा सर्वे कराने का आदेश इसलिए दिया गया क्योंकि 23 नवंबर को कुंदरकी विधानसभा उपचुनाव का परिणाम आया और चूंकि वहां के मुसलमानों का वोट जबरन डलवा दिया गया, इसलिए यह आदेश आया ताकि कोई विरोध न हो।
सपा सदस्य ने यह भी कहा कि लोगों ने फिर दोबारा ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए और भीड़ एकत्र हुई तो गोलीबारी शुरू हो गयी और पांच लोगों की मौत हो गयी, जिसमें एक व्यक्ति का पोस्टमार्टम नहीं हुआ और जबरन दफन कर दिया गया।
कांग्रेस दल नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने कहा कि यह केवल राजनीतिक विषय नहीं है यह प्रदेश की 25 करोड़ जनता की सुरक्षा का विषय है। उनका कहना था कि कोई सरकार नहीं चाहती कि सांप्रदायिक दंगे हों और प्रदेश जले लेकिन अफसोस की बात है कि दो घटनाओं से आज प्रदेश का माहौल ठीक नहीं है।

मोना ने कहा कि जो तथ्य हों उस पर चर्चा हो और प्रदेश की जनता जानें कि सच क्या है।
सदस्यों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एनसीआरबी डेटा के आंकड़ों के हवाले से बताया कि 2017 से लेकर अब तक प्रदेश में सांप्रदायिक दंगों में 97 से 99 फीसदी तक की कमी आई है। उन्होंने दावा किया कि 2017 से अब तक राज्य में दंगे नहीं हुए हैं, जबकि 2012 से 2017 (सपा कार्यकाल) तक राज्य में 815 सांप्रदायिक दंगे हुए थे और 192 लोगों की मौत हुई। योगी का कहना था कि 2007 से 2011 के बीच 616 सांप्रदायिक घटनाएं हुईं, इसमें 121 लोगों की मौत हुई।
योगी ने कहा, ”आखिर तथ्यों को छिपाकर कब तक जनता को गुमराह करेंगे। संभल में माननीय न्यायालय के आदेश पर सर्वे हो रहा था। जय श्री राम सांप्रदायिक संबोधन नहीं है। राम के बिना हमारा कोई काम ही नहीं है।”
उन्होंने कहा, ‘‘’जय श्री राम बोलने पर उत्तेजना फैलने से नीयत सभी लोग समझ सकते हैं।”
मुख्यमंत्री ने हाल के उपचुनाव में मुरादाबाद जिले के कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र समेत नौ में सात सीट पर भाजपा गठबंधन की जीत की चर्चा करते हुए कहा कि कुंदरकी की जीत वोट की लूट कहना सदस्य का अपमान है। वहां सपा के प्रत्याशी की जमानत जब्त हो गई।
उन्होंने कहा ,‘‘ वहां का पठान और शेख कह रहा है कि हमारे पूर्वज हिंदू थे, आपके पूर्वज भी हिन्दू थे। यह देशी-विदेशी मुसलमानों की आपसी भिड़ंत है, जो वर्चस्व की लड़ाई को लेकर चल रही है।”
संभल मामले पर योगी ने कहा कि माननीय न्यायालय के निर्देश पर जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक शांतिपूर्ण तरीके से सर्वे को संपन्न कराते हैं। उन्होंने कहा कि सर्वे के दौरान पहले दो दिन शांतिभंग नहीं हुई।
योगी ने दावा किया,‘‘ 23 नवंबर को जुमे की नमाज के दौरान जिस प्रकार की तकरीरें दी गई, उसके बाद माहौल खराब हुआ, उसके बाद की स्थितियां सबके सामने हैं।”

नेता सदन ने कहा, ”संभल में माहौल खराब किया गया। 1947 से अनवरत दंगे हुए। 1947 में एक मौत और 1948 में छह लोग मारे गये। 1958-1962 में दंगा, 1976 में पांच लोगों की मौत हुई थी।”
उन्होंने कहा,‘‘1978 में 184 हिंदुओं को सामूहिक रूप से जला दिया गया था। अनवरत कई महीनों तक कर्फ्यू लगा। 1980-1982 में दंगा और एक-एक की मौत हुई। 1986 में चार लोग मारे गए।1990-1992 में पांच, 1996 में दो मौत हुई। लगातार यह सिलसिला चलता रहा।”
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि ”1947 से अब तक संभल में 209 हिंदुओं की हत्या हुई और एक भी बार निर्दोष हिंदुओं के लिए दो शब्द नहीं कहे। घड़ियाली आंसू बहाने वाले लोग निर्दोष हिंदुओं के बारे में दो शब्द नहीं कहे।”
मुख्यमंत्री ने कहा,”संभल में बजरंग बली का जो मंदिर आज निकल रहा है। 1978 से उस मंदिर को इन लोगों ने खुलने नहीं दिया।”
संभल में 19 नवंबर को एक स्थानीय अदालत ने मुगलकालीन शाही जामा मस्जिद का सर्वेक्षण कराए जाने का आदेश दिया। उसके बाद 24 नवंबर को मस्जिद के दूसरे सर्वेक्षण के दौरान हिंसा भड़क गई थी जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी तथा अन्य घायल हो गए थे।

संभल जिले में 46 वर्षों तक बंद रहने के बाद पिछले सप्ताह खोले गये भस्म शंकर मंदिर के कुएं में तीन खंडित मूर्तियां मिली हैं। अधिकारियों ने सोमवार यह जानकारी दी।
संभल के जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया ने पत्रकारों से कहा कि प्राचीन मंदिर और जो कुआं हमें मिला है, उसकी खुदाई की जा रही है।