Survey for elevated corridors in Varanasi is completed and forwarded for approvals. Besides that development projects worth 25,000 crores will be started soon in Varanasi Kaashi. एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए सर्वे पूरा, विभागीय मंजूरी का इंतजार, काशी में 25 हजार करोड़ की परियोजना लेगी आकार
वाराणसी, करीब 25 हजार करोड़ रुपये की लागत वाले 89 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण की तैयारियां अब अगले चरण में पहुंच गई हैं। परियोजना के दायरे में आने वाले सभी गांवों का सर्वे करीब दो महीने में पूरा कर लिया गया है। सर्वे के दौरान प्रस्तावित कॉरिडोर की जद में आने वाले क्षेत्रों, जमीन और प्रभावित परिसंपत्तियों से संबंधित जरूरी जानकारी जुटाई गई है। अब सर्वे रिपोर्ट के आधार पर संबंधित विभागों से अनुमति और अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लेने की प्रक्रिया चल रही है।
अधिकारियों के अनुसार विभागीय स्तर की सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अक्तूबर में परियोजना की पूरी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। शासन स्तर पर प्रस्ताव का परीक्षण और आवश्यक स्वीकृतियां मिलने के बाद निर्माण की अगली प्रक्रिया शुरू होगी। ऐसे में फिलहाल परियोजना की गति विभागीय अनुमतियों और शासन की मंजूरी पर निर्भर है।
सर्वे में जुटाई गई जमीन और परिसंपत्तियों की जानकारी

गांवों में सर्वे पूरा होने के बाद संबंधित विभागों को उनकी मंजूरी और अनापत्ति के लिए रिपोर्ट भेजी गई है। अधिकारियों का कहना है कि सर्वे में परियोजना के लिए आवश्यक भूमि, प्रभावित क्षेत्र और वहां मौजूद परिसंपत्तियों की स्थिति से जुड़ी जानकारी दर्ज की गई है। विभागीय रिपोर्ट मिलने के बाद परियोजना की समग्र रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी।
केंद्र से मिल चुकी है करीब 25 हजार करोड़ की मंजूरी
केंद्र सरकार ने जुलाई में एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए करीब 25 हजार करोड़ रुपये की मंजूरी दी थी। इसका निर्माण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर कराया जाना है। परियोजना में मुख्य एलिवेटेड मार्ग के साथ फ्लाईओवर, लूप, रैंप और लिंक रोड भी प्रस्तावित हैं।
39 गांवों की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पहले से चिह्नित
इससे पहले केंद्र सरकार के राजपत्र में परियोजना के एक हिस्से के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया से जुड़े 39 गांवों को चिह्नित किया गया था। निर्माण के लिए एनएचएआई की ओर से पैकेजवार निविदा प्रक्रिया भी शुरू की जा चुकी है। अब सर्वे पूरा होने के बाद विभागीय एनओसी और शासन की स्वीकृति मिलने के साथ परियोजना के निर्माण की दिशा में आगे की कार्रवाई तेज होने की उम्मीद है।