CMO -खराब सड़कों को तत्काल बनाएं, नवीनीकरण भी हो : मुख्यमंत्री याेगी

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Lucknow/ Uttar Pradesh : Super CM Yogi called up CPWD top officials meeting to take status of broken damaged roads and get them repaired on urgent basis. CM instructed for immediate action once the monsoon season is over. बारिश से खराब सड़कों को तत्काल मोटरेबल बनाएं, बरसात के बाद नवीनीकरण भी हो : मुख्यमंत्री याेगी

-आगामी पर्व-त्योहारों से पहले प्रमुख मार्गों को प्राथमिकता से गड्ढामुक्त करें : मुख्यमंत्री योगी

लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बारिश और बाढ़ से खराब हुई सड़कों की तत्काल मरम्मत कर उन्हें आवागमन के योग्य बनाने और बरसात के बाद जरूरत के अनुसार उनका नवीनीकरण कराने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि बारिश अभी जारी है, इसलिए सड़कों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए और बारिश से नए क्षतिग्रस्त मार्गों का भी सर्वे कराया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी पर्व-त्योहारों में बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होगा। ऐसे में प्रमुख मार्गों पर आवागमन में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने पर्वों से पहले आवश्यक मरम्मत और नवीनीकरण के काम पूरे करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि गड्ढामुक्ति का काम केवल पैचवर्क तक सीमित न रहे। जहां सड़क तत्काल खराब स्थिति में है, वहां उसे अभी मोटरेबल बनाया जाए और बरसात समाप्त होने के बाद जरूरत के अनुसार स्थायी नवीनीकरण कराया जाए।

बैठक में बताया गया कि अतिवृष्टि के साथ ही एक्सप्रेस-वे, राष्ट्रीय मार्ग, रेलवे आदि की निर्माणाधीन परियोजनाओं के कारण भारी वाहनों की आवाजाही से भी कई सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इन मार्गों का विभागवार सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे के आधार पर क्षतिग्रस्त सड़कों को चिन्हित कर गड्ढामुक्ति के विभागवार लक्ष्य तय किए जाएंगे।

आगामी पर्वों को देखते हुए प्रदेश में 681 महत्वपूर्ण मार्ग चिन्हित किए गए हैं। इनमें गणेश चतुर्थी, विश्वकर्मा पूजा, नवरात्रि, दीपावली, छठ पूजा और कार्तिक पूर्णिमा जैसे प्रमुख पर्वों के दौरान अधिक आवागमन वाले मार्ग शामिल हैं। इन मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर बेहतर स्थिति में रखने की तैयारी है।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों से भी उनकी कार्ययोजना की जानकारी ली। साथ ही मंडी परिषद, पंचायती राज, सिंचाई, ग्राम्य विकास, नगर विकास, आवास एवं शहरी नियोजन तथा अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग की कार्ययोजनाओं की समीक्षा की गई। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ काम करने पर जोर दिया।

विभाग के प्रस्तुतिकरण में बताया गया कि गड्ढामुक्ति अभियान में 09 विभागों के मार्ग शामिल हैं। इन विभागों के अधीन करीब 4.36 लाख किलोमीटर सड़कें हैं। वर्तमान लक्ष्य के तहत करीब 50 हजार किलोमीटर मार्गों को गड्ढामुक्त किया जाना है, जिसमें अब तक करीब 5,751 किलोमीटर पर काम पूरा किया जा चुका है। क्षतिग्रस्त मार्गों के सर्वे के बाद विभागवार लक्ष्य को अंतिम रूप दिया जाएगा।

नवीनीकरण और विशेष मरम्मत के कार्यों की भी समीक्षा की गई। विभाग के अनुसार नवीनीकरण के लिए करीब 30 हजार किलोमीटर और विशेष मरम्मत के लिए करीब पांच हजार किलोमीटर का लक्ष्य रखा गया है। अब तक नवीनीकरण में करीब 14 हजार किलोमीटर और विशेष मरम्मत में करीब 700 किलोमीटर की प्रगति बताई गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क आम आदमी के रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ी है। शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, मुख्य बाजारों, सरकारी कार्यालयों और ऐसे अन्य स्थानों, जहां आमजन का आवागमन अधिक रहता है, वहां की सड़कों को प्राथमिकता पर लिया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन मार्गों पर तत्काल काम शुरू कराया जाए और जहां मरम्मत की जरूरत है, वहां बिना देरी किए सड़क को आवागमन योग्य बनाया जाए। उन्होंने कहा कि काम में तेजी के साथ गुणवत्ता का भी पूरा ध्यान रखा जाए।

बैठक में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर, राज्य मंत्री लोक निर्माण विभाग ब्रजेश सिंह, राज्य मंत्री औद्योगिक विकास विभाग जसवंत सिंह सैनी, राज्य मंत्री जल शक्ति रामकेश निषाद तथा राज्य मंत्री ग्राम्य विकास विजय लक्ष्मी गौतम उपस्थित रहे।

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