PM Modi addressed at Global Conference on Space Exploration (GLEX 2025). PM stated that Indian space journey is entirely based upon the concept of “Vasudhaiva Kutumbakam” and not driven by any competition with other countries.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि भारत की अंतरिक्ष यात्रा दूसरों से प्रतिस्पर्धा करने को लेकर नहीं है, बल्कि यह ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ पर आधारित है यानी पूरी दुनिया एक परिवार है। वैश्विक शक्तियों के स्पेस एक्सप्लोरेशन में बढ़ती होड़ के बीच, प्रधानमंत्री मोदी ने स्पेस एक्सप्लोरेशन पर ग्लोबल कॉन्फ्रेंस (जीएलईएक्स 2025) को एक वीडियो संदेश के जरिए संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने स्पेस एक्सप्लोरेशन के माध्यम से सामूहिक विकास का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “भारत का स्पेस विजन ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के प्राचीन ज्ञान पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि दुनिया एक परिवार है। हम न केवल अपने विकास के लिए प्रयासरत हैं, बल्कि वैश्विक ज्ञान को समृद्ध करने, आम चुनौतियों का समाधान करने और भावी पीढ़ियों को प्रेरित करने का भी प्रयास करते हैं।“ उन्होंने कहा कि भारत एक साथ सपने देखने, एक साथ निर्माण करने और एक साथ सितारों तक पहुंचने के लिए खड़ा है। उन्होंने विज्ञान और बेहतर कल के लिए साझा सपनों के निर्देशन का आह्वान करते हुए कहा “आइए हम एक साथ मिलकर स्पेस एक्सप्लोरेशन में एक नया अध्याय लिखें।”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “अंतरिक्ष सिर्फ एक गंतव्य नहीं है। यह जिज्ञासा, साहस और सामूहिक प्रगति की घोषणा है। भारतीय अंतरिक्ष यात्रा इसी भावना को दर्शाती है। 1963 में एक छोटे रॉकेट को लॉन्च करने से लेकर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास उतरने वाला पहला देश बनने तक, हमारी यात्रा शानदार रही है। हमारे रॉकेट पेलोड से कहीं ज्यादा ले जाते हैं। वे 1.4 बिलियन भारतीयों के सपनों को साथ लेकर चलते हैं।”

उन्होंने सफल मंगल मिशन, चंद्रयान-1, चंद्रयान-2, चंद्रयान-3, क्रायोजेनिक इंजन लॉन्च और सैटेलाइट डॉकिंग जैसी अंतरिक्ष उपलब्धियों को सूचीबद्ध किया और इन्हें ‘महत्वपूर्ण वैज्ञानिक मील का पत्थर’ करार दिया। उन्होंने इस साल के अपकमिंग मिशन ह्युमन स्पेस फ्लाइट मिशन ‘गगनयान’, इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के लिए इसरो-नासा के संयुक्त मिशन, 2035 तक भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन की स्थापना और 2040 तक चंद्रमा मिशन जैसे आगामी मिशनों की भी घोषणा की।
पीएम मोदी ने कहा, “मंगल और शुक्र भी हमारे रडार पर हैं। एक्सप्लोरेशन के अलावा, देश की अंतरिक्ष यात्रा सशक्तीकरण को लेकर भी है।” उन्होंने कहा, “यह शासन को सशक्त बनाता है, आजीविका को बढ़ाता है और पीढ़ियों को प्रेरित करता है। मछुआरों को चेतावनी देने से लेकर गतिशक्ति प्लेटफॉर्म तक, रेलवे सुरक्षा से लेकर मौसम के पूर्वानुमान तक, हमारे सैटेलाइट हर भारतीय के कल्याण का ध्यान रखते हैं।”

‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के बाद केंद्र सरकार ने 8 मई को बुलाई सर्वदलीय बैठक
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद केंद्र सरकार ने 8 मई को सुबह 11 बजे एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू सहित वरिष्ठ मंत्री सरकार का प्रतिनिधित्व करेंगे। बैठक का एजेंडा विपक्षी नेताओं को ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी देने और राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों पर भविष्य की कार्रवाई पर चर्चा करने पर केंद्रित है।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया, “सरकार ने 8 मई, 2025 को सुबह 11 बजे नई दिल्ली में संसद पुस्तकालय भवन, संसद परिसर में समिति कक्ष: जी-074 में सर्वदलीय नेताओं की बैठक बुलाई है।”
वहीं बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी दी और भारतीय सेना की बहादुरी की जमकर सराहना की। कैबिनेट मंत्रियों ने इस सफल अभियान के लिए पीएम मोदी को बधाई दी और उनके नेतृत्व में पूर्ण विश्वास जताया। सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी रात भर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और सैन्य कमांडरों के साथ संपर्क में रहे, ताकि अभियान योजना के अनुसार सुचारू रूप से पूरा हो।
वहीं, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर भारतीय सेना, वायुसेना और विदेश मंत्रालय ने संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग की, जिसमें विदेश सचिव विक्रम मिस्री, वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह और भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी शामिल हुईं। सैन्य अधिकारियों ने आतंकी ठिकानों पर किए गए हमले की क्लिप भी दिखाई।

कर्नल सोफिया कुरैशी ने इस ऑपरेशन को लेकर बताया, “पहलगाम आतंकवादी हमले के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया गया था। 9 आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया गया। पाकिस्तान में पिछले तीन दशकों से आतंकवादी इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा था, जो पाकिस्तान और पीओके दोनों में फैला हुआ है। पीओके में पहला लक्ष्य मुजफ्फराबाद में सवाई नाला कैंप था, जो नियंत्रण रेखा से 30 किलोमीटर दूर स्थित है। यह लश्कर-ए-तैयबा का प्रशिक्षण केंद्र था। 20 अक्टूबर 2024 को सोनमर्ग, 24 अक्टूबर 2024 को गुलमर्ग और 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए हमलों में शामिल आतंकवादियों ने यहीं से प्रशिक्षण प्राप्त किया था।”
वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने बताया, “रात 1 बजकर पांच मिनट से 1 बजकर 30 मिनट के बीच हमला किया गया। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत नौ आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाया गया और सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया गया। नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान से बचाने और किसी भी नागरिक को जानमाल से बचाने के लिए स्थानों का चयन किया गया था।”