Delhi Crime -दिल्ली पुलिस का जवाब, ‘कानून तोड़ने में जेल गए सौरभ दास और आशुतोष’

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Delhi Police organized a press conference to clarify about the arrest of CJP protestors Ranka and Saurabh. Both were sent to Tihar Jail by court for breaking law and regularly creating chaos. दिल्ली पुलिस का जवाब, ‘बार-बार कानून तोड़ने व दूसरों को उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए सौरभ दास और आशुतोष’

नई दिल्ली, दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेताओं सौरभ दास और आशुतोष रांका को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने पर जवाब दिया है। पुलिस ने बुधवार को कहा कि सीजेपी के दोनों नेताओं को कानून के बार-बार उल्लंघन करने और दूसरे लोगों को उकसाने की आशंकाओं के मद्देनजर जेल भेजा गया है।

दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (एसईएम) कोर्ट में पेश किया था। कोर्ट ने दोनों न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। साथ ही, सीजेपी नेता अजिंक्य शिंदे को रिहा कर दिया।

इसके बाद दिल्ली पुलिस ने अपने बयान में कहा कि सीजेपी के अजिंक्य शिंदे को 5,000 रुपए के निजी बॉन्ड भरने और जमानत पर छह महीने तक ‘शांति और अच्छा व्यवहार’ बनाए रखने का आदेश दिया गया।

पुलिस ने कहा, “13 अक्टूबर की सुबह, सौरव दास, आशुतोष रंका, अजिंक्य शिंदे और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के 11 अन्य सदस्य जंतर-मंतर पहुंचे थे। जंतर-मंतर को अब विरोध-प्रदर्शन की तय जगह के तौर पर मान्यता नहीं दी गई है, और वे वहां एक निजी परिसर से होकर जबरन अंदर घुसे थे।”

अधिकारियों के अनुसार, मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप किया और उन्हें रोकने की कोशिश की। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों को उनके आधिकारिक काम करने से रोका।

बयान में कहा गया, “सभी 14 लोगों को हिरासत में लिया गया और उनके खिलाफ कई धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई।” इसमें आगे कहा गया कि कानून के अनुसार संबंधित मामलों में सभी लोगों को पाबंद किया गया। पुलिस ने आगे बताया कि बार-बार सार्वजनिक शांति भंग करने और कानून तोड़ने की कोशिशों को देखते हुए, आशुतोष रंका, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे को कानून के संबंधित एहतियाती प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया।

अधिकारियों ने कहा, “सोशल मीडिया के जरिए दूसरों को ऐसी ही गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल होने के लिए उकसाने की उनकी कथित कोशिशों पर भी विचार किया गया। था। मामले पर विचार करने के बाद, एसईएम कोर्ट ने कलंद्रा (रिपोर्ट) के विवरण और कानून के बार-बार उल्लंघन को देखते हुए व इस गंभीर आशंका के आधार पर कि जमानत पर रिहा होने पर वे फिर से कानून तोड़ेंगे और दूसरों को भी कानून तोड़ने के लिए उकसाएंगे, सौरव दास और आशुतोष रंका को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।”

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