Assam Guwahati Exclusive report – Shakti-peeth Maa Kamakhya Devi temple will stay closed for general public due to Ambubachi Maha Parv occasion. The temple will reopen now on June 2026. Special Report By – Heman Das / Guwahati Assam
अंबुवाची पर्व की हुई शुरुआत, मां कामाख्या मंदिर के कपाट तीन दिन के लिए बंद, 26 जून को होंगे दर्शन

वाराणसी, शक्ति उपासना का महापर्व अंबुवाची बुधवार से विधिवत शुरू हो गया। इसके साथ ही काशी के कमच्छा स्थित प्राचीन मां कामाख्या मंदिर में विशेष वैदिक अनुष्ठानों और पूजन-अर्चन के बाद मंदिर के कपाट तीन दिनों के लिए बंद कर दिए गए। अब 26 जून को विशेष पूजा, श्रृंगार और महाभिषेक के बाद श्रद्धालुओं के लिए कपाट खोल दिए जाएंगे।

अंबुवाची पर्व को देवी शक्ति की आराधना का अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। मान्यता है कि इस अवधि में मां भगवती रजस्वला होती हैं, इसलिए इन तीन दिनों तक मंदिर के गर्भगृह में नियमित दर्शन और पूजा-अर्चना स्थगित रहती है। इस दौरान केवल निर्धारित विधि-विधान से पुजारीगण ही विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराते हैं।
बुधवार सुबह मंदिर में मां कामाख्या का विशेष श्रृंगार किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन-अर्चन के बाद विधिवत मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। भक्तों ने कपाट बंद होने से पहले मां के दर्शन कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।

मंदिर के प्रधान पुजारी देवेंद्रपुरी ने बताया कि अंबुवाची पर्व के दौरान तीन दिनों तक गर्भगृह पूरी तरह बंद रहेगा। 26 जून को विशेष अनुष्ठानों के साथ गर्भगृह का पट खोला जाएगा। इस अवसर पर मां का भव्य श्रृंगार, श्रीमहामुद्रा यंत्र का महाभिषेक एवं विशेष पूजा संपन्न होगी। इसके बाद श्रद्धालुओं को श्रीमहामुद्रा यंत्र के दर्शन और मां कामाख्या के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होगा।

उन्होंने बताया कि अंबुवाची पर्व के समापन के बाद 30 जून को मां को अर्पित पवित्र चुनरी श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद स्वरूप वितरित की जाएगी। ऐसी मान्यता है कि मां की यह चुनरी घर में रखने से सुख-समृद्धि, आरोग्य और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।

अंबुवाची पर्व के दौरान मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा, साफ-सफाई और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की है। पर्व के समापन और कपाट खुलने के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ किया गया है।
शक्ति साधना और तांत्रिक परंपरा से जुड़े इस पर्व का विशेष महत्व है। काशी सहित देशभर से श्रद्धालु मां कामाख्या की कृपा प्राप्त करने के लिए इस अवसर का इंतजार करते हैं। 26 जून को कपाट खुलने के साथ ही मंदिर में दर्शन-पूजन का क्रम पुनः शुरू होगा।