Indian Air Force organised its Grand level Air show ‘Wings Over Ganga” at Kashi grounds. The Air Force officials participated in a Special puja prayers, mantra havan ritual and Ganga Aarti at Namo Ghat. काशी में एयर शो की सफलता के लिए मां गंगा की आरती, बाबा विश्वनाथ से मांगा आशीर्वाद
-नमो घाट पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विशेष पूजा-अर्चना, ‘विंग्स ओवर गंगा’ के सुरक्षित और निर्विघ्न आयोजन की कामना

वाराणसी, भारतीय वायुसेना के भव्य एयर शो ‘विंग्स ओवर गंगा’ की सफलता और सुरक्षित आयोजन की कामना को लेकर बुधवार को नमो घाट पर विशेष धार्मिक अनुष्ठान किया गया। नमामि गंगे की टीम ने महर्षि वेद विज्ञान विद्यापीठ के वेदपाठी बटुकों के साथ मां गंगा की आरती उतारी और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना की। इस दौरान बाबा विश्वनाथ से भी प्रार्थना की गई कि ऐतिहासिक आयोजन निर्विघ्न संपन्न हो और इसमें शामिल सभी प्रतिभागियों तथा दर्शकों की सुरक्षा सुनिश्चित रहे।
नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक एवं नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला के नेतृत्व में हुए अनुष्ठान में द्वादश ज्योतिर्लिंग, गंगाष्टकम और स्वस्तिवाचन का पाठ किया गया। गंगा तट पर श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में बटुकों ने वैदिक मंत्रों के साथ मां गंगा की आराधना की। इस दौरान देश की सुरक्षा, सैनिकों के साहस और समर्पण तथा काशी की सुख-समृद्धि की कामना की गई।

गंगा के ऊपर दिखेगा वायुसेना का पराक्रम
राजेश शुक्ला ने बताया कि भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में नमो घाट पर ‘वायुसेना दिवस एरियल डिस्प्ले-2026’ का आयोजन किया जा रहा है। ‘विंग्स ओवर गंगा’ की थीम पर आधारित यह कार्यक्रम काशी के लिए गौरवपूर्ण अवसर है। इसमें गंगा के ऊपर लड़ाकू विमानों की गर्जना, सटीक उड़ान और हेलीकॉप्टरों के रोमांचक करतब देखने को मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि एयर शो भारतीय वायुसेना की आधुनिक तकनीक, विमानन क्षमता और साहस का प्रदर्शन करेगा। इससे लोगों को देश की रक्षा में वायुसेना के योगदान को करीब से जानने का अवसर मिलेगा। साथ ही, यह आयोजन युवाओं में देशभक्ति की भावना मजबूत करने और उन्हें वायुसेना में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेगा।

राफेल, सुखोई और तेजस समेत कई विमान दिखाएंगे करतब
एयर शो में राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, तेजस और हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर प्रचंड सहित आधुनिक विमानों के प्रदर्शन की तैयारी है। इसके अलावा आईएल-76, आईएल-78, सी-295 और एएन-32 जैसे परिवहन एवं अन्य श्रेणियों के विमान भी आयोजन का हिस्सा होंगे।
भारतीय वायुसेना की सूर्य किरण एरोबैटिक टीम सामूहिक उड़ान और सटीक तालमेल का प्रदर्शन करेगी। वहीं, सारंग हेलीकॉप्टर प्रदर्शन दल अपने रोमांचक हवाई करतबों से दर्शकों को आकर्षित करेगा। भारतीय नौसेना और थलसेना के विमानों की भागीदारी से विभिन्न रक्षा बलों की क्षमताओं की झलक भी देखने को मिलेगी।

काशी के लिए गौरव का अवसर
नमामि गंगे की टीम ने कहा कि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान के लिए विश्वविख्यात काशी में भारतीय वायुसेना के शौर्य का प्रदर्शन विशेष महत्व रखता है। मां गंगा की आराधना के माध्यम से आयोजन की सफलता की कामना की गई। सभी ने प्रार्थना की कि ‘विंग्स ओवर गंगा’ सुरक्षित, सफल और यादगार बने तथा यह आयोजन काशी और पूरे देश के लिए गौरव का क्षण साबित हो।
नमो घाट पर एयर शो का रिहर्सल, वाराणसी के आसमान में दिखा वायुसेना का शौर्य, दर्शकों में दिखा उत्साह

वाराणसी, काशी में गंगा के आसमान में भारतीय वायुसेना के शौर्य, पराक्रम और अद्भुत हवाई करतबों की झलक देखने के लिए लोगों का उत्साह चरम पर है। 22, 24 और 25 अक्तूबर को प्रस्तावित ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो की तैयारियों के बीच बुधवार को नमो घाट पर रिहर्सल किया गया। इस दौरान गंगा के ऊपर वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने उड़ान भरकर हवाई प्रदर्शन की झलक दिखाई। सबसे पहले सारंग दल के तीन हेलीकॉप्टर नमो घाट से अस्सी घाट की ओर उड़े। रिहर्सल देखने के लिए करीब एक हजार स्कूली बच्चे और अन्य दर्शक मौजूद रहे। लोगों में विमानों के हवाई करतब देखने को लेकर गजब का उत्साह नजर आया।
रिहर्सल के दौरान दर्शकों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नमो घाट पर एंबुलेंस, चिकित्सा केंद्र और पुलिस पर्यटक सहायता केंद्र की व्यवस्था की गई थी। एयर शो के मुख्य आयोजन से पहले तैयारियों को परखने और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के उद्देश्य से यह अभ्यास किया गया।
राफेल, सुखोई और तेजस बनेंगे आकर्षण

एयर शो में राफेल, सुखोई एसयू-30 एमकेआई और स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस जैसे अत्याधुनिक विमानों के प्रदर्शन को लेकर खास उत्सुकता है। इनके साथ चिनूक और सारंग हेलीकॉप्टर भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बनेंगे। आसमान में लड़ाकू विमानों की गर्जना, तेज रफ्तार और रोमांचक हवाई करतब भारतीय वायुसेना की क्षमता और दक्षता को प्रदर्शित करेंगे।
फ्रांस निर्मित राफेल आधुनिक तकनीक और बहुउद्देशीय क्षमताओं के लिए जाना जाता है। वहीं, सुखोई एसयू-30 एमकेआई अपनी ताकत और कठिन हवाई करतब दिखाने की क्षमता के लिए प्रसिद्ध है। स्वदेशी तकनीक से विकसित तेजस भारत की विमान निर्माण क्षमता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। एयर शो में इन विमानों की उड़ान दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण हो सकती है।
चिनूक और सारंग भी दिखाएंगे हवाई कौशल
लड़ाकू विमानों के अलावा चिनूक और सारंग हेलीकॉप्टरों का प्रदर्शन भी आयोजन को खास बनाएगा। चिनूक भारी सामान और सैन्य उपकरणों के परिवहन में सक्षम है, जबकि भारतीय वायुसेना का सारंग प्रदर्शन दल उन्नत हल्के ध्रुव हेलीकॉप्टरों के जरिए सटीक नियंत्रण, आपसी तालमेल और अनुशासित उड़ान का प्रदर्शन करता है। बुधवार को रिहर्सल में सारंग के तीन हेलीकॉप्टरों की उड़ान ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
15 से 20 लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान

एयर शो के आयोजन को लेकर तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। प्रशासन को अनुमान है कि तीनों निर्धारित तिथियों पर बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम देखने पहुंच सकते हैं। संभावित भीड़ को देखते हुए गंगा पार के क्षेत्रों में भी विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। सुरक्षा, यातायात, आवागमन और दर्शकों की सुविधा को लेकर तैयारियों पर जोर दिया जा रहा है।
आसपास के जिलों से भी पहुंचेंगे दर्शक
एयर शो को लेकर वाराणसी के साथ आसपास के जिलों में भी उत्साह है। बुधवार को रिहर्सल देखने पहुंचे लोगों में आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर के लोग भी शामिल रहे। मुख्य आयोजन के दिन संभावित भीड़ और जाम से बचने के लिए कई लोग पहले से ही वाराणसी पहुंचने की योजना बना रहे हैं।
गंगा की लहरों और काशी के ऐतिहासिक घाटों की पृष्ठभूमि में होने वाला यह आयोजन शहर के लिए यादगार साबित हो सकता है। एयर शो के जरिए दर्शकों को भारतीय वायुसेना की आधुनिक तकनीक, अनुशासन और हवाई कौशल को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। अब लोगों को निर्धारित तिथियों पर होने वाले मुख्य प्रदर्शन का इंतजार है।