BRICS SUMMIT 2026 -ब्रिक्स समिट में विश्व कल्याण के ल‍िए होगी चर्चा: पीएम मोदी

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Prime Minister Modi stated today that this Brics summit will be an important landmark towards the Global peace and progress. Bharat / India is hosting Brics Summit 2026 at Bharat Mandapam New Delhi. ब्रिक्स समिट में विश्व कल्याण के ल‍िए मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा होगी: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए कई देशों के नेता नई दिल्ली में जुटेंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि इस महत्वपूर्ण बैठक में दुनिया के हित और कल्याण को ध्यान में रखते हुए कई मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा होगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने हिंदी में सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर एक पोस्ट करते हुए कहा, “दुनिया भर के नेता ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए एकत्र होंगे। मुझे विश्वास है कि इस सम्मेलन में विश्व कल्याण को ध्यान में रखते हुए विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा होगी।”

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर एक संस्कृत श्लोक भी साझा किया, जिसमें अच्छे और सज्जन लोगों के साथ संबंध बनाने, संवाद बढ़ाने और आपसी सद्भाव को मजबूत करने के महत्व पर जोर दिया गया।

श्लोक का भावार्थ कुछ इस प्रकार है, “मनुष्य को हमेशा अच्छे लोगों के बीच रहना चाहिए और उनका साथ बनाए रखना चाहिए। उसे सज्जनों के साथ चर्चा और मित्रता बढ़ानी चाहिए, क्योंकि आपसी सद्भाव, बातचीत और अच्छे संबंध शांति और सहयोग को मजबूत करते हैं।”

ब्रिक्स 2026 की अध्यक्षता भारत के पास है। इसी के तहत भारत 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। इस सम्मेलन में ब्रिक्स सदस्य देशों, साझेदार देशों और अन्य आमंत्रित देशों के नेता हिस्सा लेंगे।

विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, सम्मेलन के दौरान नेता ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा करेंगे। इसके साथ ही वे वैश्विक और क्षेत्रीय महत्व के मुद्दों पर भी अपने विचार साझा करेंगे।

इससे पहले, गुरुवार रात को सम्मेलन स्थल भारत मंडपम को इस बड़े आयोजन के लिए अंतिम रूप से तैयार किया जा रहा था। 12 से 13 सितंबर के बीच दुनिया के कई देशों के प्रतिनिधियों और नेताओं के यहां पहुंचने की उम्मीद है।

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आधिकारिक ‘एक्‍स’ हैंडल ने गुरुवार को पोस्ट करते हुए कहा, “यह दिल्ली है। यह खास पल है। अपनी समृद्ध विरासत की चमक के साथ भारत मंडपम 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए तैयार हो रहा है और राजधानी इस आयोजन की अंतिम तैयारियों में जुटी है।”

एआईआईबी की अध्यक्ष जू जियाई भारत पहुंचने पर हुआ स्‍वागत

New Delhi: Asian Infrastructure Investment Bank (AIIB) President Zou Jiayi being received upon her arrival to attend the 18th BRICS Summit, in New Delhi on Thursday, September 10, 2026. (Photo: IANS/PIB)

नई द‍िल्‍ली के भारत मंडपम में आयोज‍ित होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने शुक्रवार को एशियाई अवसंरचना निवेश बैंक (एआईआईबी) की अध्यक्ष जू जियाई भारत पहुंची। इस दौरान उनका जोरदार स्‍वागत क‍िया गया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पोस्‍ट पर उनके आगमन की जानकारी साझा की।

मंत्रालय ने पोस्‍ट में ल‍िखा, ”18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए नई दिल्ली में एशियाई अवसंरचना निवेश बैंक (एआईआईबी) की अध्यक्ष जू जियाई का हार्दिक स्वागत है। उनकी यह यात्रा सतत विकास (सस्टेनेबल डेवलपमेंट) को आगे बढ़ाने, आपसी साझेदारी को मजबूत करने और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए नए अवसर पैदा करने में मदद करेगी।”

वर्ष 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता भारत के पास है। सी के तहत भारत 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। इस सम्मेलन में ब्रिक्स सदस्य देशों, साझेदार देशों और विशेष आमंत्रित देशों के नेता भाग लेने के ल‍िए भारत पहुंच रहे हैं।

इससे पहले शुक्रवार सुबह ही रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत पहुंचे।

पुतिन के नई दिल्ली पहुंचने की पुष्टि करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ‘एक्‍स’ पर लिखा, “रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए हार्दिक स्वागत है। हवाई अड्डे पर उनका स्वागत विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने किया। भारत और रूस के बीच विशेष एवं विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी पर आधारित लंबे समय से मजबूत और बहुआयामी संबंध हैं।”

शुक्रवार को होने वाली मोदी-पुतिन बैठक में दोनों देशों के बीच साझेदारी की प्रगति की समीक्षा किए जाने और रणनीतिक महत्व के मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

पुतिन की यात्रा से पहले रूसी सरकार के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने भारतीय मीडिया से कहा था कि दोनों नेता भारत-रूस संबंधों और दुनिया के सामने मौजूद महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत करेंगे। साथ ही, पुतिन प्रधानमंत्री मोदी को यूक्रेन संघर्ष की मौजूदा स्थिति के बारे में भी जानकारी देंगे।

बैठक के एजेंडे में रक्षा सहयोग प्रमुख विषयों में शामिल रहने की संभावना है। दोनों नेता चल रही और भविष्य में प्रस्तावित रक्षा परियोजनाओं पर भी चर्चा कर सकते हैं।

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