BRICS SUMMIT 2026 – DAY 1

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New Delhi – Bharat Mandapam -ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए दिल्ली पहुंचे उज्बेकिस्तान Uzbekistan के उप प्रधानमंत्री कुचकारोव. प्रधानमंत्री मोदी की अबू धाबी/Abu Dhabi के क्राउन प्रिंस/Crown Prince से द्विपक्षीय वार्ता

नई दिल्ली, उज्बेकिस्तान के उप प्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्री जमशिद कुचकारोव 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए शनिवार को नई दिल्ली पहुंचे। सम्मेलन में ब्रिक्स देशों के बीच आर्थिक सहयोग, वैश्विक विकास और आपसी साझेदारी से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

यहां पहुंचने पर जमशिद कुचकारोव का भारतीय अधिकारियों ने स्वागत किया। उनका स्वागत थिम्फू स्थित भारतीय दूतावास के उप मिशन प्रमुख अनिकेत गोविंद मांडवगणे ने किया।

भारत इस साल यहां राजधानी नई दिल्ली में 12-13 सितंबर को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। इस दौरान ब्रिक्स के भीतर लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास पर जोर दिया जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अबू धाबी के क्राउन प्रिंस से की द्विपक्षीय वार्ता

नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ द्विपक्षीय बैठक की। दोनों नेताओं ने भारत और अबू धाबी के बीच द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर व्यापक चर्चा की।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भागीदारी देश के रूप में अबू धाबी की भागीदारी का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने इस वर्ष जनवरी में यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की भारत यात्रा और मई में प्रधानमंत्री मोदी की यूएई यात्रा के दौरान हुई महत्वपूर्ण प्रगति को याद किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स में यूएई की सक्रिय और रचनात्मक भागीदारी की सराहना की। दोनों नेताओं ने शिखर सम्मेलन में सामने आए सकारात्मक परिणामों का स्वागत करते हुए साझा हितों और प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने तथा ब्रिक्स सहयोग को और मजबूत करने के लिए मिलकर काम जारी रखने पर सहमति जताई।

बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने यूएई की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (आईएचसी) द्वारा ओडिशा में 11.5 अरब अमेरिकी डॉलर के इंटीग्रेटेड ग्रीनफील्ड एल्युमीनियम प्रोजेक्ट में निवेश की घोषणा का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने उम्मीद जताई कि यह परियोजना ओडिशा को वैश्विक एल्युमीनियम विनिर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

बैठक में यूएई के नए सॉवरेन इन्वेस्टमेंट फंड ‘एल’आईएमएडी’ की भूमिका पर भी चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने माना कि यह फंड भारत और अबू धाबी के बीच आर्थिक साझेदारी को पारस्परिक लाभ के लिए और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

इसके अलावा, रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और नवाचार जैसे रणनीतिक एवं उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी दोनों नेताओं ने विचार-विमर्श किया। बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने भारत और यूएई के बीच नियमित उच्चस्तरीय संवाद की परंपरा को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।भारत-यूएई ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए रक्षा, अंतरिक्ष और प्रौद्योगिकी जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जताई सहमति

भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने अपने व्यापक रणनीतिक साझेदारी (कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप) संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और नवाचार जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। यह सहमति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान हुई बैठक में बनी।

बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों में पिछले वर्षों में हुई उल्लेखनीय प्रगति की समीक्षा की और इस बात पर जोर दिया कि भारत और यूएई साझा हितों और प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के लिए ब्रिक्स मंच सहित विभिन्न बहुपक्षीय मंचों पर मिलकर काम करना जारी रखेंगे। दोनों पक्षों ने माना कि ऊर्जा, व्यापार, निवेश, बुनियादी ढांचे और नई प्रौद्योगिकियों सहित कई क्षेत्रों में दोनों देशों की साझेदारी लगातार नई ऊंचाइयों तक पहुंच रही है।

बैठक में विशेष रूप से यूएई की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (आईएचसी) द्वारा ओडिशा में 11.5 अरब डॉलर की लागत से प्रस्तावित एकीकृत ग्रीनफील्ड एल्युमिनियम परियोजना का उल्लेख किया गया, जिसे भारत के इतिहास का सबसे बड़ा एकीकृत एल्युमिनियम निवेश माना जा रहा है।

इस दौरान, दोनों नेताओं ने कहा कि यह परियोजना ओडिशा को वैश्विक एल्युमिनियम विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है और भारत-यूएई निवेश सहयोग का एक बड़ा उदाहरण बनेगी।

नेताओं ने यह भी माना कि संप्रभु निवेश मंच एल-इमाद भारत और यूएई के बीच निवेश एवं आर्थिक सहयोग को और गहरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उनके अनुसार, इस मंच के माध्यम से दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक रणनीतिक निवेश और विकास साझेदारी को नई दिशा मिल सकती है।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि यह मुलाकात दोनों देशों के बीच शीर्ष नेतृत्व स्तर पर नियमित संवाद की परंपरा और संबंधों में पीढ़ियों से चली आ रही निरंतरता को प्रतिबिंबित करती है। भारत और यूएई के बीच मजबूत राजनीतिक विश्वास, गहरे आर्थिक संबंध और बढ़ती रणनीतिक साझेदारी दोनों देशों के रिश्तों की प्रमुख विशेषता बन चुके हैं।

अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान शुक्रवार को भारत पहुंचे थे ताकि भारत की अध्यक्षता में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग ले सकें। इस वर्ष भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता “बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी” विषय पर केंद्रित है।

गौरतलब है कि यूएई और भारत के बीच नेतृत्व स्तर पर संपर्क लगातार मजबूत हो रहे हैं। इससे पहले 16 जून 2026 को फ्रांस के एवियन में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की भी मुलाकात हुई थी। उस बैठक में भी निवेश, व्यापार और रणनीतिक सहयोग को और विस्तारित करने पर चर्चा हुई थी।

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