Special Report -श्रीमहन्त नारायण गिरि महाराज ने किया मां कूष्मांडा एवं मां श्री राणी भटियाणीसा का विशेष पूजन

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International Saint Shri mahant Narayan Giri Ji Maharaj preformed a Special Navratri puja ritual of Mata Kushmanda Ji at ancient temple of Shri Rani Bhatiyari Saa and worshiped Kanya swaroop of Matr Shakti. Shri mahant Narayan Giri Ji Maharaj is Peethadheeshwar of Dudheshwar Math Gurukul and Ancient Shiv Temple, Spokesperson of Shri Panchashnaam Juna Akhada, Delhi Saint Mahamandal, World peace Organization. The event was organized by Shri Rawal Ji Kishan Singh Jasol, Rajasthan BJP members, Bhartiya Kshatriya Mahasabha youth wing members, Kunwar Harishchandra Singh Ji Jasol joined among thousands of other devotees witnessed the rituals and took blessings.

शारदीय नवरात्रि के चतुर्थ दिवस पर जिला बालोतरा, राजस्थान के जसोल स्थित श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान में श्रीमहन्त नारायण गिरि महाराज ने किया मां कूष्मांडा एवं मां श्री राणी भटियाणीसा का विशेष पूजन और कन्या पूजन

श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान के अध्यक्ष रावल श्री किशन सिंह जसोल एवं राजस्थान भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, भारतीय क्षत्रिय महासभा की युवा कार्यकारिणी के अध्यक्ष तथा मंदिर संस्थान के सदस्य कुँवर हरिश्चंद्र सिंह जसोल की गरिमामयी उपस्थिति

वर्ल्ड पीस ऑर्गेनाइजेशन के अंतरराष्ट्रीय संगठन महामंत्री श्रीमहन्त नारायण गिरि महाराज ने विश्व शांति, राष्ट्र की सुख-समृद्धि, मातृशक्ति के सम्मान एवं सनातन संस्कृति के संरक्षण की मंगलकामना की

जसोल, जिला बालोतरा, राजस्थान, 14 अक्टूबर 2026

शारदीय नवरात्रि के पावन चतुर्थ दिवस पर राजस्थान के जिला बालोतरा स्थित सुप्रसिद्ध शक्तिधाम श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल में सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर, गाजियाबाद के पीठाधीश्वर, श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता, दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष, जूना अखाड़ा 13 मढ़ी के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड पीस ऑर्गेनाइजेशन (विश्व शांति संगठन) के अंतरराष्ट्रीय संगठन महामंत्री श्रीमहन्त नारायण गिरि महाराज ने नवरात्रि की चतुर्थ अधिष्ठात्री देवी मां कूष्मांडा एवं मां भगवती श्री राणी भटियाणीसा के दर्शन कर विधि-विधान से विशेष पूजा-अर्चना एवं कन्या पूजन किया।

इस पावन अवसर पर श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल के अध्यक्ष रावल श्री किशन सिंह जसोल तथा राजस्थान भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, भारतीय क्षत्रिय महासभा की युवा कार्यकारिणी के अध्यक्ष एवं श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान के सदस्य कुँवर हरिश्चंद्र सिंह जसोल की विशेष उपस्थिति रही।

महाराज श्री ने मां कूष्मांडा की आराधना करते हुए कहा कि शारदीय नवरात्रि का चतुर्थ दिवस मां आदिशक्ति के दिव्य स्वरूप मां कूष्मांडा को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां कूष्मांडा सृष्टि की सृजनशक्ति, ऊर्जा, तेज, आरोग्य एवं समृद्धि की अधिष्ठात्री देवी हैं। उनकी उपासना से भक्तों के जीवन में सुख, शांति, सकारात्मक ऊर्जा एवं आध्यात्मिक चेतना का संचार होता है।

कन्या पूजन के माध्यम से मातृशक्ति के सम्मान का संदेश

श्रीमहन्त नारायण गिरि महाराज ने कन्या पूजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सनातन धर्म में कन्याओं को मां आदिशक्ति का साक्षात स्वरूप माना गया है। कन्या पूजन भारतीय संस्कृति में नारी सम्मान, मातृशक्ति की आराधना, सेवा, करुणा एवं संस्कारों की महान परंपरा का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार एवं समाज का कर्तव्य है कि वह कन्याओं की शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए सदैव समर्पित रहे।

श्री राणी भटियाणीसा का जसोल धाम राजस्थान की महान आस्था का केंद्र

महाराज श्री ने कहा कि जिला बालोतरा, राजस्थान के जसोल में स्थित श्री राणी भटियाणीसा का पावन धाम लाखों श्रद्धालुओं की श्रद्धा, भक्ति एवं विश्वास का प्रमुख केंद्र है। यह शक्तिधाम राजस्थान की गौरवशाली धार्मिक परंपराओं, लोक संस्कृति, सेवा, त्याग एवं शक्ति उपासना की महान विरासत को संजोए हुए है।

उन्होंने मंदिर संस्थान के अध्यक्ष रावल श्री किशन सिंह जसोल, कुँवर हरिश्चंद्र सिंह जसोल एवं मंदिर संस्थान के समस्त पदाधिकारियों और सेवाभावी कार्यकर्ताओं द्वारा धार्मिक परंपराओं एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों के प्रति शुभकामनाएं व्यक्त कीं।

विश्व शांति एवं वसुधैव कुटुम्बकम् का संदेश

वर्ल्ड पीस ऑर्गेनाइजेशन के अंतरराष्ट्रीय संगठन महामंत्री श्रीमहन्त नारायण गिरि महाराज ने कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति का मूल संदेश वसुधैव कुटुम्बकम् है, जिसका अर्थ है कि संपूर्ण विश्व एक परिवार है।

उन्होंने कहा कि आज विश्व में शांति, प्रेम, मानवता, सद्भावना, धार्मिक समरसता एवं आपसी भाईचारे की स्थापना अत्यंत आवश्यक है। वर्ल्ड पीस ऑर्गेनाइजेशन के माध्यम से विश्व शांति, मानव कल्याण एवं भारतीय आध्यात्मिक मूल्यों के संदेश को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया है।

रावल श्री किशन सिंह जसोल एवं कुँवर हरिश्चंद्र सिंह जसोल की विशेष उपस्थिति

इस धार्मिक अवसर पर श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान के अध्यक्ष रावल श्री किशन सिंह जसोल एवं कुँवर हरिश्चंद्र सिंह जसोल ने महाराज श्री के सान्निध्य में मां भगवती का आशीर्वाद प्राप्त किया।

इस दौरान सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति, शक्ति उपासना, सामाजिक सेवा, धार्मिक परंपराओं एवं प्राचीन शक्तिपीठों के संरक्षण के महत्व पर विचार-विमर्श हुआ।

राष्ट्र की उन्नति एवं विश्व कल्याण की प्रार्थना

अंत में श्रीमहन्त नारायण गिरि महाराज ने मां कूष्मांडा एवं मां भगवती श्री राणी भटियाणीसा के श्रीचरणों में प्रार्थना करते हुए भारतवर्ष की एकता, अखंडता, राष्ट्र की उन्नति, समस्त देशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, मातृशक्ति के सम्मान तथा संपूर्ण विश्व में शांति एवं सद्भावना की मंगलकामना की।

महाराज श्री ने समस्त देशवासियों, राजस्थानवासियों, जिला बालोतरा के निवासियों एवं जसोल धाम आने वाले श्रद्धालुओं को शारदीय नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं प्रदान कीं।

विश्व शांति संगठन के अंतरराष्ट्रीय संगठन महासचिव नियुक्त श्रीमहन्त नारायण गिरि महाराज ने जसोल धाम में किए माँ राणी भटियाणीसा के दर्शन

माँ जसोल के दर्शन हेतु आते समय मिला नवीन दायित्व का शुभ समाचार, महाराज श्री ने बताया माँ की असीम कृपा एवं आशीर्वाद

श्री गणेशपुरी जी महाराज के पावन सान्निध्य में हुआ भव्य स्वागत, विशेष हवन-पूजन में विश्व शांति एवं मानव कल्याण की मंगलकामना

जसोल, । सिद्धपीठ श्री दूधेश्वरनाथ महादेव मठ मंदिर, गाजियाबाद के पीठाधीश्वर, श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता एवं सचिव, दिल्ली संत महामंडल तथा जूना अखाड़ा 13 मढ़ी के अध्यक्ष श्रीमहन्त नारायण गिरि जी महाराज ने विश्व शांति संगठन (World Peace Organisation) के अंतरराष्ट्रीय संगठन महासचिव नियुक्त होने के उपरांत राजस्थान के बालोतरा जिले में स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल पहुँचकर माँ राणीसा भटियाणीसा के पावन दर्शन एवं विधिवत पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने समस्त श्रद्धालुओं के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य एवं खुशहाली की मंगलकामना की।

जसोल धाम आगमन पर श्री नर्बदेश्वर महादेव मंदिर, जसोल के पूज्य महंत श्री श्री 1008 श्री गणेशपुरी जी महाराज के पावन सान्निध्य में संस्थान के प्रवक्ता कुँवर हरिशचंद्र सिंह जसोल ने संस्थान परिवार की ओर से महाराज श्री का भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया। साथ ही विश्व शांति संगठन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण दायित्व मिलने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए उनके सफल एवं यशस्वी कार्यकाल की मंगलकामना की। इस अवसर पर जसोल नगर पालिका की चेयरमैन श्रीमती निर्मला प्रजापत, विभिन्न वार्डों के नवनिर्वाचित पार्षद, स्थानीय ग्रामवासी एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। सभी ने उनका अभिनंदन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

स्वागत उपरांत महाराज श्री ने पूज्य महंत श्री गणेशपुरी जी महाराज एवं संस्थान प्रवक्ता के साथ माँ राणीसा भटियाणीसा के दर्शन किए। इसके पश्चात शारदीय नवरात्रा महोत्सव के अंतर्गत आयोजित विशेष वैदिक हवन-पूजन में सहभागिता कर माँ जसोल के समस्त भक्तों के कल्याण, क्षेत्र की उन्नति, राष्ट्र की समृद्धि एवं विश्व शांति के संकल्प के साथ यज्ञाग्नि में विशेष आहुतियाँ अर्पित कीं।

माँ जसोल की कृपा से मिला नवीन दायित्व : श्रीमहन्त नारायण गिरि महाराज

इस अवसर पर महाराज श्री ने माँ जसोल के प्रति अपनी अगाध श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि आज माँ के पावन दर्शन हेतु जसोल धाम आते समय मार्ग में ही विश्व शांति संगठन के अंतरराष्ट्रीय संगठन महासचिव पद पर नियुक्ति का शुभ समाचार प्राप्त हुआ। यह मेरे लिए माँ राणीसा भटियाणीसा की असीम कृपा एवं आशीर्वाद का अनुपम संयोग है। माँ की कृपा से जीवन में सदैव नई ऊर्जा, प्रेरणा एवं जनसेवा के अवसर प्राप्त होते हैं। विगत कई वर्षों से निरंतर जसोल धाम आने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है और प्रत्येक आगमन पर माँ के पावन दरबार से आध्यात्मिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा एवं नई प्रेरणा प्राप्त होती है। माँ का आशीर्वाद सदैव मेरे जीवन एवं सेवाकार्यों का संबल रहा है।

उन्होंने कहा कि जसोल धाम की समृद्ध संस्कृति, धार्मिक परंपराएँ, आध्यात्मिक वातावरण एवं माँ के पावन दरबार की दिव्यता अत्यंत मनोहारी है। विशेष रूप से संस्थान अध्यक्ष रावल किशन सिंह जसोल के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में श्रद्धालुओं की सुविधाओं, धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण तथा संस्थान के सर्वांगीण विकास हेतु किए जा रहे कार्य सराहनीय एवं प्रेरणादायी हैं। यहाँ की सुव्यवस्थित व्यवस्थाएँ, सेवा भावना एवं निरंतर प्रगति देखकर मन अभिभूत हो उठता है।

सनातन संस्कृति विश्व शांति एवं मानव कल्याण का आधार

महाराज श्री ने कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति संपूर्ण विश्व को शांति, सद्भाव, सेवा एवं मानव कल्याण का संदेश देती है। धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थल समाज में संस्कार, एकता और सकारात्मक ऊर्जा के प्रमुख केंद्र हैं। विश्व शांति, सामाजिक समरसता एवं मानव सेवा के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। आध्यात्मिक मूल्यों एवं सनातन संस्कृति के आदर्शों के माध्यम से विश्व में स्थायी शांति एवं सद्भाव स्थापित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नवीन दायित्व के माध्यम से सनातन संस्कृति के सार्वभौमिक मूल्यों, विश्व बंधुत्व, शांति एवं मानव सेवा के संदेश को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाने का प्रयास रहेगा।

इस अवसर पर संस्थान प्रवक्ता कुँवर हरिशचंद्र सिंह जसोल ने कहा कि महाराज श्री का धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक क्षेत्र में योगदान प्रेरणादायी है। विश्व शांति संगठन में उनकी नियुक्ति सनातन संस्कृति एवं मानव कल्याण के संदेश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उनके मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में संगठन विश्व शांति, सद्भाव एवं मानव सेवा के क्षेत्र में नई उपलब्धियाँ प्राप्त करेगा।

कार्यक्रम के समापन पर महाराज श्री ने उपस्थित श्रद्धालुओं एवं जनसमूह को आशीर्वाद प्रदान करते हुए माँ राणीसा भटियाणीसा से समस्त देशवासियों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की मंगलकामना की।

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