‘‘राहुल गांधी भ्रष्ट मानसिकता वाले व्यक्ति’, एपस्टीन फाइल्स बयान पर कंगना रनौत ने राहुल गांधी पर बोला हमला.
भ्रष्ट मानसिकता वाले व्यक्ति’, एपस्टीन फाइल्स बयान पर कंगना रनौत ने राहुल गांधी पर बोला हमला

राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता सफल फिल्म कलाकारा, प्रसिद्ध सांसद और हिमाचल की लाडली बेटी कंगना रनौत किसी परिचय की मोहताज नहीं। वो अपने बेबाक और सशक्त बयानों को लेकर जानी जाती हैं। कंगना सच की आवाज़ हैं। संसद में जब राहुल गांधी ने अपनी झूठी खबरों वाली toolkit और मक्कारी वाले मंसूबों में पीएम मोदी को घेरने की कोशिश की तो कंगना ने उसे रणचंडी के जैसे विफल कर दिया। कंगना ने दहाड़ते हुए राहुल गांधी को ऐसा आईना दिखाया कि अभी तक कांग्रेस की toolkit टीम सदमे में है। उनसे जवाब नहीं सूझ रहा कि कंगना को क्या जवाब दें।

कंगना पहले भी बॉलीवुड समेत राजनीतिक, सामाजिक पटल पर देश विरोधी, समाज और सनातन विरोधी तत्वों को चेतावनी देती आई हैं । इस बार राहुल गांधी के सामने आ खड़ी हुई है। और राहुल गैंग की बोलती बंद है। लोकसभा में हाल ही में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एपस्टीन फाइल मामलों को लेकर बयान दिया, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी। अब इस बयान पर हिमाचल प्रदेश की भाजपा सांसद और बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने राहुल गांधी की भाषा और उनके शब्दों के चयन पर तीखी आपत्ति जताई और इसे अनुचित बताया।
कंगना रनौत ने कहा, ”राहुल गांधी की जो शब्दावली है, जिस तरह उन्होंने एपस्टीन फाइल को लेकर कहा कि इसमें अभी बहुत माल है, कबाब है, ऐसी खराब और भ्रष्ट मानसिकता वाले व्यक्ति से और क्या उम्मीद की जा सकती है?” दरअसल, राहुल गांधी ने एपस्टीन फाइल्स को लेकर कहा कि इसमें अभी बहुत माल है, इसमें बहुत सी जानकारी बाकी है, जो रिलीज नहीं हुई है। पूरा देश यह जानना चाहता है कि इसमें क्या है।

बता दें कि जेफरी एपस्टीन अमेरिका का एक विवादित व्यक्ति था। उसकी 2019 में न्यूयॉर्क की जेल में मौत हो गई थी, जब वह नाबालिग लड़कियों से जुड़े फेडरल सेक्स-ट्रैफिकिंग के आरोपों में मुकदमे का इंतजार कर रहा था। उसकी मौत को आधिकारिक तौर पर आत्महत्या बताया गया था।
अमेरिकी न्याय विभाग ने फाइनेंसर जेफरी एपस्टीन की जांच से जुड़ी फाइलों का एक बड़ा बैच जारी किया, जिसमें तीन मिलियन से ज्यादा पन्नों के रिकॉर्ड, 2,000 वीडियो और 180,000 तस्वीरें शामिल थीं। विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शनिवार को जारी एक बयान में कहा, “हमने तथाकथित एपस्टीन फाइलों से एक ईमेल संदेश की रिपोर्ट देखी है जिसमें प्रधानमंत्री और उनकी इजरायल यात्रा का जिक्र है।”
एमईए के बयान में आगे कहा गया, “जुलाई 2017 में प्रधानमंत्री की इजरायल की आधिकारिक यात्रा के अलावा, ईमेल में बाकी बातें एक दोषी अपराधी की बकवास बातें हैं, जिन्हें पूरी तरह से नजरअंदाज कर देना चाहिए।”