CMO -उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद ने दिल्ली बम विस्फोट की निंदा की

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UP, Uttar Pradesh Cabinet ministers criticized Red Fort blast in yesterday’s meeting.

लखनऊ, उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद ने दिल्ली बम विस्फोट की निंदा करते हुए शुक्रवार को एक प्रस्ताव पारित किया और इस हमले को कायराना कृत्य करार दिया।

मंत्रिपरिषद ने इसके साथ ही 20 प्रस्तावों को मंज़ूरी दी जिनमें भारतीय महिला क्रिकेट टीम और ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा को उनकी हालिया उपलब्धियों के लिए बधाई देने वाला प्रस्ताव भी शामिल है।

उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने शुक्रवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णयों की जानकारी पत्रकारों को दी।

 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में भारतीय महिला क्रिकेट टीम को वनडे विश्वकप में मिली ऐतिहासिक जीत पर बधाई दी गई।

बैठक में टीम के जज़्बे, अनुशासन और शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा गया कि खिलाड़ियों ने देश का गौरव बढ़ाया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि यह जीत न केवल भारतीय क्रिकेट के लिए गर्व का क्षण है बल्कि देश की युवा बेटियों के लिए प्रेरणा का भी स्रोत है।

प्रदेश कैबिनेट ने दिल्ली में हाल ही में हुई आतंकी घटना की कड़ी निंदा की है। बैठक में कहा गया कि यह घटना देश की शांति और सुरक्षा पर हमला है।

मुख्यमंत्री और कैबिनेट ने हमले में मारे गए और घायल हुए लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

एक बयान के मुताबिक उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने राज्य में वृद्धावस्था पेंशन को लेकर एक बड़ा निर्णय लिया है। अब पात्र वरिष्ठ नागरिकों को पेंशन के लिए अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी।

समाज कल्याण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने बताया कि फैमिली आईडी ‘एक परिवार-एक पहचान’ प्रणाली से पात्र लाभार्थियों का स्वतः चिन्हीकरण होगा और उनकी सहमति मिलने पर पेंशन सीधे स्वीकृत की जाएगी।

वर्तमान में 67.50 लाख वरिष्ठ नागरिक इस योजना का लाभ ले रहे हैं, लेकिन बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी हैं जो प्रक्रिया पूरी न कर पाने के कारण पेंशन से बाहर रह जाते हैं। नया फैसला इसी समस्या को हल करने पर केंद्रित है।

उन्होंने बताया कि सहमति मिलने के बाद योजना अधिकारी 15 दिनों के भीतर डिजिटल सिग्नेचर के माध्यम से पेंशन स्वीकृत करेंगे और स्वीकृति पत्र लाभार्थी को डाक से भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि भुगतान सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खाते में किया जाएगा और हर किस्त की जानकारी एसएमएस द्वारा उपलब्ध होगी।

उन्होंने बताया कि सरकार एक मोबाइल ऐप भी उपलब्ध कराएगी जिसमें लाभार्थी पासबुक की तरह अपने सभी भुगतान देख सकेंगे।

प्रदेश सरकार ने राज्य में किरायेदारी को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए भी बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट ने 10 वर्ष तक की अवधि के किरायानामा विलेखों पर स्टाम्प शुल्क और रजिस्ट्रेशन फीस में छूट मंजूर कर दी है। इसका उद्देश्य यह है कि भवन स्वामी और किरायेदार दोनों किरायानामा लिखित रूप में तैयार करें और रजिस्ट्री कराएं, जिससे विवाद कम हों और किरायेदारी विनियमन अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन हो सके।

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि वर्तमान नियमों के अनुसार एक वर्ष से अधिक अवधि की किरायेदारी विलेख की रजिस्ट्री अनिवार्य है, लेकिन आमतौर पर अधिकांश किरायानामे मौखिक होते हैं या यदि लिखित होते भी हैं तो उनकी रजिस्ट्री नहीं कराई जाती। प्रदेश कैबिनेट ने दुकान और वाणिज्य अधिष्ठान अधिनियम 1962 में महत्वपूर्ण संशोधन को मंजूरी देते हुए इसकी सीमा नगरीय क्षेत्रों से बढ़ाकर पूरे प्रदेश तक कर दी है। अब राज्य के सभी जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिष्ठान भी इस कानून के दायरे में आएंगे। इससे अधिकतम श्रमिक कानूनी संरक्षण के दायरे में आएंगे और उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित होगी।

श्रम मंत्री अनिल राजभर ने बताया कि संशोधन के तहत यह अधिनियम अब उन प्रतिष्ठानों पर लागू होगा जिनमें 20 या उससे अधिक कर्मकार कार्यरत हैं। इससे छोटे प्रतिष्ठान बिना अतिरिक्त बोझ के अपनी आर्थिक गतिविधि को सुचारू रख सकेंगे, जबकि बड़े प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मचारियों को अधिनियम के तहत मिलने वाले सभी लाभ मिलेंगे।

सरकार का मानना है कि इससे प्रदेश में व्यापारिक गतिविधियां और तेज होंगी।

कैबिनेट ने लेखपाल सेवा नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए चैनमैन के लिए लेखपाल पद पर पदोन्नति का मार्ग खोल दिया है।

खन्ना ने बताया कि पंचम संशोधन नियमावली 2025 के तहत अब लेखपाल के कुल पदों में से दो प्रतिशत पद योग्य चैनमैन को पदोन्नति के आधार पर दिए जा सकेंगे। यह पहली बार है जब चैनमैन को सीधी भर्ती व्यवस्था से बाहर निकलकर लेखपाल पद तक प्रमोशन का अवसर मिलेगा।

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने जनपद बागपत में पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के लिए 5.07 हेक्टेयर भूमि निःशुल्क चिकित्सा शिक्षा विभाग को हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है।

यह भूमि ग्राम मीतली में स्थित है और मत्स्य विभाग के पास थी। विवादित 0.53 हेक्टेयर हिस्से को छोड़कर शेष भूमि पर कॉलेज का निर्माण किया जाएगा।

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