A small write-up on Terror supporting Shameless Mazloom clan in Bharat. People shamelessly flying slogan in support of Hamas and ISIS. The fact is they are completely anti-peace and anti all other religions of the world. The believers of Brutality and murderous history of their forefathers, The are responsible of terror attacks and massacres worldwide even today. In Bharat many muslims are protesting Hamas on the name of religion only and not even want to accept the Bloody history of themselves and these terror organizations.

आज बड़ी बेशर्मी से हमास का समर्थन किया जा रहा है। इस बात के बावजूद की 5000 से ज्यादा मिसाइल दाग कर पहल किसने की।
जब सामने से तगड़ा वाला जवाब मिला तो हाय हाय करना शुरू कर दिया।
मुझे एक बहुत पुरानी कहानी याद आ गई। एक राजा अपने कुत्ते के साथ नाव में यात्रा कर रहा था।
उस नाव में अन्य यात्रियों के साथ एक दार्शनिक भी था।
कुत्ते ने कभी नौका में सफर नहीं किया था, इसलिए वह अपने को सहज महसूस नहीं कर पा रहा था।
वह उछल-कूद कर रहा था और किसी को चैन से नहीं बैठने दे रहा था। बार-बार यात्रियों के ऊपर भोंक रहा था काटने को दौड़ रहा था।

मल्लाह भी उसकी उछल-कूद से परेशान था कि ऐसी स्थिति में यात्रियों की हड़बड़ाहट से नाव डूब जाएगी।
वह भी डूबेगा और दूसरों को भी ले डूबेगा।
परन्तु कुत्ता अपने स्वभाव के कारण उछल-कूद में लगा था।
ऐसी स्थिति देखकर राजा भी गुस्से में था, पर कुत्ते को सुधारने का कोई उपाय उन्हें समझ में नहीं आ रहा था।
नाव में बैठे दार्शनिक से रहा नहीं गया।
वह राजा के पास गया और बोला : “सरकार। अगर आप इजाजत दें तो मैं इस कुत्ते को भीगी बिल्ली बना सकता हूँ।”
बादशाह ने तत्काल अनुमति दे दी।
दार्शनिक ने दो यात्रियों का सहारा लिया और उस कुत्ते को नाव से उठाकर नदी में फेंक दिया।

कुत्ता तैरता हुआ नाव को पकड़ने की कोशिश करने लगा।
उसको अब अपनी जान के लाले पड़ रहे थे।
कुछ देर बाद दार्शनिक ने उसे खींचकर नाव में चढ़ा लिया।
वह कुत्ता चुपके से जाकर एक कोने में दुबक कर बैठ गया।

नाव के यात्रियों के साथ राजा को भी उस कुत्ते के बदले व्यवहार पर बड़ा आश्चर्य हुआ।
राजा ने दार्शनिक से पूछा यह पहले तो उछल-कूद और हरकतें कर रहा था। अब देखो, कैसे यह पालतू बकरी की तरह बैठा है ?”

दार्शनिक बोला : “खुद तकलीफ का स्वाद चखे बिना किसी को दूसरे की विपत्ति का अहसास नहीं होता है। इस कुत्ते को जब मैंने पानी में फेंक दिया तो इसे पानी की ताकत और नाव की उपयोगिता समझ में आ गयी।”
जिन लोगों को भारत में डर लगता है उन्हें गाजा पट्टी, अफगानिस्तान, सीरिया, इराक़ या पाकिस्तान में फेंक देना चाहिए फिर वहा अपने आप भीगी बिल्ली बनकर एक कोने में पड़े रहेंगे।