Noida Phase 3 police have arrested a gang of drug suppliers who were active among the local students.
नोएडा, फेज-3 पुलिस और सीआरटी ने छात्रों को ऑनलाइन गांजा और चरस की तस्करी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का सोमवार को पर्दाफाश कर युवती समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से 30 किलोग्राम शिलांग गांजा, 236 ग्राम चरस, तस्करी में इस्तेमाल होने वाली कार बरामद और मोबाइल फोन बरामद हुआ।
सेंट्रल जोन के डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि सूचना के आधार पर टीम ने सोमवार को सेक्टर-71 स्थित डंपिंग ग्राउंड के पास से आरोपियों को दबोचा। आरोपियों की पहचान जिला बुलंदशहर के कस्बा डिबाई निवासी बिंटू उर्फ कालू, बिहार के जिला नवादा के गांव पिथौरी निवासी सतेंद्र शर्मा, बिहार के जिला गोपालगंज के गांव बरौली निवासी संदीप कुमार, आशिफ जमाल और बिहार के जिला पटना के गांव सहासितापुर निवासी काजल कुमारी के रूप में हुई है।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि गिरोह का सरगना बिंटू उर्फ कालू है। बिंटू गांजा तस्करी के आरोप में पूर्व में भी तीन बार जेल जा चुका है। पिछले वर्ष नवंबर में सेक्टर बीटा-दो पुलिस ने उसे जेल भेजा था। पिछले साल ही जिला बुलंदशहर के थाना नरसेना पुलिस ने उसे जेल भेजा था। इससे पहले वर्ष 2022 में थाना सेक्टर-113 पुलिस ने उसे जेल भेजा था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह शिलांग से गांजा और चरस लाकर एनसीआर क्षेत्र में ऑनलाइन बेचते थे। बिंटू ने लोगों को अपना व्हाट्सऐप नंबर और भुगतान लेने के लिए क्यूआर कोड जारी कर रखा है। ये लोग कोरियर के माध्यम से गांजा और चरस सप्लाई करते हैं।
डीसीपी ने बताया कि आरोपी अब तक 500 से अधिक लोगों को गांजे की सप्लाई कर चुके हैं। आरोपियों के मोबाइल फोन से उन लोगों की जानकारी मिली है, जो अक्सर गांजा मंगवाते थे। ये लोग आरोपी बिंटू को ऑनलाइन ही भुगतान कर देते थे। आरोपी 30 हजार रुपये किलोग्राम गांजा खरीदकर 50 हजार रुपये किलो में बेचते थे। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने अपने गैंग में काजल कुमारी को एक रणनीति के तहत शामिल किया। वे काजल को साथ लेकर शिलांग तक कार में साथ लेकर जाते थे। वह मानते थे कि कार में यदि कोई महिला बैठी है तो पुलिस ज्यादा जांच नहीं करेगी। काजल कई बार शिलांग साथ में गांजा लेने जा चुकी है। हर बार बिंटू शिलांग जाता था और खुद चेक करके गांजा लाता था।
पुलिस ने बताया कि बिंटू पिछले पांच वर्ष से गांजा तस्करी के काम में लिप्त है। वह हर बार जेल से छूटकर आता और गांजा तस्करी में लग जाता। बिंटू ने ऑनलाइन डिमांड मिलने के बाद लोगों को गांजा पहुंचाने के लिए डिलीवरी करने वालों का एक गैंग भी तैयार कर लिया है। वह जब भी जेल से बाहर आता तो डिलीवरी करने वालों से जुड़ जाता। ये लोग लोगों को ऑनलाइन डिलीवरी करने वाली कंपनी की तरह डिब्बे में पैक करके गांजे की सप्लाई करते थे। पुलिस ने बताया कि पकड़े गए गिरोह में संदीप ही बीएससी पास है। आसिफ और बिंटू 12वीं, काजल नौवीं और सतेंद्र पांचवीं कक्षा तक ही पढ़ा है। आरोपी इसलिए ऑनलाइन पार्सल व कोरियर के माध्यम से गांजे की सप्लाई करते थे, ताकि पुलिस व नारकोटिक्स विभाग से बचा जा सके। संदीप और काजल कोरियर का काम कर ग्राहकों की तलाश करते थे, जबकि आसिफ और सतेंद्र वाहन चालक के रूप में काम करते थे।