गोरखनाथ मंदिर परिसर / Gorakhnath Mandir , उत्तर प्रदेश / Uttar Pradesh: सीएम योगी आदित्यनाथ ने ‘जनता दर्शन’ में सुनीं समस्याएं, अधिकारियों को निस्तारण के निर्देश
लखनऊ, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम के तहत विभिन्न जनपदों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं और उन्हें मदद का भरोसा दिया। इसकी जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय ने अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर दी है।
सीएमओ के सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर कहा गया, “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का व्यक्तित्व जन सेवा की साधना का जीवंत स्वरूप है। त्याग, अनुशासन और राष्ट्र समर्पण उनकी कार्यशैली के आधार हैं, जिन्होंने प्रदेश को सुरक्षा, सुशासन और विकास के नए मानकों पर स्थापित किया है।”

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए निर्देशित किया है।
जनता दर्शन कार्यक्रम एक सरकारी पहल है, जिसका उद्देश्य आम जनता की समस्याओं को सीधे सुनना और उनका त्वरित समाधान करना है।
इस कार्यक्रम के तहत लोग अपनी शिकायतें, सुझाव या मांगें सीधे सरकारी अधिकारियों या जनप्रतिनिधियों के सामने रख सकते हैं। यह आमतौर पर जिला, तहसील या ग्राम स्तर पर आयोजित किया जाता है, जहां लोग बिना किसी बिचौलिए के अपनी बात रखते हैं।
इसकी शुरुआत भारत के विभिन्न राज्यों में अलग-अलग समय पर हुई। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा जैसे राज्यों में यह लोकप्रिय है। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 में इसे व्यवस्थित रूप से लागू किया, ताकि प्रशासन और जनता के बीच दूरी कम हो। इसका विचार पारदर्शी और जवाबदेह शासन को बढ़ावा देने से प्रेरित है।

जनता दर्शन का मुख्य मकसद जनता की समस्याओं जैसे जमीन विवाद, सरकारी योजनाओं में देरी या प्रशासनिक शिकायतों को सुनकर तुरंत कार्रवाई करना है। यह कार्यक्रम भ्रष्टाचार को कम करने, प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने और जनता का विश्वास जीतने में मदद करता है।
योगी ने आगरा हादसे का लिया संज्ञान
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा में हुई दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में हुई जनहानि पर गहरा शोक प्रकट किया है। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर जिला प्रशासन के अधिकारियों को उनके समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं। योगी ने शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए प्रभु श्री राम से दिवंगत आत्माओं को सद्गति एवं शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करने हेतु प्रार्थना की है। उन्होने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर जिला प्रशासन के अधिकारियों को उनके समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं, साथ ही उनके शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की है। गौरतलब है कि आगरा में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा हो गया। खेरागढ़ क्षेत्र में उटंगन नदी में 14 लोगों के डूबने की सूचना है। अब तक तीन लोगों के शव निकाले जा चुके हैं। डूबे हुए लोगों की तलाश में गोताखोर जुटे हुए हैं।

मूर्ति विसर्जन के दौरान नदी में डूबे कई युवक, तीन शव बरामद, सीएम योगी ने जताया दुख
आगरा/लखनऊ, उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के खेरागढ़ थाना क्षेत्र में स्थित डूंगरवाला के पास उटंगन नदी में दुर्गा मूर्ति विसर्जन के दौरान बुधवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। कुसियापुर गांव के 13 युवक गहरे पानी में डूब गए, जिसमें से तीन के शव बरामद हो चुके हैं। इस घटना में एक युवक को बचाने के बाद अस्पताल में भर्ती किया गया है, जबकि शेष नौ की तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन तेजी से जारी है।
इस घटना से पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया है। हादसा दोपहर करीब एक बजे हुआ। कुसियापुर गांव के चामुंडा माता मंदिर से दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन करने के लिए 40-50 ग्रामीण मौजूद थे। इनमें महिलाएं, पुरुष और बच्चे सभी शामिल थे। वे सभी नदी किनारे पहुंचे। महिलाओं और बच्चों को किनारे रोककर युवक मूर्ति को नदी में विसर्जित करने उतरे। अचानक तेज बहाव के कारण पांच युवक गहरे पानी में डूबने लगे। उन्हें बचाने के प्रयास में आठ अन्य युवक भी नदी में कूद पड़े, लेकिन वे भी बह गए।
इससे अफरा-तफरी मच गई। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सीएम योगी आदित्यनाथ ऑफिस से किए गए पोस्ट के अनुसार, “मुख्यमंत्री ने जनपद आगरा में एक दुर्घटना में हुई जनहानि पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने प्रभु श्री राम से दिवंगत आत्माओं की शांति व घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।”

दूसरी ओर सूचना मिलते ही एनडीआरएफ की टीम और जल पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। अब तक तीन लोगों के शव बरामद किए गए हैं। एक अन्य घायल युवक को गंभीर हालत में एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। शेष नौ युवकों की तलाश में गोताखोरों की टीमें रात-दिन लगी हुई हैं।
स्थानीय एसडीएम के अनुसार, नदी में विसर्जन के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी, लेकिन अचानक बढ़े जलस्तर ने हालात बिगाड़ दिए। दूसरी ओर, परिजनों ने नदी किनारे शवों की प्रतीक्षा में सड़क जाम कर दिया। हालांकि, पुलिस ने परिजनों को शांत कराया।