Opposition News -शीतकालीन सत्र के पहले दिन कांग्रेस की SIR प्रक्रिया रोकने की मांग

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On the very First day of parliament winter session Congress MP demanded to stop S.I.R procedure. शीतकालीन सत्र के पहले दिन कांग्रेस सांसद ने लोकसभा में दिया स्थगन प्रस्ताव, SIR प्रक्रिया रोकने की मांग

कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने सोमवार को लोकसभा में एक स्थगन प्रस्ताव पेश किया है, जिसमें देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) प्रक्रिया को तुरंत रोकने की मांग की गई है। टैगोर ने इसे ‘अभूतपूर्व संकट’ से जोड़ते हुए गंभीर सवाल उठाए।

अपने नोटिस में टैगोर ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा लागू की गई यह प्रक्रिया एकतरफा, तानाशाही और बिना किसी तैयारी के शुरू कर दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग ने न तो शिक्षकों से कोई चर्चा की, न राज्यों के साथ समन्वय किया और न ही जनता की परेशानियों का ध्यान रखा।

टैगोर ने अपने प्रस्ताव में कहा कि यह एसआईआर प्रक्रिया एक एकाधिकारवादी, अचानक लागू की गई और अत्यधिक दबाव वाली कवायद बन चुकी है।

टैगोर ने इसे ‘संस्थागत क्रूरता’ करार दिया। उन्होंने कहा कि न तो आत्महत्याओं की निगरानी की कोई व्यवस्था है, न मानसिक स्वास्थ्य सहायता, न मुआवजा प्रावधान और न किसी प्रकार का आपातकालीन प्रोटोकॉल। उन्होंने कहा कि आम जनता भी इस प्रक्रिया की वजह से भ्रम, घबराहट, बार-बार होने वाले सत्यापन और अविश्वास की स्थिति से गुजर रही है।

कांग्रेस सांसद ने कहा, “जब मतदाता सूची तैयार करने वाले कर्मचारी ही भारी दबाव में गिरने लगें, तो लोकतंत्र की विश्वसनीयता भी गिर जाती है।”

लोकसभा के सामने उन्होंने पांच प्रमुख मांगें रखीं। 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में एसआईआर प्रक्रिया को तुरंत निलंबित किया जाए। हर एक बीएलओ की मौत और आत्महत्या की राष्ट्रीय स्तर पर पूरी जांच की जाए। प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए। चुनावी प्रक्रियाओं में सुधार कर बीएलओ को सुरक्षित वातावरण मिले और चुनाव आयोग को तलब कर इस अव्यवस्थित लागू प्रक्रिया का स्पष्टीकरण मांगा जाए।

सिंघवी ने सरकार को घेरा, नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया व राहुल पर नई एफआईआर को राजनीतिक प्रतिशोध बताया

संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से ठीक पहले कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर नई एफआईआर होने को राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताया। उन्होंने कहा कि यह मामला नेशनल हेराल्ड का नहीं बल्कि नेशनल हैरेसमेंट का है, जिसे भाजपा बार-बार उछालकर विपक्ष को डराने का प्रयास कर रही है।

संसद भवन के बाहर विजय चौक के पास प्रेस वार्ता में कांग्रेस के विधि और कानून विभाग के अध्यक्ष अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि इस पूरे मामले में न कोई अपराध हुआ है, न किसी पैसे का लेन-देन, न किसी संपत्ति का स्थानांतरण और न किसी व्यक्ति को कोई लाभ मिला है। इसके बावजूद इसे मनी लॉन्ड्रिंग का मामला बताया जा रहा है। सरकार आर्थिक मंदी, बेरोजगारी, सामाजिक तनाव, विदेश नीति की चुनौतियों और पड़ोसी देशों से बिगड़ते संबंध जैसे असली मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए विपक्षी नेताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज करवा रही है। सिंघवी ने सरकार पर विपक्ष को परेशान करने और जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस दबाव की राजनीति से न तो डरने वाली है और न ही पीछे हटने वाली। उनके अनुसार यह लड़ाई अदालतों, संसद और जनता तीनों स्तरों पर जारी रहेगी।

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