Super CM Yogi Shri Adityanath Ji appealed citizens of Uttar Pradesh to use their vote sensibly for total transformation and positive growth of the state.
लखनऊ, उत्तर प्रदेश की 9 विधानसभा सीटों पर मतदान जारी है। इस बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मतदाताओं से वोटिंग अपील की है। उन्होंने कहा है कि सकारात्मक परिवर्तन के लिए अपने मतों का प्रयोग करें। भारतीय जनता पार्टी के फायर ब्रांड नेता योगी आदित्यनाथ अपनी बेबाक शख्सियत के लिए मशहूर हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में योगी आदित्यनाथ ने 7 साल से ज्यादा समय पूरा कर लिया है। इसी के साथ सीएम योगी के नाम एक नया रिकॉर्ड बन गया है, जिसमें उन्होंने मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव और मायावती को भी पीछे छोड़ दिया है।

योगी का नया रिकॉर्ड?
योगी आदित्यनाथ सबसे लंबे समय तक यूपी की गद्दी पर काबिज रहने वाले मुख्यमंत्री बन गए हैं। योगी को यूपी का सीएम बने 7 साल 148 दिन हो गए हैं। ऐसे में उन्होंने लगातार सबसे ज्यादा समय तक यूपी के सीएम पद का कार्यभार संभाला है। इस रिकॉर्ड के साथ उन्होंने सूबे के पूर्व मुख्यमंत्रियों मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव और मायावती को भी पीछे छोड़ दिया है।
माइक्रो ब्लॉगिंग साइट एक्स पर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, उत्तर प्रदेश की मीरापुर, गाजियाबाद, कुन्दरकी, खैर, करहल, सीसामऊ, कटेहरी, मझवां और फूलपुर विधान सभा सीटों पर आज मतदान हो रहा है। सभी सम्मानित मतदाताओं से अपील है कि उत्तर प्रदेश की अविराम विकास यात्रा को और गति व शक्ति प्रदान करने हेतु मतदान अवश्य करें। 25 करोड़ प्रदेश वासियों के जीवन में व्यापक एवं सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए एकजुट होकर वोट करें। ध्यान रहे, पहले मतदान-फिर जलपान।

डॉक्टर संपूर्णानंद का रिकॉर्ड तोड़ा
बता दें कि योगी आदित्यनाथ से पहले कांग्रेस के मुख्यमंत्री डॉक्टर संपूर्णानंद यूपी में सबसे लंबे समय तक सीएम रहे थे। मगर अब यह रिकॉर्ड योगी आदित्यनाथ से नाम हो चुका है। वहीं यूपी की लोकल पार्टियों के नेता चौधरी चरण सिंह, मुलायम सिंह यादव, मायावती और अखिलेश यादव इस रिकॉर्ड से काफी दूर हैं। बसपा सुप्रीमो मायावती ने चार बार यूपी के सीएम पद की शपथ ली, तो वहीं सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव तीन बार मुख्यमंत्री की शपथ ले चुके हैं। मगर इसके बावजूद वो डॉक्टर संपूर्णानंद का रिकॉर्ड नहीं तोड़ सके
नारायण दत्त तिवारी को 2022 में छोड़ा था पीछे
योगी आदित्यनाथ ने 19 मार्च 2017 को यूपी के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। 2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी लगातार दूसरी बार सत्ता में आई और 25 मार्च 2022 को योगी आदित्यनाथ दूसरी बार सूबे के मुख्यमंत्री बने। सीएम योगी के नेतृत्व में बीजेपी लगातार दूसरी बार जीतने वाली पार्टी बनी। साथ ही दूसरी बार शपथ लेने के साथ सीएम योगी ने नारायण दत्त तिवारी का 37 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया था। दरअसल 1985 में नारायण दत्त तिवारी ने लगातार दूसरी बार शपथ ग्रहण की थी। इसके बाद सीएम योगी ने 2022 में लगातार दूसरी बार शपथ ली।
आज 4 राज्यों की 15 विधानसभा और महाराष्ट्र की नांदेड़ लोकसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान जारी है। इनमें से एक राज्य उत्तर प्रदेश भी है। जहां, मीरापुर (मुजफ्फरनगर), कुन्दरकी (मुरादाबाद), गाजियाबाद, खैर सुरक्षित (अलीगढ़), करहल (मैनपुरी), सीसामऊ (कानपुर नगर), फूलपुर (प्रयागराज), कटेहरी (अम्बेडकरनगर) और मझवां (मिर्जापुर) सीट पर मतदान जारी है।

वोटिंग प्रक्रिया में कोई बाधा उत्पन्न न हो इसका ध्यान रख कर विशेष इंतजाम किए गए हैं। यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया था कि चुनाव आयोग ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक उपचुनाव में कुल 1917 मतदान केंद्रों के 3718 मतदेय स्थल (पोलिंग बूथ) पर मतदान हो रहा है। इन मतदेय स्थलों में 1237 संवेदनशील हैं। मतदान पर पैनी नजर रखने के लिए आयोग ने 9 सामान्य प्रेक्षक, 5 पुलिस प्रेक्षक और 9 व्यय प्रेक्षक भी तैनात किए हैं। इन नौ सीटों पर 1846846 पुरुष, 1588967 महिला और 161 थर्ड जेंडर मतदाता हैं।
सबसे अधिक 14 उम्मीदवार गाजियाबाद और सबसे कम 5-5 उम्मीदवार खैर और सीसामऊ विधानसभा क्षेत्र में हैं। इन सीटों पर कुल 3435974 मतदाता हैं। जबकि, 11 महिलाओं समेत 90 प्रत्याशी मैदान में हैं। मतदाता फोटो पहचान पत्र के अलावा 12 अन्य पहचान पत्र मतदान के लिए मान्य होंगे।

इस उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी आठ और उसकी सहयोगी राष्ट्रीय लोकदल एक सीट पर चुनाव लड़ रही है। वहीं सपा, कांग्रेस के समर्थन से सभी नौ सीटों पर मैदान में है। बसपा भी इस उपचुनाव में सभी नौ सीटों पर ताल ठोक रही है।
करहल विधानसभा सीट पर सपा, भाजपा और बसपा के अलावा अन्य राजनीतिक दलों भी अपनी किस्मत आजमाने मैदान में हैं। मुख्य मुकाबला सपा और भाजपा के बीच माना जा रहा है।
विधानसभा सीटों की बात करें तो आठ सीटें मौजूदा विधायकों के लोकसभा सदस्य चुने जाने के कारण खाली हुई हैं, जबकि कानपुर की सीसामऊ विधानसभा सीट पर उपचुनाव सपा विधायक इरफान सोलंकी को सजा होने के कारण हो रहा है।