Red Fort Blast – लाल किला के पास भीषण धमाका — Delhi Blast दिल्ली में फिर गूंजा आतंक का साया भोलेनाथ के भक्तों पर हमला। HR26- 7674 Hyundai i20 car is registered on the name of Nadeem Khan Gurugram RTO.
Delhi On High Alert हाई अलर्ट पर देश की राजधानी . I20 हुंडई कार में हुआ है धमाका। कार का नंबर HR26- 7674 Hyundai i20 कार में कुछ व्यक्ति बैठे देखे गए थे। मंदिर का वॉच टावर बिल्कुल नजदीक है विस्फोट के स्पॉट से।
सुभाष मार्केट पर। गौरी शंकर मंदिर और मेट्रो स्टेशन गेट नंबर 1 के साथ सटा हुआ धमाका हुआ। मेट्रो स्टेशन के शीशे टूटे। 300 मीटर के दायरे में बिखरे क्षतविक्षत मानव अंग। प्राचीन गौरी शंकर मंदिर के सामने हुआ है ब्लास्ट। लाल किला ब्लास्ट में 10 व्यक्तियों की मौत 30 से ज्यादा गंभीर रूप से घायल। LNJP हॉस्पिटल में एडमिट हैं घायल।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने पुलिस कमिश्नर और अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली है। Amit Shah to visit the blast location around 21:45.

गौरी शंकर मंदिर सिर्फ 500 मीटर की दूरी पर। गौरी शंकर मंदिर और हनुमान मंदिर पर सोमवार को भक्तों की होती है भारी भीड़। सीएनजी ब्लास्ट की थ्योरी ख़ारिज है। यह ब्लास्ट बिल्कुल प्रोफेशनल और नियोजित ढंग से गढ़ा गया है। 2923 टन अमोनियम साइनाइट, मैगजींस, ID, सहारनपुर, दिल्ली, मेरठ, जम्मू, फरीदाबाद से जब्त किए गए है। एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है। कमिश्नर गोलचा ने घटना स्थल का दौरा किया
आज हुई लाल किला के पास कार धमाके की घटना ने पूरी राजधानी को सकते में डाल दिया है। और राजधानी की पुलिस व्यवस्था पर भी बड़ा प्रश्न चिन्ह लगा दिया है जो एक बड़े काले निशान से कम नहीं है। रिश्वत और वसूली पर पूरा ध्यान लगाए रहने वाले पुलिसकर्मी सिर्फ नो पार्किंग के चालान काटने में व्यस्त दिखते हैं।
पुलिसवालों की जेबों में पैसा भर कर अंजान झुंड के झुंड के रूप में आते जा रहे लोग दीमक की तरह राजधानी की हर सड़क हर फुटपाथ पर कब्जे किए जा रहे हैं। सामान बेचते और बाजारों को हाईजैक कर चुके हैं लेकिन कोई इस पर सवाल नहीं पूछता। यहां कानून सिर्फ टैक्स भरने वालों के लिए है ना कि दंगाई , बलवाई, घुसपैठियों के लिए। दिल्ली दंगों में पुलिस की चुस्ती और मुस्तैदी के अनेक मामले सामने आए थे जहां तेजाब की फैक्ट्रियां दीपक बैंड के बोर्ड के पीछे और गंगा जल लिखवाए गए एसिड से भरे टैंकर, बैरेल पकड़े गए जिनका मुस्लिम मालिक बेखौफ सालों से यह काम पुलिस की छाती पर खड़ा हो कर कर रहा था । ना अंजान लोगों को रोक जा रहा है कब्जे करने से ना ही कोई सतर्कता बरती जा रही है। देश की राजधानी ही ऐसे में खतरे से महफूज कैसे हो सकती है। NIA ,NSG, SIT, CBI, IB जैसे केंद्रीय विभाग जान लगाकर एक के बाद एक इस्लामिक स्टेट के सिंडिकेट तोड़ रहे हैं दहशतगर्द मुस्लिम आतंकी विस्फोटकों, हथियारों और केमिकल्स के जखीरे के साथ पकड़े जा रहे हैं। लेकिन दिल्ली पुलिस नीम बेहोशी में पड़ी पद, पैसा, पीस और पावर का आनंद उठा रही है। कोई सतर्कता नहीं बरती जा रही किसी भी स्तर पर। चांदनी चौक पुरानी दिल्ली पूरी तरह माफिया लोगों के कब्जे में जा चुका है।

लाल किले पर हुआ यह धमाका आज शाम लगभग 6:55 बजे हुआ। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पुराने हिस्से में स्थित लाल किला के पास स्थित लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट संख्या 1 के सामने पार्क-की गई एक कार में यह जोरदार धमाका हुआ। यह कोई योजना थी या हादसा यह सब सूत्र जोड़ने के बाद पता चलेगा लेकिन यह निश्चित है कि बड़ी मात्रा में पकड़े गए विस्फोटकों के बाद ये बेहद बड़ी घटना है।
धमाके के तुरंत बाद वहां पर कई वाहन आग की चपेट में आ गए, आसपास के समय-स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। चश्मदीद लोगों ने बताया कि उन्होंने एक भयानक बेहद तेज आवाज सुनी और उसके बाद धुआं और आग की ऊंची लपटे देखी गईं जिसके बाद वहां भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई थी।
धमाके की जगह के बिल्कुल पास में एक प्राचीन हनुमान मंदिर है और साथ ही गौरी शंकर मंदिर, जैन मंदिर, जैन चेरिटेबल पंछी हॉस्पिटल भी बिल्कुल पास हैं। प्रश्न उठता है क्या इन सभी हिन्दू आस्था और पूजा स्थलों को निशाना बनाया जा रहा था? यह निश्चित ही जांच का विषय है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक इस घटना में कम-से-कम एक व्यक्ति की मृत्यु हुई है और कई लोग घायल बताये जा रहे हैं।

घटना स्थल और समय
- घटना का स्थल है गेट 1, लाल किला मेट्रो स्टेशन के समीप, पुराने दिल्ली (चांदनी चौक क्षेत्र) के अंदरूनी इलाकों में।
- समय: शाम करीब 6:55 pm के आसपास।
- धमाके की तीव्रता इतनी रही कि आसपास के स्ट्रीटलाइट्स टूट गए और वाहन दूर तक उछल गये।
- धमाके के बाद मौके पर तुरंत दिल्ली फ़ायर सेवा (Delhi Fire Services) को सूचना दी गई और 7 से अधिक फायर टेंडर मौके पर भेजे गए।
- पुलिस ने इलाके को तुरंत घेर लिया, यातायात रोका गया और आसपास की दुकान-वहानों को खाली कराया गया।
- राजधानी के लिए हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
- प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार 10 मौत दर्ज की गई है।
- कई वाहन और दुकानों को आग लगने की खबर है, साथ ही घायल-मलबितों को अस्पताल ले जाया गया।
- धमाके की तीव्रता को देखकर ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि विस्फोटक की मात्रा सामान्य नहीं थी — आसपास के वाहनों और स्ट्रीटलाइट्स को भी असर हुआ।
- अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि यह एक आंतकी हमला, वाहन में तकनीकी दोष, या कोई दुर्घटना थी। जांच एजेंसियां मौके पर फॉरेंसिक और विस्फोट विज्ञान विशेषज्ञों के साथ जुटी हैं।
- सुरक्षा-एजेंसियों का यह कहना है कि दिल्ली में पहले से ही बम धमनाओं के संभावित खतरों को देखते हुए हाई अलर्ट मोड में हैं।
- वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि वाहन, आसपास की दुकान-साइट और सीसीटीवी फूटेज की समीक्षा की जा रही है।
- लाल किला और उसके आसपास का इलाका सुरक्षा दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है — राष्ट्रीय धरोहर होने के साथ-साथ प्रमुख पर्यटक एवं सार्वजनिक स्थल है। ऐसे में यहां विस्फोट की घटना गंभीर सुरक्षा खामी को इंगित करती है।
- इस प्रकार की घटना राजधानी में आम जनता की सुरक्षा और भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर सुरक्षा प्रबंधन का विवेक सवालों के दायरे में ला देती है।
- तीव्र कार्रवाई, तत्परता और सतर्कता के बावजूद इस घटना ने संकेत दिया है कि “अनपेक्षित” हमले की संभावना बनी हुई है।
- स्थानीय प्रशासन ने आसपास के इलाकों से आम लोगों को हटने और सुरक्षित स्थान पर जाने के निर्देश जारी किए हैं।
- दुर्घटना-जगह के आसपास यातायात और सार्वजनिक गतिविधियाँ फिलहाल प्रभावित हैं, इसलिए नागरिकों को गैर-जरूरी आवाजाही से बचने की सलाह दी गई है।
- किसी भी संदिग्ध वाहन, वस्तु या गतिविधि को देखकर तुरंत पुलिस को जानकारी दें।
- मीडिया से प्राप्त जानकारी को सार्वजनिक-सुरक्षा निर्देशों के रूप में देखें और अफवाहों से डरें नहीं लेकिन सावधान रहें।
आज शाम हुई इस धमाके की घटना ने राजधानी दिल्ली को एक बार फिर सुरक्षा-चेतना की दिशा में झटका दिया है। राष्ट्रीय महत्वपूर्ण स्थल के पास इतने बड़े विस्फोट से यह स्पष्ट हो गया है कि चुनौतियाँ अभी कम नहीं हुई हैं। सरकार, सुरक्षा एजेंसियाँ और नागरिक — तीनों को मिलकर इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सक्रिय होना होगा। हम उम्मीद करते हैं कि जल्द ही जांच के अंक खुलेंगे, दोषियों को सजा मिलेगी और प्रभावित लोगों को उचित सहायता दी जाएगी।