रात के तीसरे पहर -आतंकी पाकिस्तान पर भारत के सिंदूर का बरसा कहर. आतंकी दरिंदों की पुश्तें काँपेंगी याद कर कर के
Operation Sindoor carried out by India Bharat Targeting terrorist hideouts and infrastructures in POK and Pakistan. Also Terrorist Masood Azhar’s house was also destroyed. The world is praising PM Modi and India’s strong message on His Zero tolerance policy on terrorism. The countries facing terrorism are supporting PM Modi. 7 May 2025, The Day when Justice is served.

ऑपरेशन सिंदूर- पाकिस्तान के दरिंदों को रौंदा- “पहले पानी को तरसा -अब मोदी का कहर बरसा”
7 मई 2025 को भारत ने “ऑपरेशन सिंदूर” नामक एक सुविचारित सैन्य अभियान को अंजाम दिया, जिसका उद्देश्य पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित आतंकी ठिकानों को नष्ट करना था। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राज नाथ सिंह, गृहमंत्री अमित शाह, तीनों सेनाओं के जांबाज अधिकारी और निर्भय सैन्य वीरों ने आखिर देश की बहनों का सिंदूर उजाड़ने वालों को उन्हीं की ज़ुबान में करारा जवाब दे दिया। और यह ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी दरिंदों के हमले के प्रतिशोध में किया गया, जिसमें 27 निर्दोष हिन्दू नागरिकों को उनका धर्म पूछ पूछ कर बेरहमी से छोटे बच्चों और परिवार के सामने गोलियों से छलनी कर दिया गया था।

यह मुसलमानों का हिन्दुओं पर सीधा हमला था कि वो कश्मीर में हिंदुओं को पर्यटन पर भी नहीं आने देंगे। इस आतंकी हमले के सूत्रधार बेशक पाकिस्तान में सुरक्षित बैठे थे लेकिन इसकी पूरी व्यूह रचना और संचालन में कश्मीरी लोकल मुसलमान और राजनेता एक्टिव किरदार थे। यदि आतंकियों को लोकल सपोर्ट नहीं मिली होती तो शायद इस हमले को रोका जा सकता था।

मुसलमान आतंकियों द्वारा किए गए इस वीभत्स हमले ने विश्व को सदमे में डाल दिया और देश ने इसका प्रतिशोध मांगा था। पाकिस्तानी आतंकियों के जमींदोज होने पर ही यह ज्वाला शांत होगी ऐसा संदेश केंद्रीय सरकार ने दिया था और जो कहा वो कर दिखाया। ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को वैश्विक स्तर पर एक बार फिर से स्थापित कर दिया है। ये मोदी की सरकार है किसी आतंकी के सामने झुकने वाली नहीं।
पहलगाम हमला

22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में आतंकी हमला भारतीय जनमानस को झकझोर देने वाला था। इस हमले की जिम्मेदारी “द रेसिस्टेंस फ्रंट” नामक संगठन ने ली, जो लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ माना जाता है। इस हमले में मारे गए लोग हिंदू श्रद्धालु थे जो अमरनाथ यात्रा से लौट रहे थे। भारत ने पाया कि पाकिस्तान की धरती पर सक्रिय आतंकी संगठनों को राज्य प्रायोजित संरक्षण मिल रहा है। जिस पर कायर पाकिस्तानी नेताओं ने धमकी भरे बयान दिए। पाकिस्तान ने भारत की सीमाओं पर 22 अप्रैल के बाद से ही लगातार फायरिंग करनी शुरू कर दी थी जिसमें 15 दिनों में 50 से ज्यादा मवेशी घायल हुए और 25 स्थानीय चरवाहे, किसान । बिलावल भुट्टो ने भारत को अपने न्यूक्लियर बम की धमकी दी।

ऑपरेशन सिंदूर की योजना और क्रियान्वयन
भारत सरकार ने इस हमले के जवाब में आतंकियों के ठिकानों को निशाना बनाने का निर्णय लिया और इसके लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की योजना बनाई गई। इस ऑपरेशन को भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना ने संयुक्त रूप से अंजाम दिया। ऑपरेशन 7 मई को सुबह शुरू हुआ और कुल 23 मिनट में नौ प्रमुख आतंकी ठिकानों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया गया।
ऑपरेशन सिंदूर के तहत 9 आतंकी ठिकानों को टारगेट किया गया, जिनकी पहचान खुफिया एजेंसियों द्वारा आतंकवादी गतिविधियों के केंद्र के रूप में की गई थी। इन स्थानों में शामिल थे:
- बहावलपुर
- मुरिदके
- टेहरा कलां
- सियालकोट
- भिंबर
- कोटली
- मुजफ्फराबाद
- रावलकोट
- पीर पंजाल क्षेत्र (PoK में)
इनमें से कई स्थान पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित हैं जबकि कुछ पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में।

सैन्य संसाधन और हथियार
ऑपरेशन में राफेल लड़ाकू विमानों का प्रयोग किया गया, जो SCALP मिसाइलों और HAMMER बमों से लैस थे। इन आधुनिक हथियारों की सहायता से सटीक निशाने लगाए गए ताकि आम नागरिकों की क्षति को न्यूनतम रखा जा सके। भारतीय वायुसेना ने यह अभियान पूरी गोपनीयता के साथ चलाया, जिससे शत्रु को पूर्व सूचना तक नहीं मिली।
भारत ने दावा किया कि इस ऑपरेशन में 150 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया गया और आतंकी शिविरों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। आतंकी मसूद को नेस्तनाबूद किया गया है उसके पूरे आतंकी कुनबे के 14 लोगों का खात्मा कर के।
पहलगाम के हमले में आतंकियों ने जब बहनों का सिंदूर तबाह किया तब उन्हें यह कहा था कि तुम्हे रोने के लिए जिंदा इसलिए छोड़ रहे हैं कि जाओ और मोदी को बताओ। आज आतंकी मसूद अजहर के कुनबे के खात्मे के बाद खबर है कि मसूद अजहर खुद अपनी मौत की भीख मांग रहा है कि वो भी उनके साथ ही मर गया होता। यह इच्छा उसने खुद अपने एक पोस्ट में लिखी है। जिसकी पूर्ति जल्द होगी

भारत ने किसी भी रिहायशी या सैन्य स्पॉट पर हमला नहीं किया।
चक्र पूरा हुआ।
राजनीतिक और कूटनीतिक प्रभाव
ऑपरेशन सिंदूर भारत के लिए सामरिक और राजनीतिक दृष्टि से एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। इस ऑपरेशन ने वैश्विक मंच पर भारत की आतंकवाद विरोधी छवि को मजबूत किया है। प्रधानमंत्री और रक्षामंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत अपनी सीमाओं और नागरिकों की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।हालांकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भारत और पाकिस्तान दोनों से संयम बरतने की अपील की है। अमेरिका, रूस, चीन, और संयुक्त राष्ट्र ने दोनों देशों से वार्ता के माध्यम से मसले का समाधान निकालने को कहा है।

आंतरिक प्रतिक्रिया और जनता का समर्थन
भारत में ऑपरेशन सिंदूर को जनता से भारी समर्थन मिला है। सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे ‘सर्जिकल स्ट्राइक 3.0’ कहकर समर्थन जताया। विपक्षी दलों ने भी सरकार के इस कदम की सराहना की और राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए एकजुटता का संदेश दिया।
ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सैन्य इतिहास में एक निर्णायक मोड़ के रूप में याद किया जाएगा। इसने न केवल भारत की सैन्य क्षमता और रणनीतिक कुशलता को प्रदर्शित किया, बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया कि भारत अब आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा। हालांकि यह ऑपरेशन आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई का एक हिस्सा भर है, दीर्घकालिक शांति और स्थिरता के लिए