CMO -योगी सरकार की सौगातः कृषि विभाग G-3 में 3446 चयनित

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Yogi Government selected 3446 candidates in Agriculture departments to join soon. CM Yogi conveyed his wishes to the Padma award winners . योगी सरकार की सौगातः कृषि विभाग में प्राविधिक सहायक ग्रुप-सी के पद पर 3446 अभ्यर्थी चयनित

-उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने मंगलवार को परिणाम घोषित किया.

-चयनित अभ्यर्थियों को कृषि मंत्री, कृषि राज्यमंत्री व अधिकारियों ने दीं शुभकामनाएं.

– मुख्यमंत्री योगी ने पद्म पुरस्कार पाने वाली विभूतियों को दी शुभकामनाएं

लखनऊ, योगी सरकार में युवाओं को सरकारी सेवा के अपने सपने को पूरा करने का फिर अवसर मिला। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने प्राविधिक सहायक ग्रुप-सी पद पर 3446 अभ्यर्थियों को चयनित किया है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने 13 जुलाई 2025 को इसकी लिखित परीक्षा कराई थी। मंगलवार (23 जून) को परिणाम घोषित किया गया। कृषि निदेशक रिक्त पदों के अनुरूप जनपदों में इन अभ्यर्थियों को नियुक्त करेंगे।

चयनित अभ्यर्थियों को कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बताया कि सामान्य वर्ग के 1813, अनुसूचित जाति के 509, अनुसूचित जनजाति के 151, अन्य पिछड़ा वर्ग के 629, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग पर 344 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख ने भी सफल अभ्यर्थियों को बधाई दी।

किसानों की आय बढ़ाने में मिलेगी मदद

कृषि सचिव इंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि यह भर्ती बहुत समय से प्रतीक्षित थी। अब कृषि विभाग का फील्ड स्तर पर काम और बेहतर हो पाएगा। इससे एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने में विभाग प्रदेश सरकार को अहम सहयोग दे पाएगा। साथ ही किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

चयनित अभ्यर्थियों को प्रमुख सचिव (कृषि) रविंद्र, कृषि निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी आदि ने भी शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री योगी ने पद्म पुरस्कार पाने वाली विभूतियों को दी शुभकामनाएं

-इस विशिष्ट उपलब्धि ने देश-दुनिया में बढ़ाया उत्तर प्रदेश का मान: मुख्यमंत्री योगी

-चिरंजी लाल यादव व अनिल रस्तोगी को कला, स्व. रघुपत सिंह को कृषि, प्रो. मंगला कपूर को शिक्षा-साहित्य के क्षेत्र में मिला पद्मश्री

लखनऊ, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित नागरिक अलंकरण समारोह-II में वर्ष 2026 के लिए पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री पुरस्कार प्रदान किए। इसमें उत्तर प्रदेश की कई विभूतियों को भी सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर पद्म पुरस्कार से अलंकृत विभूतियों को शुभकामनाएं दीं।

‘कांसा नक्काशी’ कला को सहेजने, संवारने में चिरंजी लाल का अमूल्य योगदान

मुख्यमंत्री ने चिरंजी लाल यादव को कला के क्षेत्र में ‘पद्मश्री’ सम्मान से अलंकृत किए जाने पर हार्दिक बधाई दी। सीएम ने कहा कि पिछले पांच दशकों से ‘कांसा नक्काशी’ की समृद्ध कला को सहेजने, संवारने और उसे राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में आपका योगदान अमूल्य और सराहनीय है। आपकी इस विशिष्ट उपलब्धि ने देश और दुनिया में उत्तर प्रदेश का मान बढ़ाया है।

रघुपत जी की तपस्या ने भारतीय कृषि को नई दिशा प्रदान की

मुख्यमंत्री ने लिखा कि राष्ट्रपति द्वारा स्व. रघुपत सिंह को कृषि के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान के लिए ‘पद्मश्री’ (मरणोपरांत) से सम्मानित किया जाना अत्यंत गौरवपूर्ण एवं प्रेरणादायी है। पांच दशकों से अधिक समय तक कृषि सेवा के प्रति उनकी तपस्या ने भारतीय कृषि को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने अपना जीवन पारंपरिक बीजों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए समर्पित कर किसानों के जीवन को समृद्ध बनाने में असाधारण योगदान दिया। आत्मनिर्भर कृषि व जैव विविधता संरक्षण को सशक्त बनाने में उनकी भूमिका सदैव प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।

अनिल रस्तोगी ने कला-संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किया गौरवभूषित

मुख्यमंत्री ने अनिल रस्तोगी को भी पद्मश्री मिलने पर बधाई दी। उन्होंने लिखा कि प्रख्यात रंगकर्मी एवं विद्वान अनिल कुमार रस्तोगी को कला क्षेत्र में ‘पद्मश्री’ सम्मान से अलंकृत किया जाना उत्तर प्रदेश वासियों के लिए हर्ष एवं गर्व का विषय है। 1,000 से अधिक नाट्य प्रस्तुतियों व वैश्विक नाट्य महोत्सवों के माध्यम से आपने भारतीय कला व संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवभूषित किया है। आपके शोधपत्र आपकी उत्कृष्ट शिक्षा, संस्कार एवं विद्वता के जीवंत प्रमाण हैं। रंगमंच के लिए आपका योगदान रंगकर्मियों के लिए अत्यंत प्रेरणास्पद है।

मंगला कपूर के परिश्रम और समर्पित साधना का राष्ट्रीय अभिनंदन है पद्मश्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए उत्तर प्रदेश की सुप्रसिद्ध संगीतविद् एवं शिक्षाविद् प्रो. मंगला कपूर को ‘पद्मश्री’ से अलंकृत किया जाना प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने संगीत व शिक्षा के क्षेत्र में असाधारण योगदान दिया। दुर्लभ रागों का दस्तावेजीकरण और 40 से अधिक मौलिक रचनाओं का संकलन उनकी प्रतिभा और तपस्या का प्रमाण है। यह सम्मान उनके अथक परिश्रम और समर्पित साधना का राष्ट्रीय अभिनंदन है।

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