Delhi / Gurugram : Sonam Wangchuk ended his hunger strike in the presence of Shri J P Nadda and Jitendra Singh Ji. सोनम वांगचुक ने अनशन तोड़ा
पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुवार देर रात अपना अनशन तोड़ दिया। सोनम वांगचुक से मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने मुलाकात की। नड्डा ने अपने हाथों से वांगचुक का अनशन तुड़वाया। इस दौरान उनकी पत्नी गीतांजलि आंग्मो समेत डॉक्टर की टीम भी मौजूद थी।
सोनम वांगचुक के अनशन तोड़ने के फैसले का सीजेपी ने स्वागत किया। कॉकरोज जनता पार्टी ने अपने सोशल मीडिया एक्स प्लेटफॉर्म पर लिखा, “हमें राहत और खुशी है कि सोनम सर ने 26 दिनों के बाद अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।”

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगभग रात 12 बजे एक वीडियो शेयर करते हुए वादा किया कि नीट पेपर लीक के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी और इसके लिए कैबिनेट में बड़ा फैसला भी किया जाएगा। इसके कुछ ही मिनटों बाद सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम ने लगभग 26 दिन बाद भूख हड़ताल खत्म की।
पीएम मोदी ने युवाओं को दिलाया भरोसा
बता दें कि गुरुवार देर रात जारी एक वीडियो संदेश में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत के युवाओं के भविष्य की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने संकेत दिया कि कैबिनेट उन उपायों से आगे बढ़कर कदम उठाएगी, जिनकी घोषणा एक दिन पहले की गई थी। उन्होंने छात्रों को भरोसा दिलाया कि कैबिनेट की बैठक के बाद परीक्षा में धोखाधड़ी के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की घोषणा की जाएगी। उन्होंने यह भी भरोसा जताया कि संसद जल्द ही प्रस्तावित कानून को पारित कर देगी।
वांगचुक ने नड्डा और जितेन्द्र सिंह की मौजूदगी में तोड़ा अनशन
पेपर लीक के मुद्दे और केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनशन कर रहे है सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुवार रात को अपना अनशन तोड़ दिया। वह गत 28 जून से अनशन पर थे।

श्री वांगचुक ने केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह तथा जेपी नड्डा की मौजूदगी में गुरुग्राम के मेदान्ता अस्पताल में अपना अनशन तोड़ा।
श्री वांगचुक ने कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले राष्ट्रीय राजधानी में जंतर मंतर पर 28 जून से अनशन शुरू किया था। पुलिस ने उनके बिगड़ते स्वास्थ्य को देखते हुये शनिवार को उन्हें जंतर मंतर से जबरन हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करया था उसके बाद दिल्ली उच्च न्यायालय के दखल और श्री वांगुचुक की इच्छा के अनुरूप उन्हें मेंदान्ता अस्पताल में भर्ती किया गया था।

श्री नड्डा तथा श्री जितेन्द्र सिंह ने मंगलवार को अस्पताल जाकर श्री वांगचुक से मुलाकात की थी और उनसे अपना अनशन समाप्त करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि सरकार पेपर लीक से जुड़े मामलों में उचित कदम उठा रही है।
इसके बाद श्री वांगचुक ने दोनो मंत्रियों के नाम एक खुला पत्र लिखा था और उनसे मिले आश्वासन का उल्लेख करते हुये कहा था कि यदि सरकार

उन्हें यह आश्वासन भी दे की प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जायेगी तो वह अपना अनशन तोड़ देंगे। तुरंत यह जानकारी नहीं मिल पाई है कि सरकार की ओर से आज श्री वांगचुक को क्या आश्वासन दिये गये ह