Indian Defence -सेना प्रमुख पूंछ दौरे पर : पुराने सहकर्मी से मुलाकात

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Army Chief General Upendra Dwivedi is visiting Poonch District J&K.

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर के पूंछ जिले में अग्रिम क्षेत्रों में तैनात जवानों से मुलाकात की और सेना की तैयारियों का जायजा लेने के साथ पड़ोस के गांव में अपने पुराने सहकर्मी सेवानिवृत सूबेदार परवेज अहमद से मुलाकात कर उनकी कुशल क्षेम भी पहुंची।

सेना प्रमुख ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान स्थानीय स्तर पर जवानों की मदद करने के लिए सूबेदार अहमद को सम्मानित भी किया। उन्होंने अग्रिम इलाकों में तैनात जवानों के मनोबल और सतर्कता की भी सराहना की।

अग्रिम क्षेत्रों के दौरे के बाद जनरल द्विवेदी पूंछ के कामसर गांव भी गये। वहां उन्होंने 8 जम्मू-कश्मीर राइफल्स के सेवानिवृत्त सूबेदार (मानद कैप्टन) परवेज़ अहमद से मुलाकात की। यह मुलाकात विशेष थी क्योंकि दोनों पहले सेना में एक साथ सेवा कर चुके हैं। जब वर्ष 2002 से 2005 के बीच जनरल द्विवेदी बटालियन के कमांडिंग अफसर थे तब सूबेदार परवेज़ अहमद उसी यूनिट में थे।

सूबेदार परवेज़ अहमद ने मार्च 99 में सेना में भर्ती होकर मार्च 209 में 25 साल की सेवा के बाद सेवानिवृत्ति ली। सेवा के दौरान उन्होंने अलग-अलग इलाकों में काम किया और कई बार प्रशिक्षण संस्थानों में जवानों को ट्रेनिंग भी दी।

सेना से रिटायर होने के बाद सूबेदार परवेज़ अहमद समाज से जुड़े रहे। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उन्होंने स्थानीय स्तर पर जवानों की मदद की। उन्होंने जरूरी सामान पहुंचाने और स्थानीय जानकारी साझा करने में सहयोग किया। यह सब उन्होंने कठिन हालात में किया।

उनके इस योगदान को देखते हुए सेना प्रमुख ने उन्हें ‘वेटरन अचीवर अवॉर्ड’ से सम्मानित किया। इस मौके पर उनके परिवार के सदस्य, पूर्व सैनिक और आसपास के लोग भी मौजूद थे।

इस दौरान इलाके के अन्य पूर्व सैनिक और स्थानीय लोग, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे, सेना प्रमुख से मिले। बातचीत सहज और अनौपचारिक रही।

पूंछ जैसे सीमावर्ती इलाकों में, जहां सेना और आम लोगों का रिश्ता बहुत करीब का होता है, यह दौरा बताता है कि सेवा खत्म होने के बाद भी सैनिकों और सेना का जुड़ाव बना रहता है।

सेना प्रमुख ने की आतंकवाद-रोधी अभियानों और सुरक्षा स्थिति की समीक्षा

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने जम्मू कश्मीर स्थित अग्रिम क्षेत्रों का दौरा कर वहां चल रहे आतंकवाद-रोधी अभियानों और मौजूदा सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की है। इस दौरान उन्होंने यहां जमीनी हालात का जायजा लिया और सुरक्षा बलों की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की।

रविवार को भारतीय सेना ने बताया कि सेना प्रमुख को यहां चल रहे आतंकवाद-रोधी अभियानों, सुरक्षा ग्रिड की प्रभावशीलता और निरंतर सतर्कता बनाए रखने के लिए उठाए गए उपायों के बारे में जानकारी दी गई। चर्चा के दौरान विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और परिचालन क्षमता बढ़ाने के लिए उन्नत तकनीकों के समावेश पर भी ध्यान केंद्रित किया गया।

गौरतलब है कि सेना में उन्नत और आधुनिक तकनीकों को शामिल करके सेना की परिचालन क्षमता को और मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। सेना प्रमुख को इन तकनीकों, सुरक्षा व्यवस्था, सतर्कता उपायों और अभियानों की प्रगति के बारे में भी जानकारी दी गई। जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में तैनात जवानों की तत्परता, समर्पण और पेशेवर रवैये की सराहना की और देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उच्च स्तर की तैयारी बनाए रखने पर बल दिया।

दरअसल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने जम्मू कश्मीर में व्हाइट नाइट कॉर्प्स के तहत आने वाली काउंटर इंसर्जेंसी फोर्स (आर) का दौरा किया है। इसका मकसद इलाके की मौजूदा सुरक्षा हालात को समझना और देखना था। यहां पूरे क्षेत्र में अलग-अलग एजेंसियों के बीच असरदार तालमेल स्थापित किया गया है। इससे लगातार चौकसी बनाए रखी जा रही है, ताकि किसी भी खतरे को समय रहते रोका व निष्क्रिय किया जा सके।

सेना लगातार अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर और बेहतर तरीके अपना रही है। साथ ही नई और आधुनिक तकनीक को अपनाकर जवानों के काम करने की क्षमता को और मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है। जनरल द्विवेदी ने जवानों के काम की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि कठिन हालात में भी जवान पूरी लगन, पेशेवर तरीके और जिम्मेदारी के साथ अपना फर्ज निभा रहे हैं। उन्होंने उनकी तैयारियों और सतर्कता की सराहना की।

इस दौरे से साफ संदेश गया कि भारतीय सेना पूरी तरह सतर्क है, हर हाल में तैयार है और देश की सुरक्षा के लिए जटिल से जटिल इलाकों में भी पूरी मजबूती के साथ काम कर रही है। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पुंछ में पूर्व सैनिकों से भी संवाद किया।

इस बातचीत के दौरान पूर्व सैनिकों की सैन्य सेवा के अनुभवों, मौजूदा कल्याणकारी पहलों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर चर्चा हुई। सीओएएस ने पुंछ ब्रिगेड में वीर नारियों और नागरिक प्रशासन के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। यह संवाद सौहार्द और पारस्परिक सम्मान से परिपूर्ण रहा, जिसने सेवारत नेतृत्व और भारतीय सेना के पूर्व सैनिक समुदाय के बीच गहरे और स्थायी संबंध को रेखांकित किया।

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