President of India Smt. Draupadi Murmu Ji and Government of India top leaders congratulated all the winners from India who earned medals in Commonwealth Games. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित कई नेताओं ने मंगलवार को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पदक जीतने भारतीय खिलाडियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

राष्ट्रपति मुर्मु ने एक्स पर लिखा, ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिलाओं के शॉट पुट एफ57 इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने पर शर्मिला धनखड़, पुरुषों की हाई जंप स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीतने पर सर्वेश अनिल कुशारे, पुरुषों के 79 किग्रा वेटलिफ्टिंग इवेंट में सिल्वर मेडल जीतने पर वल्लुरी अजय बाबू और महिलाओं के शॉट पुट एफ57 इवेंट में ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने पर शिल्पा के. शायला को बहुत-बहुत बधाई। शर्मिला ने पैरा एथलेटिक्स में भारत की पहली कॉमनवेल्थ गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट बनकर आपने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। आपकी यह कामयाबी युवा एथलीटों को अपने-अपने क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगी। मैं कामना करती हूँ कि आने वाले समय में आप और भी कई उपलब्धियाँ हासिल करें।

बिरला ने कहा कि ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिलाओं के 58 किग्रा वेटलिफ्टिंग इवेंट में ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने पर बिंद्यारानी देवी सोरोखाइबम को बहुत-बहुत बधाई। लगातार दो कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीतना आपके असाधारण समर्पण और दृढ़ता को दर्शाता है। ऐसे ही प्रेरित करती रहें। देश का मान बढ़ाती रहें!
मोदी ने कहा कि वेट लिफ्टिंग में भारत के लिए एक और मेडल! ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में महिलाओं के 58 किग्रा इवेंट में ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने पर बिंद्यारानी देवी सोरोखाइबम पर गर्व है। उनकी यह कामयाबी उनकी कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प का नतीजा है।

केंद्रीय युवा मामलों एवम खेलमंत्री डॉ मनसुख मांडविया ने कहा ग्लासगो में ऐतिहासिक गोल्ड! शर्मिला ने महिलाओं के शॉट पुट एफ57 इवेंट में गोल्ड जीता और कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में इतिहास रचा। वह पैरा एथलेटिक्स में कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारत की पहली एथलीट बन गई हैं। आपके अटूट जज़्बे ने ग्लोबल मंच पर पूरे देश का मान बढ़ाया है।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: सरवेश कुशारे ने हाई जंप में रचा इतिहास, भारत को दिलाया रजत पदक
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी और सेना के जवान सरवेश कुशारे ने पुरुष हाई जंप स्पर्धा में शानदार रजत पदक जीतकर एक नया इतिहास रच दिया है।
शानदार छलांग और काउंटबैक नियम का फैसला

सरवेश ने 2.25 मीटर की बेहतरीन छलांग लगाकर दूसरा स्थान हासिल किया। हालांकि वह और जमैका के रोमेन बेकफोर्ड 2.28 मीटर की ऊंचाई पार करने में असफल रहे, जिसके बाद काउंटबैक नियम के आधार पर उन्हें रजत पदक मिला।
संघर्षों से भरा जीवन और अगला लक्ष्य
महाराष्ट्र के एक किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले सरवेश ने खेतों में अस्थाई गड्ढों पर अभ्यास कर इस मुकाम को हासिल किया है। इस ऐतिहासिक सफलता के बाद उनका अगला बड़ा लक्ष्य आगामी एशियन गेम्स में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना है।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: हाई जंप में रजत पदक जीतने वाले एथलीट सर्वेश कुशारे को राष्ट्रपति मुर्मु और पीएम मोदी समेत तमाम नेताओं ने दी बधाई
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों की हाई जंप स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीतने वाले भारतीय एथलीट सर्वेश अनिल कुशारे को देश भर से बधाइयां मिल रही हैं। उन्होंने 2.25 मीटर की छलांग लगाकर इतिहास रच दिया है।

राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति ने सराहा शानदार प्रदर्शन
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने सोशल मीडिया के जरिए सर्वेश को बधाई देते हुए कहा कि उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने पूरे देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है और यह युवा एथलीटों के लिए प्रेरणा बनेगी।
नेताओं की शुभकामनाएं और अगला लक्ष्य
केंद्रीय खेल मंत्री, रक्षा मंत्री और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी सर्वेश की सफलता की सराहना की है। वहीं, सर्वेश ने अपनी इस जीत का श्रेय परिवार और कोच को देते हुए कहा कि उनका अगला लक्ष्य आगामी एशियन गेम्स में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना है।
नेशनल रैंकिंग तीरंदाजी प्रतियोगिता: युवा तीरंदाजों ने दिखाया शानदार कौशल, पैरालंपिक मेडलिस्ट शीतल देवी ने जीता रजत पदक
जयपुर, भारतीय और राजस्थान तीरंदाजी संघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित प्रथम एनटीपीसी नेशनल रैंकिंग तीरंदाजी प्रतियोगिता-2026 के चौथे दिन जूनियर वर्ग के मुकाबले बेहद रोमांचक रहे। देशभर से आए युवा तीरंदाजों ने अपनी सटीक निशानेबाजी से सभी का दिल जीत लिया।

शीतल देवी का शानदार प्रदर्शन और रजत पदक
प्रतियोगिता का सबसे बड़ा आकर्षण पैरालंपिक पदक विजेता और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित शीतल देवी का मुकाबला रहा। उन्होंने सामान्य वर्ग में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया, जिसे देखने के लिए खेल प्रेमियों में भारी उत्साह देखा गया।
विभिन्न श्रेणियों के विजेता और भविष्य की उम्मीदें
जूनियर कंपाउंड और रिकर्व वर्ग के विभिन्न मुकाबलों में हरियाणा, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों ने शानदार पदक जीते। आयोजकों का मानना है कि इस तरह के राष्ट्रीय आयोजनों से देश में तीरंदाजी खेल को और अधिक बढ़ावा मिलेगा।
हरियाणा की पैरा एथलीट शर्मिला धनखड़ ने कॉमनवेल्थ गेम्स की शॉटपुट एफ़57 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर रचा इतिहास, सीएम ने दी बधाई
चंडीगढ़, ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की झोली में एक और बड़ी उपलब्धि आई है। हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली पैरा एथलीट शर्मिला धनखड़ ने महिलाओं की शॉटपुट एफ़57 स्पर्धा में 9.81 मीटर का शानदार थ्रो करते हुए देश के लिए स्वर्ण पदक जीत लिया है।

शर्मिला धनखड़ ने अपनी इस बेहतरीन सफलता से न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का मान बढ़ाया है, बल्कि यह साबित कर दिया है कि कड़ी मेहनत और मजबूत इरादों से हर बाधा को पार किया जा सकता है। उनकी इस ऐतिहासिक जीत के बाद पूरे देश में खुशी की लहर दौड़ गई है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शर्मिला की इस शानदार उपलब्धि पर उन्हें विशेष रूप से बधाई दी है। उन्होंने कहा कि शर्मिला का यह स्वर्ण पदक राज्य और देश के सभी युवाओं तथा उभरते खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा बनेगा।
भारत के युवा वेटलिफ्टर वल्लुरी अजय बाबू ने जीता सिल्वर, रोमांचक मुकाबले में 1 किलो से फिसला गोल्ड
ग्लासगो, कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के युवा वेटलिफ्टर वल्लुरी अजय बाबू ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों के 79 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक अपने नाम कर लिया है। आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के रहने वाले 21 वर्षीय अजय बाबू ने पूरे मुकाबले में दमदार प्रदर्शन किया, लेकिन आखिर में सिर्फ एक किलोग्राम से स्वर्ण पदक जीतने से चूक गए।

अजय बाबू का शानदार प्रर्दशन
अजय बाबू ने 149 किलोग्राम स्नैच और 181 किलोग्राम क्लीन एंड जर्क सहित कुल 330 किलोग्राम वजन उठाया। इसके साथ ही उन्होंने रजत पदक हासिल किया और कॉमनवेल्थ गेम्स के मौजूदा अयोजनें में वेटलिफ्टिंग में भारत को छठा पदक दिलाया है।
मलेशिया के एरी हिदायत मोहम्मद ने कुल 331 किलोग्राम (147 किग्रा स्नैच + 184 किग्रा क्लीन एंड जर्क) वजन उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इंग्लैंड के क्रिस मरे ने कुल 325 किलोग्राम वजन उठाकर कांस्य पदक जीता।
क्लीन एंड जर्क में चला रिकॉर्ड तोड़ मुकाबला

क्लीन एंड जर्क स्पर्धा में दोनों खिलाड़ियों के बीच रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। पहले मलेशिया के हिदायत ने 181 किलोग्राम वजन उठाकर गेम्स रिकॉर्ड बनाया। इसके कुछ ही क्षण बाद अजय बाबू ने अपने अंतिम प्रयास में 181 किलोग्राम उठाकर रिकॉर्ड की बराबरी की और कुल 330 किलोग्राम के साथ नया गेम्स रिकॉर्ड दर्ज किया। हालांकि हिदायत ने अपने अंतिम प्रयास में 184 किलोग्राम वजन उठाकर एक बार फिर गेम्स रिकॉर्ड तोड़ा और कुल 331 किलोग्राम के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।
स्नैच में रहे सबसे आगे
स्नैच स्पर्धा में अजय बाबू ने शानदार शुरुआत की। उन्होंने पहले प्रयास में 145 किलोग्राम आसानी से उठा लिया। दूसरे प्रयास में 149 किलोग्राम उठाने में असफल रहे, लेकिन तीसरे और अंतिम प्रयास में शानदार वापसी करते हुए 149 किलोग्राम वजन उठाया और नया गेम्स रिकॉर्ड बना दिया।
स्नैच के बाद वह 149 किलोग्राम के साथ पहले स्थान पर रहे। इंग्लैंड के क्रिस मरे 148 किलोग्राम और मलेशिया के एरी हिदायत 147 किलोग्राम के साथ क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर थे।

तेजी से उभर रहे हैं अजय बाबू
वल्लुरी अजय बाबू को भारत के उभरते हुए वेटलिफ्टरों में गिना जाता है। उन्होंने 2025 कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप (अहमदाबाद) में पुरुषों के 79 किलोग्राम वर्ग में 335 किलोग्राम (152 किग्रा स्नैच + 183 किग्रा क्लीन एंड जर्क) का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता था। इस दौरान उन्होंने चैंपियनशिप रिकॉर्ड भी तोड़ा और इसी प्रदर्शन के दम पर ग्लासगो 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए सीधे क्वालिफाई किया।
इसके अलावा 2024 में फिजी देश की राजधानी सुवा में आयोजित हुई कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप प्रतियोगिता में उन्होंने पुरुषों के 81 किलोग्राम वर्ग में जूनियर और सीनियर दोनों वर्गों में दोहरे स्वर्ण पदक जीते थे। वहीं, 2025 विश्व वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप (फोर्डे, नॉर्वे) में 39 खिलाड़ियों के बीच उन्होंने कुल मिलाकर 16वां स्थान हासिल किया था।
बिंद्यारानी देवी ने जीता कांस्य पदक
ग्लासगो, भारत की बिंद्यारानी देवी ने महिलाओं के 58 किग्रा वर्ग में कुल 199 किग्रा वज़न उठाकर तीसरा स्थान हासिल किया और कॉमनवेल्थ गेम्स में अपना दूसरा मेडल जीता।
बर्मिंघम 2022 में सिल्वर मेडल जीतने वाली बिंद्यारानी ने स्नैच में 87 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 112 किग्रा वज़न उठाकर ब्रॉन्ज़ मेडल पक्का किया। यह भारत का भारोत्तोलन में पांचवां पदक है।
कॉमनवेल्थ गेम्स मेडलिस्ट बिंद्यारानी देवी ने स्नैच राउंड में 87 किग्रा के बेस्ट लिफ़्ट के साथ चौथे स्थान पर थीं। उन्होंने 83किग्रा से शुरुआत की, फिर इसे बेहतर करते हुए 85किग्रा और अपने तीसरे प्रयास में 87किग्रा वज़न उठाया। उन्होंने क्लीन एंड जर्क में 112 किग्रा वज़न उठाकर कांस्य पदक अपने नाम किया।
नाइजीरिया की राफियातु फोलाशाडे लावल ने 229 किग्रा (103 126) वजन उठाकर राष्ट्रमंडल खेल रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक जीता जबकि कनाडा की एन सोफी टैस्चेरो ने 215 किग्रा (94 121) वजन उठाकर रजत जीता।
भारत के आदित्य ने सेपांग इंटरनेशनल सर्किट पर अपनी पहली इंटरनेशनल रेस जीती
सेपांग (मलेशिया), भारतीय रेसर आदित्य पटनायक ने रविवार देर रात मशहूर सेपांग इंटरनेशनल सर्किट पर गोल्ड विओस चैंपियनशिप मलेशिया के राउंड 3 में स्पोर्टिंग क्लास में शानदार जीत हासिल की। आदित्य ने प्राइज़ मनी के तौर पर 15,000 मलेशिया रिंग्गित जीते।
मुंबई के इस युवा ड्राइवर ने रेस 1 में तीसरा स्थान हासिल किया और फिर रेस 2 जीतकर राउंड 3 में पोडियम पर टॉप स्थान पक्का किया। लगातार 2 साल तक पोलो कप इंडिया में वाइस-नेशनल चैंपियन रहने के बाद, इंटरनेशनल कार रेसिंग के अपने पहले ही साल में यह उनकी पहली इंटरनेशनल कार रेसिंग जीत है।
रेयो रेसिंग के आदित्य, जो पूर्व ऍफ़ 1 रेसर एलेक्स यंग की टीम एक्सल स्पोर्ट्स के लिए गाड़ी चला रहे थे, क्वालिफाइंग में चौथे स्थान पर ही रह पाए। बारिश और बदलते मौसम के कारण स्पोर्टिंग क्लास में 21 कारों के ग्रिड के लिए क्वालिफाइंग काफी मुश्किल हो गया था।
रेस 1 की शुरुआत में आदित्य कुछ स्थान पीछे हो गए क्योंकि शुरुआती कुछ मोड़ों पर आगे चल रही कारों का झुंड 4 कारों की चौड़ाई में चल रहा था। इसके बाद पूर्व भारतीय नेशनल कार्टिंग चैंपियन का मलेशिया के ताज ऐमन के साथ कड़ा मुकाबला हुआ। हालांकि, ऐमन और आदित्य से आगे लेव ज़ुआन यान ने जीत हासिल की।
रेस 1 में टॉप 8 में रहने वाले ड्राइवरों की स्थिति रेस 2 की शुरुआत के लिए उलट दी जाती है। आदित्य के तीसरे स्थान पर रहने का मतलब था कि उन्हें छठे स्थान से शुरुआत करनी थी। आदित्य ने अच्छी शुरुआत की और कुछ स्थान ऊपर चढ़े; तीसरे लैप तक वे तीसरे स्थान पर आ गए।

कुछ देर के लिए सेफ्टी कार का दौर चला और जब रेसिंग फिर से शुरू हुई, तो आदित्य ने एक बार फिर बढ़त बनाई और दूसरे स्थान पर आ गए। इसके बाद एडम मिकाइल के साथ ज़बरदस्त मुकाबला हुआ और आखिरकार आदित्य ने उन्हें पीछे छोड़ते हुए रेस में बढ़त बना ली। आदित्य ने फिर अपनी बढ़त और बढ़ा ली, लेकिन एक बार फिर सेफ्टी कार को बुलाना पड़ा। आदित्य ने अपनी बढ़त बनाए रखी और मिकाइल तथा आरिफ़ आज़मी से आगे रहते हुए अपनी पहली इंटरनेशनल जीत हासिल की। आदित्य पटनायक ने कहा, “पहली रेस पूरी तरह से कांटे की टक्कर वाली थी, और दूसरी रेस इस साल की मेरी सबसे बेहतरीन रेस बन गई – मुकाबला करके और जीत के लिए बढ़त हासिल करना बहुत शानदार अनुभव था।”
मलेशिया में आदित्य के साथ मौजूद और उन्हें कोचिंग दे रहे ‘रेयो रेसिंग’ के सीईओ सौरव बंद्योपाध्याय ने कहा, “आदित्य ने उन सभी कैटेगरी में खुद को साबित किया है जिनमें उन्होंने रेस की है। इंटरनेशनल रेसिंग के अपने पहले ही सीज़न में – चाहे वह कार्टिंग हो, फॉर्मूला कार हो या अब ‘वियोस चैलेंज’ – उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया है।”
मलेशिया के पूर्व ऍफ़ 1 रेसर एलेक्स यंग ने कहा, “मलेशिया में पहली बार रेस करने के बावजूद, आदित्य ने बहुत तेज़ी से माहौल के हिसाब से खुद को ढाल लिया। उनके साथ काम करना खुशी की बात रही। आज उनकी जीत पूरी तरह से उनके हक में थी और यह उनकी कड़ी मेहनत का नतीजा है।”
2023 में एफएमएससीआई नेशनल कार्टिंग चैंपियनशिप के चैंपियन रहे आदित्य का पिछले साल एक सिंगल-सीटर रेस के दौरान तेज़ रफ़्तार में भयानक एक्सीडेंट हो गया था। उनका हाथ टूट गया था और सर्जरी करवानी पड़ी थी, जिसकी वजह से उन्हें 2 महीने तक रेसिंग से दूर रहना पड़ा था। उन्होंने एक शानदार इंटरनेशनल सीज़न के साथ ज़बरदस्त वापसी की है। चैंपियनशिप में अभी एक राउंड बाकी है और आदित्य 88 पॉइंट्स के साथ तीसरे स्थान पर हैं।
ज्ञानेश्वरी यादव ने महिलाओं के 53 किग्रा इवेंट में सिल्वर मेडल जीता

ग्लासगो, ज्ञानेश्वरी यादव ने महिलाओं के 53 किग्रा फ़ाइनल में कुल 199 किग्रा वज़न उठाकर सिल्वर मेडल जीता और ग्लासगो में वेटलिफ्टिंग में मेडल जीतने वाली भारत की चौथी खिलाड़ी बनीं।
उन्होंने स्नैच में 88 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 111 किग्रा वज़न उठाया, जिससे कुछ समय के लिए गेम्स और कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड बना। बाद में नाइजीरिया की डिडिह ओनोमे ओमोलोला ने 113 किग्रा वज़न उठाकर इस रिकॉर्ड को बेहतर किया।