राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप 2026 में भारत का दबदबा, पुरुष और महिला टीम ने जीते खिताब
भारत ने 22वीं राष्ट्रमंडल टेबल टेनिस चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष और महिला दोनों टीम वर्गों के खिताब अपने नाम कर लिए।
मानुष शाह के शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारतीय पुरुष टीम ने बृहस्पतिवार को खेले गए फाइनल में मलेशिया को 3-2 से हराकर खिताब जीता। इससे पहले महिला टीम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए मलेशिया को एकतरफा मुकाबले में 3-0 से हराकर त्यागराज स्टेडियम में खिताब अपने नाम किया।

पुरुष टीम का फाइनल काफी चुनौतीपूर्ण रहा क्योंकि लीग चरण में भारत को मलेशिया के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। भारत ने अपनी टीम में हरमीत देसाई को शामिल नहीं किया, जबकि मलेशिया ने तीसरे मुकाबले के लिए अपने दूसरे खिलाड़ी को उतारा।
चौथे मैच में मानव ठक्कर ने बाएं हाथ के खिलाड़ी की शेन वोंग के खिलाफ 2-0 की बढ़त बना ली। लेकिन विश्व रैंकिंग में 204वें स्थान पर मौजूद मलेशियाई खिलाड़ी ने शानदार वापसी करते हुए विश्व नंबर 41 मानव को 2-3 से हरा दिया और मुकाबला 2-2 से बराबर कर दिया। इसके बाद खिताब का फैसला पांचवें और अंतिम मैच में दुनिया के 40वें नंबर के खिलाड़ी मानुष शाह के प्रदर्शन पर निर्भर था जिन्होंने निर्णायक मुकाबले में जैवेन चोंग के खिलाफ शुरुआत से अंत तक दबदबा बनाए रखा और सीधे गेमों में आसान जीत दर्ज कर भारत के लिए स्वर्ण पदक पक्का कर दिया।

इससे पहले तीसरे मैच में साथियान को होंग यू तेई के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा. महिला फाइनल में भारत ने मलेशिया को 3-0 से हराकर शानदार जीत दर्ज की। स्वास्तिका ने भारत को शुरुआती बढ़त दिलाने में सफलता हासिल की। एशियाई खेलों की टीम में चयन के बाद विश्व रैंकिंग में 67वें स्थान पर खिसकीं श्रीजा अकुला ने मुकाबले में 2-1 की बढ़त बनाई। लेकिन मलेशिया की करेन ने वापसी करते हुए स्कोर 2-2 कर दिया। पर श्रीजा ने निर्णायक गेम जल्दी जीत लिया।
इसके बाद विश्व रैंकिंग में 64वें स्थान पर मौजूद यशस्विनी ने पहला गेम गंवाने के बाद शानदार वापसी की और एलिस ली सियान चांग को 3-1 से हराकर भारत को खिताब दिला दिया। भारत की दोनों टीम को उनके प्रदर्शन के लिए 10,000 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।
भारतीय पुरुष लॉन बॉल्स जोड़ी ने टाई-ब्रेकर में बोत्सवाना को हराकर जीत की लय जारी रखी

ग्लास्गो, भारतीय पुरुष लॉन बॉल्स जोड़ी नवनीत सिंह और दिनेश कुमार ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए बृहस्पतिवार को राष्ट्रमंडल खेलों के सेक्शन बी के राउंड तीन के दूसरे मैच में बोत्सवाना को टाई-ब्रेकर में हराकर लगातार तीसरी जीत दर्ज की।
दूसरे मैच में भारत की नयनमोई सैकिया महिला एकल सेक्शनल सेक्शन सी में मलेशिया की एम्मा फिरयाना सरोजी से 0.5 . 1.5 से हार गई । पहला सेट 9-2 से जीतने के बाद भारतीय जोड़ी आसान जीत की ओर बढ़ती दिख रही थी, लेकिन बोत्सवाना ने जोरदार वापसी करते हुए दूसरा सेट 4-3 से अपने नाम कर लिया और मुकाबले को टाई-ब्रेकर तक पहुंचा दिया।

हालांकि निर्णायक टाई-ब्रेकर में नवनीत और दिनेश ने धैर्य बनाए रखा और दबाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ उन्होंने प्रतियोगिता में अपना अजेय रिकॉर्ड बरकरार रखा। ‘लीड’ नवनीत और ‘स्किप’ दिनेश ने पहले सेट में बेहतरीन तालमेल और सटीकता दिखाई। बोत्सवाना के कैजर गेचे और चार्ल्स डिटेको निरंतरता हासिल करने में संघर्ष करते रहे जबकि भारतीय खिलाड़ियों ने लगातार सटीक गेंदें डालकर शुरुआती बढ़त बना ली।
भारत ने पहले ‘एंड’ में एक अंक हासिल कर खाता खोला और इसके बाद मुकाबले पर पूरी तरह नियंत्रण कर लिया। दूसरे ‘एंड’ के बाद भारत ने 6-0 की मजबूत बढ़त बना ली और शानदार खेल जारी रखते हुए पहला सेट 9-2 से जीत लिया। दूसरे सेट की शुरुआत भी भारत के पक्ष में दिखी। चौथे ‘एंड’ तक भारत ने 3-1 की बढ़त बना ली थी। लेकिन पांचवें ‘एंड’ में बोत्सवाना ने शानदार वापसी करते हुए चार शॉट हासिल किए और दूसरा सेट 4-3 से जीतकर मुकाबला बराबरी पर ला दिया।

भारतीय जोड़ी ने टाई-ब्रेकर में शानदार संयम दिखाते हुए जीत हासिल की और अपना अजेय रिकॉर्ड कायम रखा। नवनीत और दिनेश ने तीन मैच में तीन जीत दर्ज कर ली हैं जिससे उनके नॉकआउट दौर में पहुंचने की संभावनाएं काफी मजबूत हो गई हैं। भारत सेक्शन बी में इंग्लैंड, नामीबिया, फॉकलैंड द्वीप समूह, कुक द्वीप समूह और बोत्सवाना के साथ है। अहम ग्रुप मुकाबले अभी बाकी हैं, लेकिन भारतीय जोड़ी फिलहाल अगले दौर में पहुंचने की मजबूत स्थिति में है।
राष्ट्रमंडल खेल 2026: लवप्रीत सिंह ने सुपर हेवीवेट भारोत्तोलन में जीता रजत

ग्लासगो, भारत के स्टार भारोत्तोलक लवप्रीत सिंह ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 में पुरुषों के +110 किग्रा सुपर हेवीवेट वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। स्कॉटिश इवेंट कैंपस में गुरुवार को खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में लवप्रीत ने कुल 388 किलोग्राम (स्नैच 176 किग्रा + क्लीन एंड जर्क 212 किग्रा) वजन उठाया। स्वर्ण पदक न्यूजीलैंड के डेविड एंड्रयू लिटी ने कुल 389 किलोग्राम वजन उठाकर केवल एक किलोग्राम के अंतर से जीता।
28 वर्षीय लवप्रीत, जिन्होंने 2022 बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में 109 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीता था, इस बार सुपर हेवीवेट वर्ग में और भी दमदार अंदाज में नजर आए। उन्होंने स्नैच में अपने तीनों प्रयास सफलतापूर्वक पूरे किए। पहले 168 किलोग्राम, फिर 173 किलोग्राम और अंत में 176 किलोग्राम वजन उठाकर उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों का नया रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।

मुकाबले का सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब स्वर्ण पदक के प्रबल दावेदार समोआ के सनेले माओ स्नैच में 175 किलोग्राम के तीनों प्रयासों में असफल रहे और प्रतियोगिता से बाहर हो गए। इसका पूरा फायदा लवप्रीत ने उठाया और 176 किलोग्राम का सफल प्रयास कर स्नैच के बाद 10 किलोग्राम की बढ़त बना ली।
हालांकि क्लीन एंड जर्क में मुकाबला पूरी तरह बदल गया। लवप्रीत ने 212 किलोग्राम का सफल प्रयास किया, लेकिन 217 किलोग्राम उठाने में असफल रहे। दूसरी ओर न्यूजीलैंड के डेविड लिटी ने 223 किलोग्राम का शानदार भार उठाकर क्लीन एंड जर्क का नया खेल रिकॉर्ड बनाया और कुल 389 किलोग्राम के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इसके बाद उन्होंने तीसरा प्रयास नहीं किया।

हालांकि स्वर्ण पदक लवप्रीत से एक किलोग्राम दूर रह गया, लेकिन उनका प्रदर्शन बेहद शानदार रहा। उन्होंने बर्मिंघम 2022 के कांस्य पदक से आगे बढ़ते हुए इस बार रजत पदक जीतकर भारतीय भारोत्तोलन अभियान का शानदार समापन किया और अंत तक स्वर्ण के लिए कड़ा संघर्ष किया।
विश्व कप स्वर्ण विजेताओं ईशा सिंह और नीरू धांडा को खेल मंत्री ने किया सम्मानित, हरसंभव सहयोग का दिया भरोसा

केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने गुरुवार को आईएसएसएफ विश्व कप-2026 में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय निशानेबाज ईशा सिंह और नायब सूबेदार नीरू धांडा को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने दोनों खिलाड़ियों को भविष्य के अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के लिए हरसंभव सरकारी सहयोग का भरोसा दिलाया।
डॉ. मांडविया ने कहा कि सरकार खिलाड़ियों को सर्वश्रेष्ठ सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा, सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है कि किसी भी प्रतियोगिता में प्रदर्शन के लिए आपको किसी प्रकार की कमी का सामना न करना पड़े। निशानेबाजी हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण खेलों में से एक है और 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक, 2030 राष्ट्रमंडल खेलों सहित आने वाले बड़े आयोजनों में हमें इस खेल से पदकों की सबसे अधिक उम्मीद है। हम चाहते हैं कि आप लॉस एंजिलिस ओलंपिक में भी भारत के लिए पदक जीतें।

उन्होंने कहा कि भारतीय निशानेबाजों की उपलब्धियां टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम, राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र, खेलो इंडिया और वैज्ञानिक प्रशिक्षण जैसी योजनाओं के माध्यम से खिलाड़ियों के विकास में किए गए दीर्घकालिक निवेश का परिणाम हैं। ईशा सिंह टॉप्स के कोर ग्रुप का हिस्सा हैं, जबकि नीरू धांडा टॉप्स डेवलपमेंट ग्रुप से जुड़ी हैं। दोनों खिलाड़ी खेलो इंडिया एथलीट भी रह चुकी हैं और अब 2026 एशियाई खेलों की तैयारियों में जुटी हैं।
हरियाणा के जींद की रहने वाली 26 वर्षीय नायब सूबेदार नीरू धांडा ने इटली के लोनाटो में आयोजित आईएसएसएफ विश्व कप में इतिहास रचते हुए विश्व कप में ट्रैप स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला निशानेबाज बनने का गौरव हासिल किया। उन्होंने क्वालिफिकेशन में 125 में से 121 अंक हासिल कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया और फाइनल में फ्रांस की पूर्व विश्व चैंपियन कैरोल कॉर्मेनियर को हराकर स्वर्ण पदक जीता। भारतीय सेना की कॉर्प्स ऑफ मिलिट्री पुलिस में नायब सूबेदार नीरू, महू स्थित आर्मी मार्क्समैनशिप यूनिट में प्रशिक्षण लेती हैं। इससे पहले वह 2025 एशियाई निशानेबाजी चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं।

चीन के हांगझोउ में आयोजित आईएसएसएफ विश्व कप में 21 वर्षीय ईशा सिंह ने महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीतकर इस वर्ष इस स्पर्धा में अपना दूसरा विश्व कप स्वर्ण अपने नाम किया। एशियाई खेलों की दो बार की रजत पदक विजेता ईशा ने फाइनल में मेजबान चीन की चुनौती को पीछे छोड़ा। पिछले वर्ष उन्होंने दोहा विश्व चैंपियनशिप में महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में कांस्य जीतकर विश्व चैंपियनशिप पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनने का रिकॉर्ड बनाया था। इसके अलावा उन्होंने म्यूनिख विश्व कप में 43 अंकों के विश्व रिकॉर्ड के साथ 25 मीटर पिस्टल का स्वर्ण पदक भी अपने नाम किया।
दोनों निशानेबाजों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए खेल मंत्री ने विश्वास जताया कि वे आगामी एशियाई खेलों और लॉस एंजिलिस ओलंपिक में भी भारत का नाम रोशन करेंगी।