PMO -एंटी पेपर लीक बिल पास होने पर पीएम मोदी का संदेश

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Prime Minister Addressed the Nation on Paper leak Prevention Bill approval. एंटी पेपर लीक बिल पास होने पर पीएम मोदी का संदेश, वादा हुआ पूरा, पेपर माफियाओं को नहीं जाएगा बख्शा

नई दिल्ली, संसद के दोनों सदनों में ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (गलत तरीकों की रोकथाम) अमेंडमेंट बिल, 2026’ के पास होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे एक भरोसेमंद और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है।

परीक्षा व्यवस्था में सुधार और सख्ती

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में कहा कि देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले पेपर माफियाओं और गिरोहों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का भरपूर इस्तेमाल किया जा रहा है।

बिल के मुख्य प्रावधान और आगे की प्रक्रिया

यह नया कानून परीक्षा में होने वाली गड़बड़ियों और पेपर लीक को रोकने के लिए कड़े दंड, समयबद्ध जांच और विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट का प्रावधान करता है। संसद की मंजूरी मिलने के बाद अब इस महत्वपूर्ण विधेयक को अंतिम स्वीकृति के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा।

प्रदर्शनकारियों पर दर्ज प्राथमिकी वापस लेगी सरकार, आपराधिक रिकॉर्ड वालों को राहत नहीं

नई दिल्ली, दिल्ली सरकार ने नीट (यूजी) परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में हुए प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण राहत देने का निर्णय लिया है। दिल्ली सरकार ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि इन प्रदर्शनों में शामिल लोगों के खिलाफ कोई प्रतिकूल कानूनी कार्रवाई नहीं की जायेगी, हालांकि यह राहत आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों पर लागू नहीं होगी। गृह विभाग के अनुसार, 29 जुलाई की शाम छह बजे तक दिल्ली पुलिस ने इन विरोध-प्रदर्शनों से संबंधित कुल 13 मामले दर्ज किये थे। सरकार ने बताया कि यह निर्णय 28 जुलाई को उच्चतम न्यायालय के दिये गये निर्देशों तथा सभी तथ्यों एवं परिस्थितियों पर विचार करने के बाद लिया गया है।

सरकार ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में किसी भी पुलिस प्राधिकरण द्वारा इन प्रदर्शनों में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध कोई प्रतिकूल कानूनी कार्रवाई नहीं की जायेगी , हालांकि जिन लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड है, उन्हें यह संरक्षण नहीं मिलेगा, जैसा कि उच्चतम न्यायालय के आदेश में स्पष्ट किया गया है।

दिल्ली सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि यदि इन मामलों में किसी व्यक्ति को गिरफ्तार या निरुद्ध किया गया है, तो ऐसे मामलों की तत्काल समीक्षा कर उनकी शीघ्र रिहाई की प्रक्रिया शुरू की जायेगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध भविष्य में कोई अतिरिक्त प्रतिकूल कार्रवाई प्रस्तावित नहीं है और इस विषय को आगे किसी अतिरिक्त कार्रवाई के बिना समाप्त माना जायेगा।

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